टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग इन दिनों अपनी शानदार बल्लेबाजी से क्रिकेट फैन्स का दिल जीत रहे हैं. दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में आर्यवीर के हाथों बल्ला देखते ही लोगों को 'नजफगढ़ के नवाब' यानी वीरू पाजी के शुरुआती दिनों की याद आ जाती है.
मैदान पर उनके कुछ शॉट्स बिल्कुल अपने पिता के ट्रेडमार्क स्टाइल जैसे नजर आते हैं. हाल ही में खेला गया उनका बैकफुट पंच शॉट देखकर हर कोई हैरान रह गया. क्योंकि आर्यवीर सहवाग का यह शॉट बिल्कुल उनके पिता वीरेंद्र सहवाग द्वारा लगाए जाने वाले शॉट की कापी लग रही थी.
इस तरह के शॉट को देखकर यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि आखिर ये शॉट सहवाग सीनियर ने खेला है या जूनियर ने अपने बल्ले से कमाल दिखाया है. हालांकि, इस शानदार झलक के बावजूद आर्यवीर का खेलने का अंदाज अपने पिता से कुछ मामलों में काफी अलग है.
सहवाग से अलग है अंदाज
हम सब जानते हैं कि वीरेंद्र सहवाग बैटिंग के दौरान दबाव मिटाने और ध्यान लगाने के लिए पुराने बॉलीवुड गाने गुनगुनाया करते थे. लेकिन आर्यवीर ऐसा नहीं करते. वह क्रीज पर बिल्कुल शांत रहकर अपनी एकाग्रता बनाए रखते हैं.
आर्यवीर ने बताया कि शुरुआती मैचों में बड़े गेंदबाजों का सामना करते वक्त वह थोड़े नर्वस थे. ऐसे में पिता सहवाग की एक खास सलाह उनके काम आई. सहवाग ने कहा कि गेंदबाज के नाम या उसकी साख को मत देखो, सिर्फ बॉल पर रिएक्ट करो. क्रीज पर लगातार खुद से बस एक ही बात दोहरानी है कि गेंद को देखो और सीधा खेलो. दो-तीन चौके निकलने के बाद घबराहट खत्म हो जाती है और फिर आप अपने स्वाभाविक खेल की लय में आ जाते हैं.
अपनी अलग पहचान बनाने की चाह
विराट कोहली और शुभमन गिल को अपना आदर्श मानने वाले आर्यवीर अपने खेल में समझदारी और मैच-विनिंग एटीट्यूड लाना चाहते हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपने पिता वीरेंद्र सहवाग के बनाए बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स तोड़ना चाहते हैं, तो आर्यवीर ने जवाब देते हुए बहुत ही मजेदार बात कही. उन्होंने कहा कि पापा के नाम कई बड़े रिकॉर्ड्स हैं, लेकिन मेरा मकसद उनके रिकॉर्ड्स के पीछे भागना नहीं, बल्कि मैदान पर अपने खुद के नए रिकॉर्ड्स बनाना और एक नई पहचान कायम करना है.