भारतीय कप्तान शुभमन गिल टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे हैं. कम उम्र में टीम इंडिया की कमान संभालने वाले शुभमन गिल ने अब एक ऐसी उपलब्धि अपने नाम कर ली है, जिसने उन्हें टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान-बल्लेबाजों की एलीट लिस्ट में पहुंचा दिया है.
अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जा रहे टेस्ट मैच में भी शुभमन गिल ने जबरदस्त बैटिंग की. शुभमन ने भारत की पहली पारी में 177 गेंदों का सामना करते हुए 126 रन बनाए, जिसमें 15 चौके के अलावा एक सिक्स शामिल रहा. शुभमन के टेस्ट करियर का ये 11वां शतक रहा. साथ ही कप्तान के तौर पर ये उनकी छठी टेस्ट सेंचुरी रही. शुभमन ने इस दौरान बतौर कप्तान टेस्ट क्रिकेट में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए.
भारतीय कप्तान के तौर पर सर्वाधिक टेस्ट शतक
20- विराट कोहली (113 पारियां)
11- सुनील गावस्कर (74 पारियां)
9- मोहम्मद अजहरुद्दीन (78 पारियां)
7- सचिन तेंदुलकर (43 पारियां)
6- शुभमन गिल (15 पारियां)
1000 या उससे अधिक रन बनाने वाले टेस्ट कप्तानों में शुभमन गिल का बल्लेबाजी औसत 82.8 का है, जो दूसरा सबसे ज्यादा है. इस सूची में उनसे आगे सिर्फ महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन हैं, जिनका औसत बतौर कप्तान 101.5 का रहा था. गिल ने इस मामले में कुमार संगकारा, स्टीव स्मिथ और महेला जयवर्धने जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है.
यह भी पढ़ें: 'उन्हें ऑस्कर मिलना चाहिए...', KL राहुल ने दिखाई गजब की सूझबूझ, OUT होने से यूं बच गए
बतौर टेस्ट कप्तान बेस्ट बैटिंग औसत (मिनिमम हजार रन)
डॉन ब्रैडमैन (ऑस्ट्रेलिया)- 101.5 (3147 रन)
शुभमन गिल (भारत)- 82.8 (1076 रन*)
कुमार संगकारा (श्रीलंका)- 69.6 (1601 रन)
स्टीव स्मिथ (ऑस्ट्रेलिया) - 68.1 (4425 रन)
महेला जयवर्धने (श्रीलंका)- 59.1 (3665 रन)
टेस्ट कप्तान के रूप में शुभमन गिल अब तक 1076 रन बना चुके हैं और उनकी शानदार निरंतरता भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है. जिस तरह से वह कप्तानी का दबाव संभालते हुए रन बना रहे हैं, उसने उन्हें दुनिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है.
यह भी पढ़ें: 'वह अभी बच्चा है'... वैभव सूर्यवंशी के लिए BCCI का बड़ा फैसला, माता-पिता भी जाएंगे इंग्लैंड
शुभमन गिल की इस उपलब्धि की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि वह अभी अपने कप्तानी करियर के शुरुआती दौर में हैं. इसके बावजूद उन्होंने ऐसे आंकड़े दर्ज किए हैं, जिन तक पहुंचने के लिए दुनिया के कई महान कप्तानों को वर्षों लग गए थे.
भारतीय कप्तान ने पिछले कुछ समय में बल्ले से जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल कर दिया है. उनकी तकनीक, धैर्य और बड़े मौकों पर जिम्मेदारी निभाने की क्षमता लगातार निखरती नजर आ रही है.