सूर्य 16 जुलाई को कर्क राशि में गोचर करने वाले हैं. इस वक्त राहु कुंभ राशि में बैठा हुआ है. ऐसे में सूर्य और राहु मिलकर षडाष्टक योग बनाने वाले हैं. यह दुर्लभ योग पूरे एक महीने प्रभावी रहेगा. इसके अलावा, सिंह राशि में बैठे केतु के साथ मिलकर सूर्य द्विद्वादश योग भी बनाने वाले हैं. वहीं, कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति पहले से विराजमान हैं. ऐसे में सूर्य के नजदीक आते ही गुरु भी अस्त हो जाएंगे. सूर्य गोचर के कारण बन रहे ये दुर्लभ संयोग चार राशियों की मुश्किल बढ़ाने वाले माने जा रहे हैं. आइए जानते हैं कि आने वाले दिनों में इन राशियों पर इसका क्या प्रभाव होगा.
वृष राशि
सूर्य का यह गोचर सामान्य रूप से अनुकूल नहीं है. इस अवधि में भाई-बहनों के साथ गलतफहमी बढ़ सकती है. इस दौरान नई बातें सीखने का अवसर मिलेगा. आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का शॉर्टकट अपनाने से बचने और लगातार प्रयास करते रहने की सलाह दी गई है.
उपाय:
रोजाना कुमकुम मिलाकर सूर्य को जल अर्पित करें. लाल चंदन या केसर का तिलक लगाएं.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों को इस अवधि में अपनी वाणी पर विशेष नियंत्रण रखना होगा. पारिवारिक मामलों में भी सावधानी जरूरी रहेगी. पेशेवर जीवन में निरंतर प्रगति के संकेत हैं, लेकिन कटु शब्द या जल्दबाजी में कही गई बात विवाद बढ़ा सकती है. पारिवारिक जिम्मेदारियां भी बढ़ सकती हैं.
उपाय:
प्रत्येक रविवार मंदिर में दीपक जलाकर भगवान सूर्य को प्रणाम करें और सकारात्मकता व ऊर्जा की प्रार्थना करें.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लोगों को पारिवारिक और व्यावसायिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना होगा. बिजनेस पार्टनर और जीवनसाथी के साथ अहंकार या टकराव से बचने की सलाह दी गई है. भावनात्मक रूप से मजबूत रहकर निर्णय लेना अधिक लाभदायक रहेगा.
उपाय:
रोजाना आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें. रविवार के दिन इसका पाठ विशेष रूप से करें.
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ मतभेद होने की संभावना रहेगी. प्रोफेशनल जीवन में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. ऐसे समय में धैर्य और संयम के साथ काम करना अधिक लाभदायक रहेगा.
उपाय:
प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें. अर्घ्य के जल में लाल फूल, रोली और अक्षत मिलाकर अर्पित करें.