भारत सरकार की एजेंसी ने स्मार्टफोन, टैबलेट और कंप्यूटर यूजर्स के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी ऐपल के डिवाइसेस के लिए जारी की है, जिसमें मल्टीपल वल्नरबिलिटीज का पता चला है. इसकी वजह से हैकर्स डिवाइस को आसानी से निशाना बना सकते हैं.
कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (CERT-In) ने बताया है कि ये वल्नरबिलिटीज iPhone, iPad और मैक सिस्टम को आसानी से निशाना बना सकेंगे. CERT-In ने ये एडवाइजरी 19 मार्च 2026 को जारी की है.
CERT-In की एडवाइजरी में बताया है कि इन वल्नरबिलिटीज का फायदा हैकर्स उठा सकते हैं और डिवाइस का एक्सेस हासिल कर सकते हैं. इसकी मदद से वे आसानी से डिवाइस को निशाना बना सकते हैं.
वल्नरबिलिटीज क्या होते हैं?
वल्नरबिलिटीज असल में कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क, या सॉफ्टवेयर में मौजूद वह कमजोरी या खामी होती हैं. इसका फायदा उठाकर हैकर्स आपके डिवाइस तक एक्सेस बना सकते हैं और डेटा में सेंधमारी करेंगे.
CERT-In ने किया है पोस्ट
अलग-अलग वर्जन पर पड़ा है असर
सरकारी एजेंसी के मुताबिक, इन वल्नरबिलिटीज का असर अलग-अलग वर्जन पर दिखाई दिया है. ये सभी ऐपल के ही ऑपरेटिंग सिस्टम है. इसमें macOS के पुराने वर्जन 13.5, 14.2 और 14.3 के नाम शामिल हैं.
इसके अलावा iOS और iPadOS 15.8.7 से पुराने वर्जन, 16.7.5, 16.7.15 और 17.3 वर्जन के लिए एडवाइजरी जारी की है.
CERT-In की तरफ से सभी यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे अपने हैंडसेट को लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) के साथ जरूर अपडेट कर लें, जो कंपनी की तरफ से लेटेस्ट जारी किया है.
सेफ्टी के लिए यूजर्स OS को रखें अप टू डेट
ऐपल आईफोन यूजर्स अपने डिवाइस की सेटिंग्स में जाकर लेटेस्ट अपडेट को लेकर चकें करें और फिर उसके साथ अपने डिवाइस को अपडेट कर लें. डिवाइस को हमेशा लेटेस्ट वर्जन के साथ अप टू डेट रखना चाहिए.