राम नवमी (Ram Navami) एक हिंदू त्योहार है जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार राम के जन्मदिन के शुभ अवसर पर मनाया जाता है. यह त्योहार वसंत ऋतु में चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन मनाया जाता है. हिंदू कैलेंडर में पहले महीने चैत्र के शुक्ल पक्ष के नौवें दिन पड़ता है. यह आमतौर पर ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार अप्रैल के महीनों में होता है.
इस खास दिन को राम कथा के पाठ और पूजा अर्चना की जाती है. इस दिन महाकाव्य रामायण का भी पाठ किया जाता है. श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की भी भव्या पूजा की जाती है (Ram Navami Puja).
राम नवमी के दिन भक्त मंदिर जाकर पूजा-प्रार्थना करते हैं तो वही कई घरों में खास तरह से राम परिवार की पूजा की जाती है और ब्राह्मणों को दक्षिणा दिया जाता है. पूजा और आरती के बाद भजन - कीर्तन और संगीत प्रस्तुत किया जाता है. कुछ भक्त शिशु राम की छोटे मूर्तियों को लेकर, उन्हें स्नान करा कर और कपड़े पहनाकर, फिर उन्हें पालने में रखकर पूजा करते हैं. भारत के कई स्थानों पर धर्मार्थ कार्यक्रम और सामुदायिक भोजन भी आयोजित किए जाते हैं. यह त्योहार कई हिंदुओं के लिए नैतिकता का बोध कराती है. कुछ लोग इस दिन को व्रत भा रखते हैं (Ram Navami Rituals).
नेपाल के नए प्रधानमंत्री के तौर पर बालेन्द्र शाह शपथ लेने जा रहे हैं. और इस शपथग्रहण समारोह को विशेष बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इस समारोह की टाइमिंग इसलिए भी खास है, क्योंकि शपथग्रहण के लिए रामनवमी का दिन चुना गया है. यह वही समय होगा जब अयोध्या के राममंदिर में विशेष पूजा की जा रही होगी.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और आस्था का सम्मान करते हुए बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश में अब 26 मार्च के साथ-साथ 27 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा. मंदिरों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
Ram Navami 2026: इस बार लोगों में रामनवमी की सही तारीख को लेकर कंफ्यूजन है. जानें 26 या 27 मार्च में कब मनाई जाएगी राम नवमी, क्या है शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत के नियम और भगवान राम के मंत्र.
कब है चैत्र नवरात्र की अष्टमी-नवमी? जानें क्या रहेगा कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त. चैत्र नवरात्र 2026 में अष्टमी और राम नवमी का विशेष महत्व है. द्रिक पंचांग के अनुसार, महाअष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी. अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 26 मार्च सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. वहीं राम नवमी 27 मार्च 2026 को मनाई जाएगी
Ram Navami 2026 Horoscope: रामनवमी पर इस बार ग्रहों का बहुत शुभ योग बनने जा रहा है. इस रामनवमी भगवान राम के साथ-साथ मां दुर्गा की विशेष कृपा बन रही है. इसका प्रभाव राशियों पर भी होगा. तो आइए जानते हैं कि रामनवमी से किन किन राशियों का अच्छा टाइम शुरू होगा.
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हत्या के बाद पैदा हुए सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने पुलिस और नागरिक प्रशासन को ईद और रामनवमी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की 'प्रतिहिंसा' को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया है.
26 या 27 मार्च, कब है राम नवमी, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. हिंदू धर्म में राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार त्रेता युग में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ था. इसी कारण हर साल इस तिथि पर देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ राम नवमी का पर्व मनाया जाता है.
आज महानवमी है, जो नवरात्र का अंतिम दिन है और मां सिद्धिदात्री को समर्पित है. मां सिद्धिदात्री भक्तों को सिद्धियां और आत्मज्ञान का वरदान देती हैं. इस दिन मां का रूप हमें सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से जीवन में हर मंजिल को पाया जा सकता है. देश भर में शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा का जश्न है.
राम नवमी 2025 का त्योहार 6 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है और इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा भी की जाती है। इस वीडियो में जानें राम नवमी के शुभ मुहूर्त, पूजा की सही विधि और इस दिन के महत्व के बारे में।
झारखंड के गिरिडीह में रामनवमी के दौरान पारंपरिक अखाड़ा खेलते वक्त सुखदेव प्रसाद यादव की हार्ट अटैक से मौत हो गई। लाठी भांजते समय अचानक गिरने के बाद डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उनकी मृत्यु हार्ट अटैक के कारण हुई। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिससे हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई जा रही है।
रामनवमी पर इक्का दुक्का-विवाद की खबरें तो आई, लेकिन प्रभु राम के जन्मोत्सव पर देशभर में कई जगहों से भाईचारे की तस्वीरें भी सामने आईं. महाराष्ट्र के नागपुर और संभाजीनगर में रामनवमी पर जो शोभायात्रा निकली थी, उसमें मुस्लिम सेवा समिति के लोगों ने पूरे जोशोखरोश के साथ शिरकत की. यात्रा में शामिल लोगों के सम्मान के साथ मुस्लिम सेवा समिति के लोगों ने जलसेवा भी की. देखिए.
पश्चिम बंगाल में रामनवमी शोभायात्रा की उपलब्धि ये रही कि ममता बनर्जी को राजभवन की तरफ से तारीफ सुनने को मिली है, लेकिन बीजेपी ने सरकार पर हमला बोला है - हां, शुभेंदु अधिकारी के सामने कुछ कर दिखाने का मौका जरूर है.
पश्चिम बंगाल में रामनवमी का त्योहार तो कल संपन्न हो गया, लेकिन सियासत जारी है. आम तौर पर कहीं से किसी भी तरह की अप्रिय वारदात की खबर नहीं आई. लेकिन देर शाम सुकांत मजूमदार ने कहा कि पार्क सर्कस इलाके में शोभायात्रा से वापस लौटते समय हिंदू श्रद्धालुओं पर हमला किया गया. उधर, टीएमसी का दावा है कि शोभायात्रा शांतिपूर्ण रही. देखें 9 बज गए.
राम नवमी के मौके पर प्रयागराज के सिकंदरा इलाके में गाजी मिया की मजार पर कुछ लोगों ने भगवा झंडा लहराए. महाराजा सुहेलदेव सलमान सुरक्षा मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा यह कार्रवाई की गई बताई जा रही है. वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है. देखें...
रामनवमी के पवित्र त्योहार पर भी सियासत हो रही है. बंगाल की सड़कों पर भक्ति से ज्यादा सियासत दिखी. जय श्रीराम के नारों के साथ शोभा यात्राएं निकली, वहीं टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी त्योहार की आड़ में महौल को बिगाड़ने की साजिश रच रही थी, लेकिन ममता बनर्जी ने उसे असफल कर दिया. देखें ये बुलेटिन.
रामनवमी के पावन पर्व पर अयोध्या नगरी में भी उत्सव मनाया गया. इस समय राम भक्त बड़ी संख्या में राम लला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे हैं. आज का दिन खास है तो भक्तों की भारी भीड़ है. चारों ओर राम नाम का जयकारा लगा रहे हैं, पूरा नगर रामनवमी का उत्सव मना रहा है. देखें...
पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण तरीके से रामनवमी मनाए जाने को लेकर राज्यपाल बोस ने ममता बनर्जी सरकार की सराहना की है. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में और कई सालों में पहली बार पश्चिम बंगाल में रामनवमी शांतिपूर्ण तरीके से मनाई गई. इसको सफल बनाने में सभी के सम्मिलित प्रयास सफल रहे. उत्सव के दौरान राजनीतिक कीचड़ उछालने और हिंसा के पिछले अनुभव दूर की बात दिखाई दिए.
रामनवमी के मौके पर बीजेपी ने पूरे बंगाल में कई जगहों पर शोभायात्राएं निकालीं. बीजेपी के तमाम नेता इसमें शामिल हुए. उधर, नंदीग्राम में बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राम मंदिर के निर्माण की नींव रखी. रामनवमी पर पूरे दिन बंगाल के कई इलाकों में इन शोभायात्राओं के लेकर तनातनी रही. देखें शंखनाद.
रामनवमी पर आज बंगाल की सड़कों पर भक्ति से ज्यादा सियासत दिखी. बीजेपी ने शोभा यात्राओं के जरिए जहां शक्ति प्रदर्शन किया. 2026 विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल फूंक दिया, वहीं टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी त्योहार की आड़ में माहौल को बिगाड़ने की साजिश रच रही थी. सवाल है कि क्या रामनवमी के मंच से 2026 की रणनीति का आगाज हो चुका है? देखे दंगल.
अयोध्या में इस बाद रामनवमी की अलग रौनक देखने को मिली. श्रद्धालु बड़ी संख्या में राम लला के दर्शन करने पहुंचे. रामलला का सूर्य तिलक हुआ. उसके बाद विशेष आरती भी की गई. चारों ओर 'जय श्री राम' के जयकारों की गूंज रही. देखें ये स्पेशल शो.
संभल में रामनवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई. इस यात्रा में राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और महाकालेश्वर की झांकियां शामिल थीं. सड़कों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जिसमें युवाओं और बच्चों ने भी भाग लिया. यात्रा में भगवान राम, झांसी की रानी और अयोध्या के राम मंदिर की झांकियां भी शामिल थीं.