केएल राहुल ने अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जा रहे टेस्ट में शानदार शतक जड़कर एक बार फिर अपनी क्लास साबित की. हालांकि उनकी यह शतकीय पारी एक अजीब रिकॉर्ड के साथ खत्म हुई. सलामी बल्लेबाज राहुल 100 रनों का आंकड़ा छूते ही आउट हो गए.
इस टेस्ट मैच के पहले दिन केएल राहुल ने संयम, तकनीक और धैर्य का बेहतरीन प्रदर्शन किया. शुरुआती ओवरों में अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने उन्हें काफी परेशान किया, लेकिन राहुल ने मुश्किल परिस्थितियों में खुद को संभाला और धीरे-धीरे भारत की इनिंग्स को मजबूत आधार दिया.
केएल राहुल ने 164 गेंदों में अपना 12वां टेस्ट शतक पूरा किया. जियाउर रहमान शरीफी की गेंद पर दो रन लेकर उन्होंने तीन अंकों का आंकड़ा टच किया. शतक पूरा होते ही राहुल ने हेलमेट उतारकर दर्शकों का अभिवादन किया और साथी खिलाड़ियों ने भी उनकी इस उपलब्धि की सराहना की.
हालांकि, शतक का जश्न ज्यादा देर तक नहीं चल सका. अगली गेंद शरीफी ने ऑफ स्टम्प के बाहर फुल लेंथ पर फेंकी, जिस पर केएल राहुल ने शानदार कवर ड्राइव खेला. गेंद बल्ले के बीचों-बीच लगी और चौके की ओर जाती दिख रही थी, लेकिन स्लिप में खड़े रहमानुल्लाह गुरबाज ने बेहतरीन डाइव लगाकर शानदार कैच पकड़ लिया. राहुल 165 गेंदों में 100 रन बनाकर आउट हो गए.
राहुल ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज
यह लगातार तीसरी बार है जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाया, लेकिन उनका स्कोर 100 से आगे नहीं बढ़ पाया. क्रिकेट की भाषा में इसे अक्सर 'हंड्रेड एंड आउट' कहा जाता है. सचिन और गांगुली अपने टेस्ट करियर में दो-दो बार 100 रनों पर आउट हुए, जबकि राहुल अब तीन बार इस स्कोर पर आउट हो चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ और ग्रीम वुड भी तीन-तीन बार 100 रनों पर आउट हुए थे.
इस सूची में सबसे ऊपर इंग्लैंड के लेन हटन हैं, जो अपने करियर में चार बार ठीक 100 रनों पर आउट हुए थे. हालांकि, इन सभी दिग्गजों से अलग केएल राहुल ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो अब तक कोई नहीं बना पाया था. राहुल दुनिया के ऐसे पहले बल्लेबाज बन गए, जिनकी लगातार तीन शतकीय पारियां ठीक 100 रनों पर समाप्त हुईं.
हालांकि इस रिकॉर्ड के बावजूद केएल राहुल की पारी भारत के लिए बेहद अहम रही. उन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ मजबूत शुरुआत दिलाई और फिर मध्यक्रम के लिए मजबूत मंच तैयार किया. उनकी पारी ने यह भी दिखाया कि वह टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक बने हुए हैं.
केएल राहुल ने अपनी इनिंग्स को लेकर संतोष जताया. उन्होंने कहा कि आईपीएल के बाद इतने कम समय में टी20 क्रिकेट से टेस्ट क्रिकेट की मानसिकता में ढलना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रही. राहुल ने कहा, 'टी20 से टेस्ट क्रिकेट में बदलाव करना आसान नहीं था. विकेट काफी धीमा था और परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं. ट्रेनिंग के दौरान मिली तैयारी ने काफी मदद की. मैं खुश हूं कि मैं लंबे समय तक बल्लेबाजी कर सका और टीम के लिए योगदान दे पाया.'
उन्होंने यह भी माना कि वह अपने खेल को जरूरत से ज्यादा सीमित नहीं करना चाहते और हालात के अनुसार स्वाभाविक बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं. राहुल के शतक के अलावा कप्तान शुभमन गिल ने भी शानदार सेंचुरी जड़ी, जबकि ऋषभ पंत ने तेज अर्धशतक लगाया.