दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेली जा रही त्रिकोणीय सीरीज अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है. उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद इंडिया-ए के सामने अब 'करो या मरो' जैसी स्थिति है. बुधवार (17 जून) को उसका सामना उस अफगानिस्तान-ए से होगा, जिसने मौजूदा टूर्नामेंट में भारतीय टीम को पराजित कर फैन्स को चौंका दिया था. यह मुकाबला सिर्फ दो अंकों का नहीं, बल्कि सम्मान, बदले और फाइनल की उम्मीदों का भी है.
अगर भारतीय टीम मुकाबले को जीतेगी, तभी फाइनल की रेस में बरकरार रहेगी. हारने पर तिलक वर्मा ब्रिगेड का बोरिया बिस्तर बंध जाएगा. इंडिया-ए के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि टीम अच्छा क्रिकेट खेलने के बावजूद नतीजे अपने पक्ष में नहीं कर पा रही है. पहले अफगानिस्तान-ए के खिलाफ डीएलएस नियम के तहत 4 रनों से हार मिली, फिर श्रीलंका-ए के खिलाफ रोमांचक मुकाबला टाई होने के बाद सुपर ओवर में टीम बिखर गई.
हालांकि भारतीय बल्लेबाजी ने अब तक प्रभावित किया है. ऋतुराज गायकवाड़ शानदार फॉर्म में हैं और तीन पारियों में 204 रन ठोक चुके हैं. उनके बल्ले से एक शतक और दो अहम पारियां निकल चुकी हैं. कप्तान तिलक वर्मा भी जिम्मेदारी के साथ रन बना रहे हैं, जबकि सूर्यांश शेडगे ने पिछले मैच में दबाव के बीच 72 रनों की जुझारू पारी खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की थी.
वैभव सूर्यवंशी पर बड़ी जिम्मेदारी
लेकिन जिस खिलाड़ी पर सबसे ज्यादा नजरें रहेंगी, वह हैं 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी. आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में बल्ले से तूफान मचाने वाले वैभव इस टूर्नामेंट में अब तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं. उन्होंने 14, 44 और 21 रन बनाए हैं. हालांकि उनकी बल्लेबाजी में वही आक्रामकता दिखाई दी है, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सुपरस्टार बनाया. अफगानिस्तान के खिलाफ यह मुकाबला उनके लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा. वैभव यदि इस मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो टीम की जीत की राह आसान हो जाएगी.
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दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ मैचों में विरोधी टीमें वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ अलग रणनीति बनाकर उतर रही हैं. श्रीलंका-ए ने उन्हें जल्दी आउट करने के लिए विशेष प्लान तैयार किया था और अब अफगानिस्तान-ए भी उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी को रोकने के लिए खास तैयारी के साथ मैदान पर उतर सकता है.
दूसरी ओर अफगानिस्तान-ए आत्मविश्वास से लबरेज है. कप्तान इमरान मीर और बहिर शाह की जोड़ी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है. दोनों बल्लेबाजों ने भारत के खिलाफ पहले मुकाबले में शानदार साझेदारी कर मैच का रुख पलट दिया था. अगर भारतीय गेंदबाज इन दोनों को जल्दी नहीं रोक पाए तो एक बार फिर मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
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गेंदबाजी में अब्दुल्ला अहमदजई और फरमानुल्लाह सफी भारतीय बल्लेबाजों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं. अहमदजई पहले ही पांच विकेट लेकर अपनी धार दिखा चुके हैं, जबकि अफगानिस्तान का स्पिन अटैक भी मध्य ओवरों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखता है.
दांबुला की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है. इस सीरीज में यहां पहली पारी का औसत स्कोर 280 से अधिक रहा है, जबकि 300 के आसपास का स्कोर मैच जिताऊ साबित हो सकता है. हालांकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को मदद मिलने लगती है, इसलिए बीच के ओवर दोनों टीमों के लिए निर्णायक होंगे.
कैसा रहेगा दांबुला में मौसम?
मौसम विभाग ने हल्के बादल और बारिश की मामूली संभावना जताई है, लेकिन पूरे 50 ओवर का मुकाबला होने की उम्मीद है. टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है क्योंकि इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को सफलता मिली है.
फिलहाल कहानी साफ है- इंडिया-ए के सामने बदला लेने का मौका है, जबकि अफगानिस्तान-ए एक और जीत के साथ फाइनल का टिकट पक्का करना चाहेगा. ऐसे में दांबुला में एक और रोमांचक मुकाबले की उम्मीद की जा सकती है, जहां ऋतुराज गायकवाड़ का अनुभव, तिलक वर्मा की कप्तानी और वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी भारत की सबसे बड़ी उम्मीद होगी.
इंडिया-ए का स्क्वॉड: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, तिलक वर्मा (कप्तान), ऋतुराज गायकवाड़, आयुष बदोनी, निशांत सिंधु, सूर्यांश शेडगे, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), यश ठाकुर, विप्रज निगम, अशोक शर्मा, अरशद खान, अंशुल कम्बोज और अनुकूल रॉय.
अफगानिस्तान-ए का स्क्वॉड: इमरान मीर (कप्तान), खालिद तानीवाल, बहिर शाह, हसन ईसाखिल, इजाज अहमद अहमदजई, इशाक रहीमी (विकेटकीपर), खलील गुरबाज, जहीर खान, अब्दुल्ला अहमदजई, मोहम्मद इब्राहिम, फरमानुल्लाह सफी, फैसल खान अहमदजई, शम्स उर रहमान, नूर उल रहमान और फरीदून दाऊदजई.