भारत की स्टार पैरा एथलीट सिमरन ने एशियन पैरा गेम्स में बुधवार को दूसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उन्होंने महिलाओं की 100 मीटर टी12 स्पर्धा में 12.02 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता. इससे पहले उन्होंने मंगलवार को 200 मीटर दौड़ में भी गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया था. वहीं, पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में दिलीप गावित ने स्वर्ण और मोहम्मद मोर्सिंगनाकथ ने रजत पदक जीतकर भारत को दोहरी सफलता दिलाई.
सिमरन की रफ्तार के आगे फिर पस्त हुईं ईरानी धावक
26 साल की सिमरन ने 100 मीटर टी12 स्पर्धा में ईरान की हजर सफरजादेह को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया. हजर ने 12.30 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता, जबकि इंडोनेशिया की मेड नी पुत्री 12.51 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं.
पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता सिमरन के लिए यह उपलब्धि खास है. वह अपने नए गाइड शिवम के साथ शानदार वापसी कर रही हैं. उनके पूर्व गाइड उमर सैफी पर डोपिंग उल्लंघन के कारण प्रतिबंध लगा दिया गया था. इसके बाद सिमरन ने नए गाइड के साथ अपनी लय हासिल की और अब एशियन पैरा गेम्स में लगातार दो स्वर्ण पदक जीत लिए हैं.
हांगझोउ में 2023 में हुए पिछले एशियन पैरा गेम्स में सिमरन ने 100 मीटर और 200 मीटर, दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक जीते थे. इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार करते हुए दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए.
टी12 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें दृष्टिबाधिता की मध्यम स्तर की समस्या होती है.
दिलीप गावित ने दिलाया गोल्ड, मोर्सिंगनाकथ को सिल्वर
भारत के दिलीप गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में 10.69 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता. इसी स्पर्धा में भारत के मोहम्मद मोर्सिंगनाकथ ने 10.72 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया. चीन के कांगजुन शी 10.80 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में स्वर्ण और रजत, दोनों पदक जीतकर अपना दबदबा दिखाया.
टी47 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके एक हाथ या ऊपरी अंग में ऐसी अक्षमता होती है, जिससे उनके संतुलन और समन्वय पर हल्का से मध्यम असर पड़ सकता है.