कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है. शनि पर साढ़ेसाती का यह दौर 3 जून 2027 तक जारी रहेगा. इस दिन शनि जब मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे तो कुंभ राशि से शनि की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी. ज्योतिषविद कुंभ राशि के जातकों के लिए इसे बड़ी राहत की बात मान रहे हैं. हालांकि कुंभ राशि से साढ़ेसाती खत्म होने में अभी करीब 7-8 महीने बाकी हैं. और अभी त्योहारों का मौसम भी चल रहा है. आइए जानते हैं कि आने वाले दिनों में उतरती साढ़ेसाती का सभी राशियों पर कैसा असर होगा.
1. रुका धन आएगा वापस
कुंभ राशि के जो जातक लंबे समय से आर्थिक समस्या या धन अटकने की परेशानी से जूझ रहे थे, उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है. यदि किसी से उधार दिया हुआ पैसा वापस नहीं मिला है या कोई लेन-देन रुका हुआ है तो उसमें गति आने की संभावना है. अगले 7-8 महीनों के भीतर आपका रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. हालांकि आपको गैर जरूरी खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा. आय और खर्च के बीच भी आप बेहतर संतुलन बनाकर चलेंगे.
2. करियर-कारोबार में लाभ
कुंभ राशि के जातकों को पेशेवर मोर्चे पर आगे बढ़ने के सुनहरे अवसर मिल सकते हैं. नौकरीपेशा जातकों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है. वहीं, कारोबारी जातक ऐसे लोगों को संपर्क में आ सकते हैं जो उन्हें कोई बड़ी या मुनाफे की डील दिलाने में मदद करेंगे. इस दौरान धैर्य के साथ काम करना और अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाना महत्वपूर्ण रहेगा.
3. रुका कार्य पूरे होंगे
कुंभ राशि के जातकों के जो भी कार्य लंबित हैं यानी रुके हुए हैं, उनमें गति आएगी. कार्यों की सूची बनाकर उन्हें प्राथमिकता दी जाए, तो उनमें सफलता मिलने की संभावना बहुत अधिक रहेगी. जिम्मेदारियों को टालने के बजाय एक-एक करके निपटाने पर ध्यान दें. आपको धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कार्यों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ना होगा.
4. घर-परिवार में खुशहाली
पारिवारिक खुशहाली के लिहाज से भी उतरती साढ़ेसाती को आपके लिए अच्छा माना जा रहा है. गृह क्लेश आदि से मुक्त रहेंगे. घर में सुख-शांति बनी रहेगी. नई खुशियों की दस्तक होगी. घर के सदस्यों की तरक्की में जो बाधा आ रही थी, उसके दूर होने का समय अब आ गया है.
उपाय
कुंभ राशि के जातक शनिवार को शनि देव की पूजा करें. जरूरतमंदों को काले तिल या काली उड़द का दान करने का भी सुझाव दिया गया है. बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें. नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें.