Ram Navami 2026: रामनवमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है. यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है और इसी दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं, जिन्होंने धरती पर धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए जन्म लिया.
रामनवमी का दिन बुराई पर अच्छाई की जीत, सत्य, मर्यादा और आदर्श जीवन के संदेश का प्रतीक है. इस दिन भक्त सुबह स्नान करके भगवान राम की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और मंदिरों में जाकर भजन-कीर्तन करते हैं. कई जगहों पर राम जन्मोत्सव भी मनाया जाता है, जिसमें दोपहर के समय (मध्यान्ह) भगवान राम के जन्म का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है. ज्योतिषियों के अनुसार, राम नवमी के दिन राम स्तुति पढ़ना बहुत ही शुभ होता है. आइए पढ़ते हैं श्रीराम स्तुति.
श्रीराम की स्तुति
॥दोहा॥
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख
कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि
नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि
नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव
दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल
चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक
चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर
संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर
शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु
कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो
वर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील
स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय
सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि
मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥