गॉल टेस्ट में शुभमन गिल ने बल्ले से नहीं, बल्कि अपनी फील्डिंग से ऐसा कमाल कर दिखाया कि कुछ पल के लिए क्रिकेट का मैदान किसी सुपरहीरो फिल्म का दृश्य नजर आया. श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के तीसरे दिन कप्तान गिल ने कामिंदु मेंडिस का ऐसा कैच लपका, जिसे देखकर खुद कमेंट्री बॉक्स से निकल पड़ा- 'ओह माय डेज! ये तो गजब का कैच है!'
श्रीलंका की पारी का 17वां ओवर था. कुलदीप यादव ने गेंद फेंकी, जो ऑफ स्टंप के बाहर फुलर लेंथ पर थी. कामिंदु मेंडिस ने गेंद की पिच तक पहुंचे बिना ही आगे बढ़कर उसे एक्स्ट्रा कवर की दिशा में खेल दिया. शॉट में ताकत नहीं थी, लेकिन गेंद ऐसी जगह जा रही थी जहां सामान्य फील्डर के लिए पहुंचना आसान नहीं था.
गिल ने एक पल भी गंवाए बिना बाईं तरफ छलांग लगाई. शरीर लगभग जमीन के समानांतर हो गया. गेंद जमीन को छूने से महज कुछ इंच पहले थी और गिल ने उसे हवा में ही अपनी हथेली में कैद कर लिया. सबसे खास बात यह थी कि कैच लेते वक्त ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि गेंद उनके हाथ से छूट सकती है. वह जमीन पर गिरे, लेकिन गेंद पर उनकी पकड़ बनी रही.
एक कैच, जिसने फील्डिंग की परिभाषा ही बदल दी...
कामिंदु मेंडिस 25 गेंदों पर 14 रन बनाकर लौटे. कुलदीप यादव को विकेट मिला, लेकिन इस विकेट की असली कहानी गिल के उस असाधारण प्रयास की रही. श्रीलंका 59 रन पर चार विकेट गंवा चुका था और भारत की पहली पारी के 462 रनों के जवाब में दबाव में था.
कप्तान के तौर पर गिल के लिए यह कैच इसलिए भी खास था कि उन्होंने सिर्फ विकेट के पीछे या स्लिप में खड़े होकर मौका नहीं पकड़ा, बल्कि एक ऐसे क्षेत्र में असंभव-सा लगने वाला कैच पूरा किया, जहां आधा सेकेंड भी देर मैच बदल सकती थी.
सोशल मीडिया में उन्हें ‘Superman Shubman’ कहा गया और यह नाम उस पल पर बिल्कुल फिट बैठा, गिल का शरीर हवा में था, नजर गेंद पर थी और हाथ आखिरी क्षण तक गेंद के साथ. क्रिकेट में कई कैच ऐसे होते हैं जिन्हें देखकर कहा जाता है कि फील्डर ने गेंद पर हमला किया. यह उन कैचों में से था जिसमें लगा कि गिल ने गेंद को जमीन तक पहुंचने से पहले ही चुनौती दे दी.
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भारत ने पहली पारी में 462 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था. श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही. ऐसे में कप्तान का यह कैच सिर्फ एक विकेट नहीं था- यह टीम को मिला ऊर्जा का ऐसा झटका था, जिसने मैदान पर भारत के दबदबे को और मजबूत कर दिया.
बल्ले से रन बनाने वाले कप्तान तो अक्सर सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन गिल ने गॉल में दिखाया कि कप्तानी का असर सिर्फ स्कोरकार्ड पर नहीं होता. कभी-कभी कप्तान हवा में छलांग लगाता है, गेंद को जमीन छूने से रोकता है और ड्रेसिंग रूम में भी जोश भर दिया- संदेश साफ था, श्रीलंका को इस मैच में कुछ भी आसानी से हासिल नहीं होने वाला.