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आ गई लोहड़ी और मकर संक्रांति, जानें इन त्योहारों का महत्व और सूर्य-शनि से लाभ पाने के उपाय

साल में बारह संक्रांतियां होती हैं, लेकिन दो संक्रांतियां सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती हैं. एक मकर संक्रांति और दूसरी कर्क संक्रांति. सूर्य जब मकर राशि में जाता है तब मकर संक्रांति होती है. मकर संक्रांति से अग्नि तत्त्व की शुरुआत होती है.

आ गई लोहड़ी और मकर संक्रांति, जानें इन त्योहारों पर सूर्य और शनि कैसे देंगे लाभ आ गई लोहड़ी और मकर संक्रांति, जानें इन त्योहारों पर सूर्य और शनि कैसे देंगे लाभ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सूर्य का किसी राशि पर भ्रमण संक्रांति कहलाता है
  • साल में कुल बारह संक्रांतियां होती हैं

लोहड़ी भी उत्तर भारत का एक प्रमुख त्योहार है. यह भी सूर्य की मकर संक्रांति से ही संबंध रखता है. इसमें भी प्रकाश की ही पूजा की जाती है. इस पर्व में लोग संध्या को अग्नि जलाकर उसमें आहुति देते हैं. सामान्यतः अग्नि में तिल, मक्का और रेवड़ी आदि डाली जाती है. परिवार में विवाह होने पर या घर में किसी बच्चे के जन्म पर यह त्योहार और भी विशेष हो जाता है.

क्या है मकर संक्रांति?
सूर्य का किसी राशि विशेष पर भ्रमण करना संक्रांति कहलाता है. सूर्य हर माह में राशि का परिवर्तन करता है, इसलिए कुल मिलाकर साल में बारह संक्रांतियां होती हैं, लेकिन दो संक्रांतियां सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती हैं. एक मकर संक्रांति और दूसरी कर्क संक्रांति. सूर्य जब मकर राशि में जाता है तब मकर संक्रांति होती है. मकर संक्रांति से अग्नि तत्त्व की शुरुआत होती है. इस समय सूर्य उत्तरायण होता है अतः इस समय किए गए जप और दान का फल अनंत गुना होता है. इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी 

मकर संक्रांति का ज्योतिष से संबंध
सूर्य और शनि का सम्बन्ध इस पर्व से होने के कारण यह काफी महत्वपूर्ण है. कहते हैं इसी त्योहार पर सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने के लिए आते हैं. अगर कुंडली में सूर्य या शनि की स्थिति ख़राब हो तो इस पर्व पर विशेष तरह की पूजा से उसको ठीक कर सकते हैं. इस पर्व पर स्नान, ध्यान और दान विशेष फलदायी होता है.

सामान्य रूप से मकर संक्रांति को क्या करें?
पहली होरा में स्नान करें,सूर्य को अर्घ्य दें. श्रीमदभागवद के एक अध्याय का पाठ करें,या गीता का पाठ करें. नए अन्न,कम्बल और घी का दान करें. भोजन में नए अन्न की खिचड़ी बनाएं. भोजन भगवान को समर्पित करके प्रसाद रूप से ग्रहण करें.

सूर्य से लाभ पाने के लिए क्या करें?
लाल फूल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें. सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें. मंत्र होगा- "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः", लाल वस्त्र, ताम्बे के बर्तन तथा गेंहू का दान करें. संध्या काल में अन्न का सेवन न करें

शनि से लाभ पाने के लिए क्या करें?
तिल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें. शनि देव के मंत्र का जाप करें. मंत्र होगा- "ॐ प्रां प्री प्रौं सः शनैश्चराय नमः". घी, काला कम्बल और लोहे का दान करें. दिन में अन्न का सेवन न करें.

 

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