scorecardresearch
 

Gen Z के पास हर सवाल का जवाब, फिर भी क्या सीखने में पिछड़ रही है ये पीढ़ी?

अमेरिका ने स्कूलों में लैपटॉप और टेक्नोलॉजी पर अरबों डॉलर खर्च किए, लेकिन क्या इससे बच्चों की सीखने की केपेबिलिटी पर असर पड़ा? फॉरच्यून की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि जेन जी की याददाश्त, ध्यान लगाने और सोचने की केपेबिलिटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. आखिर पढ़ाई में टेक्नोलॉजी का बढ़ता यूज बच्चों के सीखने के तरीके को कैसे बदल रहा है?

Advertisement
X
क्या टेक्नोलॉजी ने किया जेन जी को कमजोर?
क्या टेक्नोलॉजी ने किया जेन जी को कमजोर?

आज जेन जी के पास किसी भी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए बुक्स पलटने या घंटों लाइब्रेरी में बैठने की जरूरत नहीं है. फोन उठाइए, गूगल पर सर्च कीजिए या AI से पूछ लीजिए, जवाब कुछ ही सेकेंड में सामने आ जाता है. लेकिन इस आसानी के बीच एक सवाल भी खड़ा हो रहा है, क्या इन्फॉर्मेशन तक इतनी आसान पहुंच जेन जी को बेहतर तरीके से सीखने में हेल्प कर रही है या खुद सोचने की आदत को कम कर रही है?

फॉर्च्यून की एक रिपोर्ट में जेन जी की सीखने की केपेबिलिटी और पढ़ाई में टेक्नोलॉजी के बढ़ते यूज को लेकर इसी तरह की चिंता जताई गई है. रिपोर्ट में न्यूरोसाइंटिस्ट जेरेड कूनी होर्वाथ के विचारों का जिक्र है, जिन्होंने कहा कि जेन जी ने कुछ स्टैंडर्ड टेस्ट में अपने से पिछली पीढ़ी के मुकाबले कम स्कोर किया है.

जवाब मिलना और बात समझना अलग-अलग चीजें

जेन जी की डेली लाइफ में टेक्नोलॉजी की बड़ी जगह है. कॉलेज का असाइनमेंट हो, किसी मुश्किल टॉपिक को समझना हो या प्रेजेंटेशन बनानी हो, डिजिटल टूल्स हर काम को आसान बना सकते हैं. लेकिन परेशानी तब हो सकती है, जब आसानी से जवाब मिल जाने को ही सीखना समझ लिया जाए.

उदाहरण के लिए, किसी सवाल का जवाब AI से लेकर असाइनमेंट पूरा करना आसान है. लेकिन अगर जवाब पढ़ने के बाद भी ये समझ न आए कि उसे कैसे निकाला गया, तो उस जानकारी का फायदा लिमिटेड रह जाता है. यानी काम पूरा हो गया, लेकिन जरूरी नहीं कि टॉपिक भी समझ आ गया हो.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Gen Z Slangs: Gen Z की तरह करना चाहते हैं बात? जानिए इन पॉपुलर शब्दों का मतलब

क्या स्क्रीन पर पढ़ते टाइम ध्यान भटकता है?

लैपटॉप या फोन पर पढ़ाई करते टाइम सोशल मीडिया नोटिफिकेशन, छोटे वीडियो और दूसरी वेबसाइट भी कुछ ही क्लिक की दूरी पर होती हैं. पढ़ाई के बीच बार-बार इनकी तरफ ध्यान जाने से किसी टॉपिक पर लंबे टाइम तक ध्यान लगाना मुश्किल हो सकता है.

यही वजह है कि पढ़ाई में टेक्नोलॉजी के यूज पर नए सिरे से चर्चा हो रही है. अमेरिका ने स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए थे. इसके बावजूद अब ये सवाल उठाया जा रहा है कि क्या टेक्नोलॉजी की सुविधाओं से बच्चों की सीखने की केपेबिलिटी में उतना सुधार हुआ, जितनी उम्मीद थी.

क्या जेन जी सच में कम स्मार्ट है?

कुछ टेस्ट में कम स्कोर करने का मतलब ये नहीं है कि पूरी जेन जी पीढ़ी कम बुद्धिमान है. किसी पीढ़ी की सीखने की क्षमता पर फैसला करने के लिए कई तरह के सबूत और दूसरे कारणों को देखना जरूरी है. टेक्नोलॉजी अपने आप में न अच्छी है, न बुरी. उसका असर इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है.

Advertisement

जेन जी के लिए असली चैलेंज जानकारी ढूंढना नहीं, बल्कि उसे समझना, याद रखना और जरूरत पड़ने पर खुद यूज करना है. क्योंकि इंटरनेट आपको जवाब दे सकता है, लेकिन उस जवाब को समझने और उस पर सोचने का काम आपको ही करना होगा. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement