गोया में भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने आखिरकार एशियन गेम्स के मेडल का रंग बदल दिया. 23 साल के अमन ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड मेडल जीत लिया. शनिवार को फाइनल में उन्होंने नॉर्थ कोरिया के वर्ल्ड चैम्पियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराया.
अमन ने मुकाबले में शानदार रणनीति दिखाई और हान की हर कोशिश का जवाब दिया. नॉर्थ कोरियाई पहलवान ने भारतीय पहलवान को पछाड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन अमन पूरे मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहे.
Aman Sehrawat wins the Gold Medal in the Men’s 57kg Freestyle Wrestling event at the #AsianGames2026.
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) October 3, 2026
Congratulations, Aman, on a brilliant performance for Indian wrestling!#Cheer4Bharat pic.twitter.com/UIMCGC8O6I
फाइनल से पहले अमन ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराया था. इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का मौका बनाया और फाइनल में उसे हासिल भी कर लिया.
अमन ने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब उन्होंने उसी मेडल का रंग बदलकर गोल्ड कर दिया. शुक्रवार को सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था, यानी कुश्ती में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है.
A GOLDEN MOMENT FOR AMAN SEHRAWAT! 🇮🇳🥇
— Wrestling Federation of India (WFI) (@wfi_wrestling) October 3, 2026
The 57kg warrior conquers the Asian Games stage and brings home the gold! 🔥 pic.twitter.com/6jBZo65hLB
10 साल की उम्र में मां को खोया
अमन सहरावत का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है. उन्होंने 10 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था और इसके एक साल बाद पिता का भी निधन हो गया. इसके बाद उनके चाचाओं ने उनका साथ दिया. हरियाणा के बिरोहर के मिट्टी वाले अखाड़ों से अमन की कुश्ती की शुरुआत हुई.
बाद में वह दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे, जहां कोच ललित कुमार के मार्गदर्शन में उनकी कुश्ती निखरी. अमन की पहचान उनकी तेज रफ्तार, आक्रामक अंदाज और लगातार मूवमेंट वाली कुश्ती से बनी.
सबसे कम उम्र के ओलंपिक मेडलिस्ट बने
अमन ने 2018 और 2019 में अंडर-17 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज जीता. 2019 में अंडर-17 एशियन चैम्पियनशिप का गोल्ड भी उनके नाम रहा. 2022 में उन्होंने अंडर-23 वर्ल्ड चैम्पियनशिप और अंडर-23 एशियन चैम्पियनशिप में गोल्ड जीता.
मई 2024 में इस्तांबुल में हुए वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में उन्होंने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में भारत का ओलंपिक कोटा हासिल किया. पेरिस ओलंपिक से पहले वह रोज करीब आठ घंटे ट्रेनिंग कर रहे थे.
पेरिस 2024 में अमन ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के सबसे कम उम्र के व्यक्तिगत ओलंपिक मेडलिस्ट बनने का गौरव हासिल किया.
हार से वापसी, अब एशियन गेम्स GOLD
पेरिस के बाद भी अमन का सफर आसान नहीं रहा. चोट के कारण वह एशियन चैम्पियनशिप में नहीं उतर सके. इसके बाद मंगोलिया के रैंकिंग टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज जीता और तीन हफ्ते से भी कम समय बाद जून 2025 में तुर्की की इंटरनेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड हासिल किया.
2025 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पेट की बीमारी के कारण वह वजन नहीं कर पाए और मुकाबले से पहले ही डिस्क्वालिफाई हो गए.
अब एशियन गेम्स में वर्ल्ड चैम्पियन को हराकर अमन ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. उनके खाते में अब ओलंपिक ब्रॉन्ज के साथ एशियन गेम्स गोल्ड भी है.
अमन सहरावत की प्रमुख उपलब्धियां