Pitra Paksha 2026: साल 2026 में पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू होगा और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा. वहीं, 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध किया जाएगा. पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने का समय माना जाता है. इस दौरान लोग तर्पण, श्राद्ध और दान जैसे धार्मिक कार्य करते हैं. लेकिन इसकी तैयारी केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं मानी जाती.
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष शुरू होने से पहले घर के वातावरण को भी व्यवस्थित करना चाहिए. घर में लंबे समय से पड़ी बेकार चीजें, खराब सामान और बिखरी पुरानी तस्वीरें घर को अस्त-व्यस्त बना सकती हैं. इसलिए पितृ पक्ष शुरू होने से पहले इन 5 बातों का ध्यान रखा जा सकता है.
1. घर से बेकार और टूटा सामान हटाएं
पितृ पक्ष से पहले पूरे घर की अच्छी तरह सफाई करें. ऐसे कपड़े जो लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुए हैं, पुराने पैकेट, बेकार कागज और टूटी-फूटी चीजों को घर में जमा करके न रखें.
वास्तु की मान्यता के अनुसार, घर में अनावश्यक सामान जमा रहने से ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है. इसलिए जो चीजें काम की नहीं हैं, उन्हें घर से हटाना बेहतर माना जाता है.
हालांकि, हर पुरानी चीज को फेंकना जरूरी नहीं है. परिवार के किसी बुजुर्ग या पूर्वज से जुड़ी वस्तु अगर भावनात्मक महत्व रखती है, तो उसे साफ करके सुरक्षित तरीके से रखें.
2. दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा रखें साफ
वास्तु में दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा को पूर्वजों से जुड़े विषयों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. पितृ पक्ष से पहले घर की इन दिशाओं को खास तौर पर देखें. यहां पुराने डिब्बे, खराब सामान, टूटे फर्नीचर या लंबे समय से पड़ा बेकार सामान है तो उसे व्यवस्थित करें. इन जगहों को साफ रखना वास्तु की दृष्टि से अच्छा माना जाता है. इसके लिए किसी महंगे उपाय की जरूरत नहीं है. सबसे पहले घर में मौजूद अनावश्यक सामान को हटाएं.
3. पूर्वजों की तस्वीरों को करें व्यवस्थित
पितृ पक्ष पूर्वजों को याद करने का अवसर भी है. ऐसे में घर में लगी दादा-दादी, नाना-नानी या अन्य दिवंगत परिजनों की तस्वीरों को साफ करें. अगर पुरानी तस्वीरें खराब हो रही हैं, तो उन्हें डिजिटल रूप में भी सुरक्षित किया जा सकता है. तस्वीरों को एक जगह व्यवस्थित करके रखना भी अच्छा माना जाता है. परिवार की पुरानी कहानियां और पूर्वजों से जुड़ी यादें अगली पीढ़ी के साथ साझा करना भी इस दौरान एक अच्छा तरीका हो सकता है.
4. खराब सामान की मरम्मत कराएं
घर में कई ऐसी चीजें होती हैं जो लंबे समय से खराब पड़ी रहती हैं. कभी बंद घड़ी, कभी टूटी कुर्सी, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या टूटा फोटो फ्रेम. पितृ पक्ष से पहले ऐसी चीजों पर फैसला लें. अगर सामान उपयोगी है तो उसकी मरम्मत करवाएं. इस्तेमाल नहीं करना है तो उसे हटा दें या जरूरतमंद को दे सकते हैं. पूर्वजों से जुड़ी कोई वस्तु भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, तो उसे खराब हालत में पड़े रहने देने के बजाय साफ करके सुरक्षित रखना बेहतर है.
5. घर में बनाएं शांत और साफ जगह
पितृ पक्ष के दौरान पूजा, प्रार्थना या पूर्वजों के स्मरण के लिए घर में एक साफ और शांत जगह रखना अच्छा माना जाता है. इसके लिए अलग से बड़ा स्थान बनाने की जरूरत नहीं है. घर का कोई साफ कोना भी इसके लिए पर्याप्त हो सकता है. इस जगह पर परिवार की परंपरा के अनुसार प्रार्थना, तर्पण या अन्य धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं. कुछ समय शांत बैठकर पूर्वजों को याद करना भी इस अवधि का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.
पितृ पक्ष से पहले सफाई का महत्व
वास्तु मान्यताओं में साफ और व्यवस्थित घर को सकारात्मक वातावरण से जोड़ा जाता है. इसलिए पितृ पक्ष से पहले घर की सफाई और अनावश्यक सामान हटाने की सलाह दी जाती है. इस दौरान घर को व्यवस्थित करने के साथ परिवार की पुरानी तस्वीरों और यादों को भी संभालकर रखा जा सकता है. इससे घर साफ होने के साथ पूर्वजों से जुड़ी यादें भी सहेजी जा सकती हैं.