scorecardresearch
 

सूर्या मिधा.. 22 साल में बने अरबपति, बनाए 20 हजार करोड़, मार्क जकरबर्ग को भी छोड़ा पीछे

भारतीय मूल के सूर्या मिधा ने पैसे कमाने के मामले में मार्क जकरबर्ग को एक तरह से पीछे छोड़ दिया है. दरअसल 22 साल में सूर्या की जितनी नेटवर्थ है उनती नेटवर्थ जकरबर्ग की 23 साल मे हुई थी.

Advertisement
X
सूर्या मिधा
सूर्या मिधा

22 साल की उम्र में ज्यादातर लोग कॉलेज खत्म करने, पहली नौकरी ढूंढने या करियर समझने में लगे होते हैं. लेकिन भारतीय मूल के सूर्य मिधा ने इस उम्र में वो कर दिखाया है, जो कभी मार्क जकरबर्ग ने किया था. फर्क सिर्फ इतना है कि सूर्य ने यह रिकॉर्ड जकरबर्ग से भी कम उम्र में बना कर अलग ही रिकॉर्ड बना दिया.

फोर्ब्स की 2026 बिलियनेयर लिस्ट में सूर्य मिधा दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ मेड अरबपतियों में शामिल हो गए हैं. उनकी कुल संपत्ति करीब 2.2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 18 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है.

यह भी पढ़ें: 23 साल की लड़की, एक ऐप और 2 साल से कम समय में ही बना दी 1700 करोड़ रुपये की कंपनी

सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पैसा उन्हें किसी फैमिली बिजनेस या विरासत से नहीं मिला, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बनाई गई अपनी कंपनी से मिला है.

सूर्य मिधा की कहानी सिलिकॉन वैली के उस नए दौर को दिखाती है, जहां AI सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि अरबों डॉलर की नई मशीन बन चुका है. एलेग्जेंडर वॉन्ग भी इसका एक उदाहरण हैं. 29 साल की उम्र में उनकी करीब 30 हजार करोड़ रुपये की नेटवर्थ है और वो सिर्फ AI की वजह से ही मुमकिन हो पाया.

Advertisement

AI बेस्ड कंपनी Mercor की शुरुआत 

सूर्य मिधा ने अपने दोस्तों ब्रेंडन फूडी और आदर्श हिरेमथ के साथ मिलकर Mercor नाम की कंपनी बनाई थी. यह कंपनी नॉर्मल हायरिंग एजेंसी की तरह काम नहीं करती.

इसका पूरा सिस्टम AI पर चलता है. आसान लैंग्वेज में समझें तो Mercor कंपनियों के लिए ऐसे लोगों को ढूंढती है जो AI मॉडल ट्रेन कर सकें, रिसर्च कर सकें या टेक्निकल काम कर सकें. बड़ी AI लैब्स और टेक कंपनियां अब इसी तरह के टैलेंट की तलाश में हैं.

AI बूम के बाद दुनिया भर में हजारों कंपनियों को अचानक ऐसे लोगों की जरूरत पड़ी जो मशीन लर्निंग, डेटा ट्रेनिंग और AI सिस्टम समझते हों. Mercor ने इसी जरूरत को बिजनेस बना दिया.

यह भी पढ़ें: 19 साल में छोड़ी पढ़ाई, 29 साल का ये लड़का है 30 हजार करोड़ का मालिक!

कंपनी खुद AI की मदद से लोगों का इंटरव्यू लेती है, स्किल चेक करती है और फिर सही कंपनी से मैच कराती है. यही मॉडल इतना तेजी से बढ़ा कि कुछ ही साल में कंपनी की वैल्यू 10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई.

फोर्ब्स के मुताबिक Mercor की सालाना कमाई भी बेहद तेजी से बढ़ी. मार्च 2025 में जहां कंपनी लगभग 100 मिलियन डॉलर सालाना रेवेन्यू पर थी, वहीं सितंबर तक यह आंकड़ा 500 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. AI इंडस्ट्री में इतनी तेज ग्रोथ बहुत कम कंपनियां हासिल कर पाती हैं.

Advertisement

यही वजह है कि निवेशकों ने कंपनी में भारी पैसा लगाया. बेंचमार्क, फेलिसिस और जनरल कैटिलिस्ट जैसे बड़े इन्वेस्टर्स ने Mercor पर दांव लगाया. इसके बाद कंपनी की वैल्यू आसमान छूने लगी और तीनों दोस्त अरबपति बन गए.

जकरबर्ग से एक साल कम में किया कारनामा

सूर्य मिधा की कहानी इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने मार्क जकरबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ दिया. जकरबर्ग 23 साल की उम्र में अरबपति बने थे, लेकिन सूर्य 22 साल में ही इस क्लब में पहुंच गए. फोर्ब्स ने उन्हें यंगेस्ट सेल्फ मेड बिलिनयर कहा है.

दिलचस्प बात यह भी है कि सूर्य और उनके को फाउंडर्स ट्रेडिशनल कॉर्पोरेट बैकग्राउंड से नहीं आए थे. वे डिबेट टीम के दोस्त थे और उन्होंने कॉलेज ड्रॉपआउट रास्ता चुना. सिलिकॉन वैली में में अब यह नया ट्रेंड बनता जा रहा है, जहां युवा फाउंडर्स AI स्टार्टअप बनाकर कुछ ही साल में बड़ी कंपनियों को चुनौती दे रहे हैं.

आज AI सिर्फ ChatGPT या फोटो एडिटिंग तक सीमित नहीं है. हायरिंग, कोडिंग, हेल्थकेयर, फाइनांस और एजुकेशन जैसे सेक्टर में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इसी लहर पर सवार होकर Mercor जैसी कंपनियां अरबों डॉलर की बन रही हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement