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पुजारा-विजय ने तोड़ा 65 साल पुराना रिकार्ड

भारत की नई रन मशीन चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय ने रविवार को दूसरे विकेट के लिये 294 रन की अटूट साझेदारी करके ऑस्‍ट्रेलिया के महान क्रिकेटर सर डान ब्रैडमैन और सिडनी बर्न्‍स के 65 साल का पुराना रिकार्ड तोड़ दिया.

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चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय
चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय

भारत की नई रन मशीन चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय ने रविवार को दूसरे विकेट के लिये 294 रन की अटूट साझेदारी करके ऑस्‍ट्रेलिया के महान क्रिकेटर सर डान ब्रैडमैन और सिडनी बर्न्‍स के 65 साल का पुराना रिकार्ड तोड़ दिया.


पुजारा और विजय की साझेदारी भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच दूसरे विकेट के लिये नया रिकार्ड है. इससे पहले ब्रैडमैन और बर्न्‍स ने जनवरी 1948 में एडिलेड में 236 रन की साझेदारी की थी.

भारत की तरफ से ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे विकेट के लिये इससे पहले का रिकार्ड सुनील गावस्कर और मोहिंदर अमरनाथ के नाम पर था जिन्होंने 1986 में सिडनी में 224 रन जोड़े थे.
विजय और पुजारा अब 300 रन की साझेदारी से केवल छह रन दूर हैं. यदि वह इस मुकाम पर पहुंचने में सफल रहते हैं तो फिर ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 300 या इससे अधिक रनों की साझेदारी करने वाली पांचवीं भारतीय जोड़ी बन जाएगी. संयोग से विजय दूसरी बार ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 300 से अधिक रन की साझेदारी निभाएंगे.

इससे पहले विजय ने 2010 में सचिन तेंदुलकर के साथ बैंगलोर में 308 रन की साझेदारी की थी. भारत की तरफ से ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 300 से अधिक रन की, जो बाकी तीन साझेदारियां निभायी गयी हैं उन सभी में वीवीएस लक्ष्मण शामिल रहे. उन्होंने राहुल द्रविड़ के साथ 2001 के कोलकाता के ऐतिहासिक टेस्ट मैच में पांचवें विकेट के लिये 376 और द्रविड़ के साथ ही दिसंबर 2003 में एडिलेड में 303 रन की भागीदारी की थी. लक्ष्मण ने इसके अलावा तेंदुलकर के साथ सिडनी में जनवरी 2004 में 353 रन की साझेदारी निभायी थी.

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जहां तक भारत का सवाल है तो यह भारत की तरफ से दूसरे विकेट के लिये तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है. रिकार्ड सुनील गावस्कर और दिलीप वेंगसरकर के नाम पर है जिन्होंने 1978 में कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ 344 रन की अटूट साझेदारी की थी. इसके बाद गौतम गंभीर और राहुल द्रविड़ के बीच इंग्लैंड के खिलाफ 2008 में मोहाली में निभायी गयी 314 रन की साझेदारी का नंबर आता है. विजय और पुजारा दोनों शतक जड़कर नाबाद रहे.

भारत की तरफ से इससे पहले ऐसा कारनामा 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैमिल्टन में राहुल द्रविड़ (नाबाद 103) और सौरव गांगुली (नाबाद 101) खेल के पांचवें दिन किया था.

ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 1985 के बाद यह पहला मौका है जबकि दो बल्लेबाज शतक बनाकर नाबाद रहे. इंग्लैंड के टिम रोबिन्सन (नाबाद 140) और डेविड गावर (नाबाद 169) बर्मिंघम में मैच के तीसरे दिन शतक बनाकर नाबाद रहे थे.

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