राम नवमी (Ram Navami) एक हिंदू त्योहार है जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार राम के जन्मदिन के शुभ अवसर पर मनाया जाता है. यह त्योहार वसंत ऋतु में चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन मनाया जाता है. हिंदू कैलेंडर में पहले महीने चैत्र के शुक्ल पक्ष के नौवें दिन पड़ता है. यह आमतौर पर ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार अप्रैल के महीनों में होता है.
इस खास दिन को राम कथा के पाठ और पूजा अर्चना की जाती है. इस दिन महाकाव्य रामायण का भी पाठ किया जाता है. श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की भी भव्या पूजा की जाती है (Ram Navami Puja).
राम नवमी के दिन भक्त मंदिर जाकर पूजा-प्रार्थना करते हैं तो वही कई घरों में खास तरह से राम परिवार की पूजा की जाती है और ब्राह्मणों को दक्षिणा दिया जाता है. पूजा और आरती के बाद भजन - कीर्तन और संगीत प्रस्तुत किया जाता है. कुछ भक्त शिशु राम की छोटे मूर्तियों को लेकर, उन्हें स्नान करा कर और कपड़े पहनाकर, फिर उन्हें पालने में रखकर पूजा करते हैं. भारत के कई स्थानों पर धर्मार्थ कार्यक्रम और सामुदायिक भोजन भी आयोजित किए जाते हैं. यह त्योहार कई हिंदुओं के लिए नैतिकता का बोध कराती है. कुछ लोग इस दिन को व्रत भा रखते हैं (Ram Navami Rituals).
Ram Navami 2026: राम नवमी के खास मौके पर जानते हैं भगवान श्रीराम के चरणों में बने 48 दिव्य चिन्हों का रहस्य और उनका आध्यात्मिक महत्व. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये चिन्ह सुख, शांति, समृद्धि और मोक्ष से जुड़े माने जाते हैं. जानें दाहिने और बाएं चरण के शुभ प्रतीकों का अर्थ और महत्व.
क्या आप जानते हैं? 'रामायण' जैसे ऐतिहासिक शो में भगवान राम का अमिट किरदार निभाने वाले एक्टर अरुण गोविल को शुरुआत में इस रोल के लिए मना कर दिया गया था.
पंचमुखी हनुमान भगवान हनुमान का दुर्लभ और शक्तिशाली स्वरूप है, जिसमें उनके पांच मुख होते हैं. यह रूप महिरावण और अहिरावण का वध करने के लिए प्रकट हुआ था. पंचमुखी हनुमान के पांच मुख भक्ति, शक्ति, भय नाश, धन-समृद्धि और विद्या के प्रतीक हैं.
भगवान श्रीराम का जन्म केवल एक कारण से नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे कई शाप और वरदान थे जो रामचरित मानस में तुलसीदास द्वारा संक्षेप में बताए गए हैं। जय-विजय के शाप से लेकर ऋषि कश्यप और अदिति के वरदान तक, सभी ने श्रीराम के अवतार को संभव बनाया.
इस वर्ष 27 मार्च को ही रामनवमी का त्योहार मनाया जाएगा. इस महोत्सव को लेकर पूरी रामनगरी भक्ति और उल्लास में डूबी है. रामनवमी पर सुबह 9 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम का पंचगव्य, सरयू जल और सुगंधित द्रव्यों से भव्य अभिषेक किया जाएगा. रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा और उन्हें 56 भोग अर्पित किए जाएंगे.
Ram Navami 2026: राम नवमी 2026 का पर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा. यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में बेहद खास माना जाता है. इस मौके पर श्रीराम स्तुति का पाठ करना शुभ होता है और जीवन में सुख-शांति लाने वाला माना जाता है. जानिए राम नवमी का महत्व और पढ़ें श्रीराम स्तुति.
Ram Navami 2026 Vastu Tips: रामनवमी पर कुछ खास वस्तुएं घर लाना बेहद शुभ माना जाता है. जानिए तुलसी, शंख और चांदी के सिक्के जैसे उपाय कैसे आपके घर में सुख, शांति और पॉजिटिव एनर्जी ला सकते हैं.
रामनवमी पर अयोध्या में रामलला का सूर्य तिलक हुआ. इस दौरान भगवान राम के ललाट पर नीली किरणें पड़ीं. इस दिव्य नज़ारे का प्रधानमंत्री मोदी ने टीवी पर दर्शन किया. देखें वीडियो.
चैत्र नवरात्र का समापन और भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का पावन पर्व रामनवमी इस साल बेहद खास माना जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीराम की कृपा कुछ खास राशियों पर विशेष रूप से बरसती है. जानिए इनके नाम...
यूपी के अयोध्या में रामनवमी पर रामलला के ललाट पर सूर्य तिलक हुआ. इस दौरान सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर रहीं. इस मौके पर पूरी अयोध्या राममय हो गई, राम मंदिर से सूर्यतिलक की अद्भुत तस्वीरें सामने आईं देखें.
Ram Navami 2026 Rashifal: रामनवमी के पावन अवसर पर जानें किन 5 राशियों पर भगवान श्रीराम की विशेष कृपा रहने वाली है. मिथुन, कर्क, तुला, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय सफलता, सम्मान और तरक्की के नए अवसर लेकर आ सकता है.
राम नवमी 2026 के मौके पर नीता अंबानी की 'राम नाम' वाली साड़ी इंटरनेट पर वायरल है. मास्टर आर्टिजन हरिशंकर मेहर द्वारा 2 साल में तैयार की गई इस 'बंधा इकट' साड़ी में नीता अंबानी ने अपनी गहरी आस्था और भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक पेश की है.
भगवान श्रीराम के पास केवल धनुष और तीर ही नहीं थे, बल्कि उन्हें महर्षि विश्वामित्र, अगस्त्य और परशुराम जैसे गुरुजनों से कई दिव्य अस्त्र और शस्त्र प्राप्त हुए थे. वाल्मीकि रामायण के अनुसार, श्रीराम को बला, अतिबला, ब्रह्मास्त्र, त्रिशूल, वज्र, नारायण अस्त्र, मदन अस्त्र, और कई अन्य दिव्य हथियार मिले थे.
आज नवरात्र के आखिरी दिन यानी नवमी पर कन्या पूजन की थाली में काले चने, सूजी का हलवा, आलू की भाजी और गरमा-गरम पूरियां सबसे मुख्य होती हैं. लेकिन सुबह-सुबह सबकुछ बनाना काफी मुश्किल होता है. अगर आपने अभी तक थाली तैयार नहीं की है तो यहां हम आपको कम समय में पूरी थाली तैयार करने का तरीका बता रहे हैं.
आज पूरे देश में रामनवमी का पर्व मनाया जा रहा है. चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि को बहुत खास माना जाता है. इस दिन को महानवमी के साथ-साथ रामनवमी के रूप में भी मनाया जाता है. आजतक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि आज श्रीराम की पूजा कैसे करें? साथ ही उन्होनें 12 राशियों के दैनिक राशिफल पर चर्चा की.
Ram Navami 2026: भगवान राम जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु के सातवें अवतार हैं. भगवान राम के प्रति लोगों की श्रद्धा अटूट है. राम नवमी का त्योहार भगवान राम को समर्पित है. दरअसल, राम नवमी का त्योहार भगवान राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. भगवान राम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था. इसलिए हर साल चैत्र माह की नवमी तिथि को राम नवमी का त्योहार मनाया जाता है.
नवरात्रि के पावन पर्व का समापन मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ होता है. इस दिन मां को अलग-अलग प्रकार के व्यंजन भोग में चढ़ाए जाते हैं. ऐसे में इस खास अवसर के लिए यहां हम आपको केसरिया खीर की रेसिपी बता रहे हैं.
राम नवमी पर हलवा-पूरी के अलावा दक्षिण भारत में 'पानकम' का विशेष महत्व है. गुड़, सोंठ और इलायची से बना पेय न केवल भगवान राम का प्रिय भोग है, बल्कि हेल्दी भी है.
Ram Navami 2026 Rashifal: रामनवमी पर बन रहे शुभ योग कुछ राशियों के लिए बहुत ही ज्यादा फलदायी रहने वाले हैं. जानें किन राशियों को मिलेगा धन लाभ, करियर में सफलता और जीवन में नई खुशखबरी प्राप्त हो सकती है.
Ram Navami 2026: पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर प्रारंभ होगी और 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी. राम नवमी का मध्याह्न काल 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 54 मिनट के बीच होगा.
इस बार लोग राम नवमी की तिथि को लेकर काफी ज्यादा असमंजस में भी है. कुछ लोगों का कहना है कि राम नवमी का पर्व 26 मार्च को मनाया जाना चाहिए और कुछ 27 तारीख की बात कर रहे हैं. इस वीडियो को देखकर दूर करें तिथि का कंफ्यूजन