फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को दुनिया की 64वें नंबर की टीम केप वर्डे ने उम्मीद से कहीं ज्यादा कड़ी टक्कर दी. मुकाबला निर्धारित 90 मिनट में 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ और फैसला एक्स्ट्रा टाइम में जाकर हुआ, जहां लियोनेल मेसी की टीम ने 3-2 से जीत दर्ज कर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में जगह बनाई.
यह मुकाबला अर्जेंटीना के लिए सिर्फ जीत की कहानी नहीं था, बल्कि उसकी कई कमजोरियां भी सामने आ गईं. मैच खत्म होने के बाद कप्तान लियोनेल मेसी ने खुलकर स्वीकार किया कि टीम अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर नहीं थी और केप वर्डे ने उन्हें काफी परेशान किया.
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दुनिया की दूसरे नंबर की टीम अर्जेंटीना के सामने सबसे छोटे देश के रूप में वर्ल्ड कप नॉकआउट खेलने वाली केप वर्डे ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. अर्जेंटीना के स्टार अटैकर्स लियोनेल मेसी, लाउतारो मार्टिनेज और जूलियन अल्वारेज को विपक्षी डिफेंस ने लगभग पूरे मैच में बांधे रखा. जब भी अर्जेंटीना को मौका मिला, 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा दीवार बनकर खड़े हो गए.
मेसी ने पहले ही भांप लिया था खतरा
मैच के बाद मेसी ने कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि यह मुकाबला आसान नहीं होने वाला है. उन्होंने कहा-हमें पहले से पता था कि यह मैच बेहद कठिन होगा. यह कोई संयोग नहीं है कि इस टीम ने स्पेन और उरुग्वे जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी हार नहीं मानी.
पहला गोल मिला, फिर बिगड़ गया खेल
मैच का पहला गोल मेसी ने शानदार अंदाज में किया. लिसांद्रो मार्टिनेज के सटीक लॉन्ग पास को उन्होंने बेहतरीन फर्स्ट टच से कंट्रोल किया और नजदीकी पोस्ट से गेंद गोल में पहुंचा दी.
मेसी ने कहा कि पहला गोल करने के बाद उन्हें लगा था कि अब अर्जेंटीना अपने अंदाज में खेल पाएगी, लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा.
उन्होंने कहा- सबसे मुश्किल काम पहला गोल करना था. हमें लगा था कि इसके बाद हम ज्यादा शांत होकर अपना खेल खेलेंगे, लेकिन ठीक इसके उलट हुआ.
कहां हुई सबसे बड़ी गलती?
मेसी के मुताबिक, गोल करने के बाद अर्जेंटीना ने गेंद पर अपना नियंत्रण खो दिया. टीम ने लगातार आसान पास मिस किए, जरूरत से ज्यादा गेंद गंवाई और धीरे-धीरे अपनी ही हाफ में सिमटती चली गई. बिना गेंद के भी टीम वैसी आक्रामक प्रेसिंग नहीं कर सकी, जिसके लिए कोच लियोनेल स्कालोनी की टीम जानी जाती है.
इसी दौरान केप वर्डे ने अर्जेंटीना के दाएं फ्लैंक को लगातार निशाना बनाया. राइट बैक नाहुएल मोलिना का दिन अच्छा नहीं रहा और उसी तरफ से सिडनी लोपेज कैब्राल ने शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर बराबरी का गोल दाग दिया, जिसे टूर्नामेंट के बेहतरीन गोलों में गिना जा सकता है.
मेसी ने स्वीकार किया- उन्होंने अपनी सबसे बड़ी ताकत का इस्तेमाल किया और गोल कर दिया. हमें पता था कि इसके बाद मैच और मुश्किल हो जाएगा.
किसी को हल्के में नहीं ले सकते
मेसी ने साफ कहा कि सिर्फ नाम देखकर किसी टीम को कमजोर समझना सबसे बड़ी गलती होगी. उनके मुताबिक इस वर्ल्ड कप में हर मुकाबला बेहद करीबी रहा है और कोई भी टीम किसी को आसान जीत नहीं देती.
उन्होंने कहा- ये नॉकआउट मुकाबले हैं और यहां कोई आपको मुफ्त में जीत नहीं देता. कुछ लोग टीमों के नाम देखकर उन्हें कम आंक सकते हैं, लेकिन हमें पता था कि यह आसान मैच नहीं होगा.
उन्होंने आगे कहा; यही इस वर्ल्ड कप की सबसे खास बात है. यहां हर टीम के बीच अंतर बहुत कम है और हर मैच बेहद मुश्किल साबित हो रहा है."
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जीत के बाद भी मेसी ने दी टीम को सीख
120 मिनट तक मियामी की उमस भरी गर्मी में खेलने के बावजूद मेसी ने अपनी टीम के जज्बे की तारीफ की. उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना ने अच्छा खेला हो या नहीं, लेकिन टीम ने आखिरी दम तक संघर्ष किया और जीत हासिल की.
मेसी ने कहा- हमने हमेशा की तरह पूरा प्रयास किया, चाहे हमारा प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ नहीं रहा हो. अब अर्जेंटीना की नजर राउंड ऑफ 16 पर है. मेसी ने कहा कि टीम को जल्द रिकवर करना होगा और इस मुकाबले से मिली सीख को अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन में बदलना होगा. उन्होंने कहा- अब सबसे जरूरी है कि आराम करें, अगले मैच पर ध्यान दें और आज के मुकाबले से जो सकारात्मक बातें मिली हैं, उन्हें आगे लेकर चलें.