हमारे चेहरे पर ऐसे छोटे जीव भी रहते हैं, जिन्हें हम अपनी आंखों से नहीं देख सकते. ये बालों की जड़ों और पलकों के आसपास रहते हैं. इन्हें डेमोडेक्स माइट्स (Demodex Mites) कहा जाता है. ज्यादातर अडल्ट्स् की त्वचा पर ये मौजूद होते हैं, लेकिन आमतौर पर इनसे कोई परेशानी नहीं होती. ये इतने छोटे होते हैं कि इन्हें देखने के लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत पड़ती है.
डेमोडेक्स माइट्स त्वचा पर मौजूद तेल और बालों की जड़ों में जमा दूसरी चीजों से अपना भोजन लेते हैं. ये चेहरे, नाक, भौंहों और पलकों के आसपास पाए जाते हैं. इनकी एक खास बात यह है कि ये रात में ज्यादा एक्टिव होते हैं. रात के समय ये बालों की जड़ों से बाहर आकर प्रजनन करते हैं और फिर वापस अपनी जगह पर चले जाते हैं. हालांकि, इनका त्वचा पर होना किसी बीमारी का संकेत नहीं है.
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क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, डेमोडेक्स माइट्स की लंबाई करीब 0.15 से 0.4 मिलीमीटर होती है. यानी ये इतने छोटे होते हैं कि इन्हें बिना माइक्रोस्कोप के देखना संभव नहीं है. इंसानों की त्वचा पर इनकी दो मुख्य प्रजातियां पाई जाती हैं.

रात में ज्यादा एक्टिव क्यों होते हैं?
डेमोडेक्स माइट्स दिन के मुकाबले रात में ज्यादा एक्टिव होते हैं. रात में ये बालों की जड़ों से बाहर निकलकर त्वचा की सतह पर आ सकते हैं. इस दौरान ये प्रजनन करते हैं और फिर वापस बालों की जड़ों में चले जाते हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रात में इनकी गतिविधि से हर किसी को खुजली या जलन होगी. ज्यादातर लोगों को पता भी नहीं चलता कि उनकी त्वचा पर ये जीव मौजूद हैं. आमतौर पर ये बिना कोई नुकसान पहुंचाए त्वचा पर रहते हैं.

कब हो सकती है परेशानी?
डेमोडेक्स माइट्स की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ने पर त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. इस स्थिति को डेमोडिकोसिस कहा जाता है. इसमें चेहरे पर लालपन, खुजली, जलन और छोटे-छोटे दाने हो सकते हैं. अगर इनकी संख्या पलकों के आसपास बढ़ जाए, तो पलकों में सूजन, खुजली और उनकी जड़ों पर सफेद पपड़ी जमने जैसी परेशानी हो सकती है. कुछ मामलों में पलकें भी झड़ सकती हैं.
जिन लोगों की बीमारियों से लड़ने की ताकत कमजोर होती है, उनमें इन माइट्स की संख्या बढ़ने का खतरा ज्यादा हो सकता है. हालांकि, चेहरे पर दाने या खुजली होने का मतलब यह नहीं है कि इसकी वजह डेमोडेक्स माइट्स ही हैं. इसके दूसरे कारण भी हो सकते हैं.
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इनसे बचने के लिए क्या करें?
डेमोडेक्स माइट्स ज्यादातर लोगों की त्वचा पर पाए जाते हैं. इसलिए इन्हें पूरी तरह खत्म करने की जरूरत नहीं होती. चेहरे को हल्के क्लींजर से साफ रखना और सोने से पहले मेकअप हटाना त्वचा की देखभाल के लिए अच्छा है.

अगर चेहरे पर लगातार खुजली, लालपन या दाने हों, या पलकों में सूजन और जलन बनी रहे, तो त्वचा विशेषज्ञ या आंखों के डॉक्टर को दिखाना चाहिए. डॉक्टर जांच के बाद जरूरत के हिसाब से इलाज बता सकते हैं. बिना डॉक्टर की सलाह के इन जीवों को खत्म करने के लिए किसी दवा या केमिकल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
डेमोडेक्स माइट्स का त्वचा पर होना सामान्य बात है. ज्यादातर लोगों में ये बिना किसी परेशानी के रहते हैं. समस्या तब होती है, जब इनकी संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और त्वचा या पलकों में परेशानी होने लगती है. इसलिए सिर्फ इनकी मौजूदगी से घबराने की जरूरत नहीं है. त्वचा में लगातार कोई परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.