Vaibhav Sooryavanshi vs Sanju Samson: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम के सेलेक्शन को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है. इस बीच पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उनका मानना है कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देना भावनात्मक रूप से सही फैसला हो सकता है, लेकिन अगर सेलेक्शन को पूरी तरह तर्क और प्रदर्शन के आधार पर देखा जाए तो संजू सैमसन को बाहर करना समझ से परे है.
'जियोस्टार' से बातचीत में पार्थिव पटेल ने कहा कि पिछले 11-12 वर्षों से संजू सैमसन के करियर के साथ एक ही सवाल जुड़ा रहा है- उनकी निरंतरता. कई बार उन्हें इसी वजह से टीम से बाहर किया गया, लेकिन इस बार स्थिति अलग है.
उन्होंने कहा- हर बार संजू सैमसन ही क्यों बाहर होते हैं? पहले कहा जाता था कि वह लगातार रन नहीं बना रहे हैं या तेजी से बल्लेबाजी नहीं कर रहे हैं. लेकिन आप एक ही खिलाड़ी के लिए अलग-अलग पैमानों पर फैसला नहीं ले सकते.
पार्थिव ने आगे कहा कि वैभव सूर्यवंशी को मौका देना भावनात्मक रूप से सही फैसला कहा जा सकता है, क्योंकि वह भारतीय क्रिकेट का बेहद प्रतिभाशाली युवा चेहरा हैं. हालांकि, अगर सेलेक्शन केवल प्रदर्शन और तर्क के आधार पर होता, तो संजू सैमसन को बाहर करने का कोई ठोस कारण नजर नहीं आता.
उन्होंने साफ शब्दों में कहा- अगर आप केवल लॉजिक की बात करेंगे तो फिर सवाल उठेगा कि संजू सैमसन को बाहर क्यों किया गया? मुझे लगता है कि यह फैसला भावनाओं के आधार पर लिया गया.
संजू की जगह मिले वैभव अभी तक नहीं छोड़ पाए छाप
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को उस समय भारतीय टी20 टीम में जगह मिली, जब टी20 वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहे संजू सैमसन लगातार तीन पारियों में बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे थे. सेलेक्टर्स ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा बल्लेबाज पर भरोसा जताया, लेकिन अब तक वैभव उस भरोसे पर बड़ा प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हो पाए हैं.
भारत की टीम फिलहाल इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-3 से पिछड़ चुकी है. सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला शनिवार को खेला जाएगा.
कैसी होती है क्रिकेट फैन्स की मानसिकता, पार्थिव ने बताया
पार्थिव पटेल ने क्रिकेट फैन्स की मानसिकता पर भी इस दौरान कमेंट किया. उनका कहना है कि भारतीय क्रिकेट में अक्सर जो खिलाड़ी टीम से बाहर होता है, उसे ही सबसे बेहतर विकल्प मान लिया जाता है.
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा- पिछले टी20 वर्ल्ड कप के दौरान जब श्रेयस अय्यर टीम में नहीं थे, तब हर कोई पूछ रहा था कि उन्हें क्यों नहीं चुना गया. अब जब वह टीम में लौट आए हैं तो लोग कह रहे हैं कि रजत पाटीदार को मौका मिलना चाहिए. यह धारणा हमेशा बनी रहती है कि जो खिलाड़ी बाहर है, वही बेहतर प्रदर्शन करता है.
पार्थिव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन को लेकर क्रिकेट जगत में लगातार बहस जारी है. एक ओर भविष्य के लिहाज से युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा प्रदर्शन और अनुभव के आधार पर सेलेक्शन की कसौटी पर भी सवाल उठ रहे हैं.