पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद आफरीदी (Shahid Afridi) ने 2011 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल से जुड़ा एक अनसुना किस्सा शेयर किया है. उन्होंने बताया कि भारत के खिलाफ मोहाली में खेले उस मुकाबले में दर्शकों का शोर इतना ज्यादा था कि कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी क्रीज पर जाते समय घबराहट से कांपने लगे थे.
आफरीदी ने यह बात एक पाकिस्तानी टीवी चैनल पर बातचीत के दौरान कही. उन्होंने याद करते हुए बताया कि उस मैच में पाकिस्तान की शुरुआत काफी अच्छी रही थी और टीम को जीत का भरोसा था, लेकिन मोहाली के स्टेडियम में मौजूद भारतीय दर्शकों ने मैच का माहौल पूरी तरह बदल दिया.
आफरीदी के मुताबिक, पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज मोहम्मद हफीज और कामरान अकमल ने अच्छी शुरुआत करते हुए करीब 90 रन जोड़ दिए थे और उस समय तक कोई विकेट नहीं गिरा था. उस वक्त बतौर कप्तान आफरीदी को लग रहा था कि उनकी टीम मैच जीत सकती है.
लेकिन पहला विकेट गिरने के बाद मुकाबले का रुख बदल गया. आफरीदी ने कहा कि जैसे ही विकेट गिरा, मोहाली के दर्शकों ने भारतीय टीम का जोश कई गुना बढ़ा दिया. स्टेडियम में इतना शोर था कि पाकिस्तानी बल्लेबाजों के लिए हर गेंद खेलना मुश्किल हो गया.
🚨🚨Big Statement from Shahid Afridi on Pak players shaking at 2011 WC SF.
— Rajiv (@Rajiv1841) March 9, 2026
"Mohali's crowd lifted Indian Team in 2011 WC semi-final & legs of pakistani players were shaking while going to bat, there was just too much noise which put us under pressure."😭pic.twitter.com/BLnNcbhoNv
आफरीदी ने कहा- मैं कप्तान के तौर पर बैठा देख रहा था कि जब हफीज आउट हुए तो उसके बाद हमारे खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ता गया. स्टेडियम में इतना शोर था कि कुछ बल्लेबाज क्रीज पर जाते समय कांप रहे थे. हर गेंद पर संघर्ष करना पड़ रहा था. उन्होंने माना कि दर्शकों का जबरदस्त समर्थन भारतीय टीम के लिए बड़ी ताकत बन गया था और पाकिस्तान के खिलाड़ी भारी प्रेशर में आ गए थे.
भारतीय टीम की भी जमकर तारीफ
इस बीच पाकिस्तान के कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी भारत की हालिया सफलता की तारीफ की है. भारत ने हाल ही में ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने कहा कि भारत की मौजूदा सफलता उसकी मजबूत क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर का परिणाम है.
मियांदाद ने कहा कि भारत के पास इस समय बल्लेबाजों, स्पिनरों और तेज गेंदबाजों की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि टीम के युवा खिलाड़ी परिणाम देने वाले हैं और उनमें खेल की समझ भी काफी बेहतर है.
उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी टीम के ड्रेसिंग रूम में जीतने की संस्कृति बन जाती है तो उसका असर मैदान पर दिखाई देता है. मियांदाद के मुताबिक, भारत की लगातार सफलता उसी मजबूत क्रिकेट प्रणाली का नतीजा है.