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AI से चलेगी कंपनी? TCS और Anthropic की पार्टनर्शिप, कर्मचारियों को मिलेगा Claude AI

भारतीय कंपनी टीसीएस ने अमेरिकी AI स्टार्टअप एंथ्रॉपिक के साथ करार किया है. इसके तहत अब कर्मचारियों को Claude यूज करने के लिए दिया जाएगा. एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इससे हायरिंग पर ब्रेक लग सकता है.

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टीसीएस और एंथ्रॉपिक की पार्टनर्शिप
टीसीएस और एंथ्रॉपिक की पार्टनर्शिप

भारत की सबसे बड़ी IT कंपनियों में से एक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में बड़ा कदम उठा लिया है. कंपनी एंथ्रॉपिक के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत टीसीएस अपने करीब 50,000 कर्मचारियों को Claude AI का एक्सेस देने जा रही है.

यह सिर्फ एक टेक डील नहीं है, बल्कि IT इंडस्ट्री में बड़े बदलाव है. TCS का कहना है कि इस साझेदारी के जरिए इंजीनियरिंग, मार्केटिंग, लीगल, फाइनेंस और दूसरे बिजनेस फंक्शन्स में AI को तेजी से इस्तेमाल किया जाएगा.

दरअसल Claude AI, ChatGPT जैसे एडवांस AI मॉडल्स में से एक है, जिसे खास तौर पर सेफ और एंटरप्राइज यूज के लिए डिजाइन किया गया है. TCS अब इसे अपने कामकाज में शामिल कर रही है ताकि प्रोडक्टिविटी बढ़ाई जा सके और काम की स्पीड तेज हो सके.

लेकिन इस खबर का दूसरा पहलू भी है. इस डील से आने वाले समय में कंपनी में कम होगी भर्ती और हायरिंग पैटर्न भी बदल जाएगा. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक टीसीएस ने बताया है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कंपनी अपनी हायरिंग स्ट्रेटजी में बदलाव कर सकती है. यानी आने वाले समय में नई भर्तियां कम हो सकती हैं और फोकस AI स्किल्स पर शिफ्ट होगा.

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यह ट्रेंड सिर्फ टीसीएस तक सीमित नहीं है. दुनिया भर की टेक कंपनियां AI को तेजी से अपना रही हैं, जिससे पारंपरिक नौकरियों पर असर पड़ रहा है. खासकर एंट्री लेवल जॉब्स में दबाव बढ़ सकता है.

अगर आसान भाषा में समझें तो पहले जहां एक काम के लिए बड़ी टीम की जरूरत होती थी, अब वही काम AI और छोटी टीम मिलकर कर सकती है. इससे कंपनियों का खर्च कम होता है और काम तेजी से पूरा होता है.

50,000 कर्मचारियों के लिए क्या बदलेगा?

TCS के कर्मचारियों के लिए यह बड़ा बदलाव होने वाला है. अब उन्हें सिर्फ अपने काम की स्किल ही नहीं, बल्कि AI टूल्स के साथ काम करना भी सीखना होगा.

Claude AI की मदद से कर्मचारी कोड लिख सकते हैं, डेटा एनालिसिस कर सकते हैं, रिपोर्ट बना सकते हैं और यहां तक कि क्लाइंट कम्युनिकेशन भी बेहतर कर सकते हैं. यानी AI यहां नौकरी खत्म करने नहीं, बल्कि काम का तरीका बदलने आया है.

भारत के IT सेक्टर पर असर

भारत का IT सेक्टर पहले से ही ट्रांसफॉर्मेशन के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में TCS जैसी बड़ी कंपनी का AI की तरफ झुकाव पूरे सेक्टर के लिए सिग्नल है. आने वाले समय में Infosys, Wipro और दूसरी कंपनियां भी इसी रास्ते पर चल सकती हैं. इसका मतलब है कि IT सेक्टर में स्किल्स की मांग बदलने वाली है.

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अब सिर्फ कोडिंग जानना काफी नहीं होगा. AI को समझना और उसके साथ काम करना जरूरी होगा. टीसीएस और एंथ्रॉपिक की यह डील सिर्फ एक पार्टनरशिप नहीं है. यह उस बदलाव की शुरुआत है जहां कंपनियां इंसानों और AI को साथ लेकर काम करेंगी.

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