टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत केवल एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं थी. यह थी 5 अनसंग हीरो की कहानी, जिन्होंने जब टीम इंडिया को उनकी जरूरत पड़ी, तब मैदान पर उतरकर प्रदर्शन करके दिखाया और सामूहिक रणनीति में निर्णायक योगदान दिया. ये पांच योद्धा रहे- अक्षर पटेल, शिवम दुबे, संजू सैमसन, ईशान किशन और अभिषेक शर्मा. (Photo, PTI)
शुभमन गिल को स्क्वॉड से बाहर करने का निर्णय कठिन था, लेकिन गंभीर ने टीम बैलेंस को प्राथमिकता दी. इस परिस्थिति में उपकप्तान के तौर पर अक्षर पटेल ने टीम में संतुलन बनाए रखा. अक्षर ने अपनी फिरकी से टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान 7 मैचों में 11 विकेट चटकाए. (Photo, PTI)
शिवम दुबे के शॉट्स और तेज रन‑स्कोरिंग ने विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में डाल दिया. फाइनल में उनके योगदान ने टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में मदद की. दुबे ने न केवल रन बनाए, बल्कि टीम के लिए समय‑समय पर महत्वपूर्ण विकेट भी निकाले. शिवम ने 8 पारियों में 169.06 के स्ट्राइक रेट से 235 रन बनाए और 5 विकेट भी चटकाए. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 17 छक्के लगाए. (Photo, PTI)
विकेटकीपर और सलामी बल्लेबाज के तौर पर संजू सैमसन ने अहम मुकाबलों में टीम को उच्च स्कोर की नींव दी. उनकी आक्रामक पारी ने फाइनल में विपक्षी गेंदबाजों को पहले ही झकझोर दिया. संजू ने 5 मैचों में 199.37 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बटोरे,जो टीम इंडिया के लिए सर्वाधिक है. इसे दौरान उन्होंने 24 छक्के उड़ाए. (Photo, PTI)
टीम में ईशान किशन की मौजूदगी ने बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों में लचीलापन दिया. उनके और संजू सैमसन के संयोजन ने टीम को दो विकेटकीपर विकल्प का फायदा पहुंचाया. फाइनल में ईशान ने महत्वपूर्ण कैच लिए और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद की. ईशान ने 9 मैचों में 193.29 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए. उनके बल्ले से 18 छक्के निकले. (Photo, PTI)
ओपनर अभिषेक शर्मा ने फाइनल में टीम का संतुलन बनाए रखा. उनकी फॉर्म अस्थिर होने के बावजूद गंभीर ने उन्हें टीम में रखा और उनका योगदान टीम को निर्णायक स्कोर तक पहुंचाने में मददगार साबित हुआ. अभिषेक ने फाइनल में 247.61 के स्ट्राइक रेट से (21 गेंदों में 52 रन) टीम इंडिया को धमाकेदार शुरुआत दी. (Photo, PTI)