ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. सोमवार देर रात उन्होंने अपने फैसले की जानकारी दी. मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 286 इंटरनेशनल मुकाबले खेले, जिसमें 7226 रन बनाने के साथ 136 विकेट भी हासिल किए. वह 2015 और 2023 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहे. इसके अलावा 2021 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम में भी शामिल थे.
मैक्सवेल ने 'फाइनल वर्ल्ड पॉडकास्ट' पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला थोड़ा दुखद जरूर है, लेकिन इसकी उम्मीद पहले से थी. उन्होंने कहा, 'इंटरनेशनल क्रिकेट और विक्टोरिया के लिए घरेलू 50 ओवर और चार दिवसीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान करते हुए थोड़ा दुख हो रहा है, लेकिन यह फैसला लगभग तय था. रेड-बॉल क्रिकेट से विदाई शायद किसी को हैरान नहीं करेगी.'
मैक्सवेल ने आगे बताया कि ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन के साथ इस फैसले को लेकर पहले भी कई बार बातचीत हुई थी. टी20 वर्ल्ड कप के बाद उनके भविष्य पर चर्चा हुई, लेकिन किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया. टीम प्रबंधन भविष्य की तैयारी में जुटा था और नए खिलाड़ियों को मौका दे रहा था. बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज में भी युवा खिलाड़ियों को आजमाया गया, जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया.
अफगानिस्तान के खिलाफ 201 रनों की पारी हमेशा रहेगी याद
मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारी 2023 वनडे वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ आई थी. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया 292 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 91 रन पर 7 विकेट गंवा चुका था. टीम की हार लगभग तय नजर आ रही थी, लेकिन मैक्सवेल ने अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया.
उन्होंने 128 गेंदों पर नाबाद 201 रन ठोक दिए. इस दौरान उनके बल्ले से 21 चौके और 10 छक्के निकले. खास बात यह थी कि ऐंठन के कारण मैक्सवेल ज्यादातर समय ठीक से दौड़ भी नहीं पा रहे थे. इसके बावजूद उन्होंने कप्तान पैट कमिंस के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए नाबाद 202 रनों की साझेदारी कर दी.
कमिंस ने 68 गेंदों पर नाबाद 12 रन बनाए, जबकि मैक्सवेल ने तूफानी दोहरा शतक जड़कर ऑस्ट्रेलिया को 3 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिला दी. ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 19 गेंद शेष रहते जीत लिया. मैक्सवेल की इस पारी को वनडे क्रिकेट की सबसे असाधारण पारियों में गिना जाता है.
2025 में वनडे क्रिकेट को भी कह दिया था अलविदा
मैक्सवेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले जून 2025 में वनडे क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. भारत के खिलाफ दुबई में खेला गया चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल उनका आखिरी वनडे मुकाबला था. इसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अप्रैल 2026 में घोषित केंद्रीय अनुबंध सूची में भी उन्हें जगह नहीं दी थी.
इस साल खेले गए टी20 वर्ल्ड कप में मैक्सवेल आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया की जर्सी में नजर आए थे. ऑस्ट्रेलियाई टीम इस टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी. इसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भी उन्हें टीम में नहीं चुना गया.
फ्रेंचाइजी क्रिकेट में जारी रहेगा मैक्सवेल का जलवा
इंटरनेशनल क्रिकेट और विक्टोरिया के लिए घरेलू 50 ओवर और चार दिवसीय क्रिकेट से विदाई लेने के बावजूद मैक्सवेल ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट के दरवाजे बंद नहीं किए हैं. वह हाल के दिनों में दुनिया की अलग-अलग टी20 लीग में खेलते नजर आए हैं.
सितंबर में उन्होंने यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग के पहले सीजन में बेलफास्ट वुल्व्स का प्रतिनिधित्व किया था. इसके कुछ दिनों बाद वह विक्टोरिया की ओर से दो वनडे कप मुकाबलों में भी खेले.
मैक्सवेल ने बताया कि विक्टोरिया के लिए अपना आखिरी वनडे मुकाबला खेलने के बाद जब उन्होंने साथियों को इस फैसले की जानकारी दी तो वह भावुक हो गए थे. उन्होंने कहा कि विक्टोरिया के खिलाड़ियों और राज्य ने उनके पूरे करियर में उनका भरपूर साथ दिया है. इस दौरान उनकी आंखें भी नम हो गई थीं.
मैक्सवेल ने कहा कि अब वह अपने शरीर पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं, ताकि अपने करियर के बचे हुए टूर्नामेंट में खेलने के लिए खुद को फिट रख सकें.
इस तरह क्रिकेट को एक ऐसा खिलाड़ी अलविदा कह रहा है, जिसने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, उपयोगी ऑफ स्पिन और मैदान पर असाधारण खेल से अलग पहचान बनाई. 2023 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी 201 रनों की पारी लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में रहेगी.