Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में पौधों को सबसे मददगार और अच्छी आर्थिक स्थिति का सोर्स माना जाता है. इन्हीं पौधों में से एक है क्रासुला प्लांट. वैसे तो क्रासुला के प्लांट को सजाने के लिए प्रयोग किया जाता है. लेकिन, क्रासुला प्लांट का वास्तु शास्त्र में भी महत्वपूर्ण है.
क्रासुला प्लांट को जेड प्लांट या मनी ट्री भी कहा जाता है. वास्तुशास्त्र और फेंगशुई में इसे धन और समृद्धि को आकर्षित करने वाला चमत्कारी पौधा माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, इसे सही दिशा में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. घर में क्रासुला का पौधा रखने के लिए ये दिशाएं और स्थान सबसे उत्तम माने जाते हैं.
1. मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance)
दाहिनी तरफ (Right Side)
घर के मुख्य दरवाजे के दाहिनी ओर (जब आप बाहर से घर के अंदर आ रहे हों) क्रासुला रखना सबसे ज्यादा फलदायी माना जाता है.
लाभ
इसे प्रवेश द्वार पर रखने से यह घर में नकारात्मक ऊर्जा को आने से रोकता है और सुख-समृद्धि व सौभाग्य को अंदर आमंत्रित करता है.
2. पूर्व या उत्तर दिशा (East or North Direction)
उत्तर दिशा (North)
उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर जी की दिशा माना जाता है. इस दिशा में क्रासुला रखने से करियर में नए अवसर मिलते हैं. बिजनेस में तरक्की होती है.
पूर्व दिशा (East)
पूर्व दिशा सूर्य देव की है, जो सकारात्मकता और अच्छी सेहत से जुड़ी है. यहां पौधा रखने से घर के सदस्यों का मान-सम्मान बढ़ता है. सुख-शांति बनी रहती है.
3. दक्षिण-पूर्व कोना (आग्नेय कोण)
धन का कोना
वास्तु में दक्षिण-पूर्व दिशा को धन और समृद्धि का कोना (Wealth Corner) माना जाता है, जिसके स्वामी शुक्र ग्रह हैं.
लाभ
ड्राइंग रूम या लिविंग एरिया के दक्षिण-पूर्व कोने में इस पौधे को रखने से आर्थिक स्थिति तेजी से मजबूत होती है और रुका हुआ धन वापस आने के योग बनते हैं.
इन जगहों पर भूलकर भी न रखें
बेडरूम
इसे बेडरूम में रखने से मानसिक तनाव या नींद में खलल पड़ सकता है, क्योंकि इसकी ऊर्जा काफी सक्रिय होती है.
बाथरूम या टॉयलेट
यहां रखने से घर की सकारात्मक ऊर्जा और धन व्यर्थ में बह जाता है.
अंधेरी जगह या किचन
इसे सीधी आंच/गर्मी और पूरी तरह से अंधेरे कोनों से दूर रखें, अन्यथा यह सूख सकता है, जो कि वास्तु के लिहाज से शुभ नहीं माना जाता है.
पौधे की देखभाल के जरूरी टिप्स
- इस पौधे को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. जब गमले की मिट्टी पूरी तरह सूखी लगे, तभी पानी दें.
- इसे ऐसी जगह पर रखें जहां इसे हल्की धूप या अच्छी प्राकृतिक रोशनी मिलती रहे.