"एक स्त्री को पुरुष को संवेदनशील (शांत और दयालु) बनाना चाहिए, कमजोर नहीं." — सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud)
आसान शब्दों में इसका अर्थ:
महान मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड का मानना था कि एक स्वस्थ और सच्चे रिश्ते की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह आपको अंदर से एक बेहतर इंसान बनाए, न कि आपकी आंतरिक ताकत या हौसले को खत्म करे.
संवेदनशील (Soften) बनाने का मतलब: जब जीवन में एक सही पार्टनर की एंट्री होती है, तो उसके प्यार, परवाह और सकारात्मक प्रभाव से स्वभाव का रूखापन या गुस्सा शांत होने लगता है. इंसान दूसरों के प्रति अधिक दयालु, शांत, समझदार और भावनात्मक रूप से परिपक्व बनता है.
कमजोर (Weaken) न करने का मतलब: प्यार या रिश्ते का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपनी व्यक्तिगत पहचान खो दें, पूरी तरह सामने वाले पर निर्भर हो जाएं या अपने करियर, सपनों और लक्ष्यों से समझौता कर लें.
सच्चा प्यार और एक मजबूत रिश्ता वह है जो आपकी मानसिक शांति को तो बढ़ाए (आपको सॉफ्ट बनाए), लेकिन आपके आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और इच्छाशक्ति को कभी कम (कमजोर) न होने दे.
कौन थे सिगमंड फ्रायड?
सिगमंड फ्रायड (1856-1939) एक ऑस्ट्रियाई न्यूरोलॉजिस्ट और मनोविश्लेषण (Psychoanalysis) के जनक थे. उन्हें आधुनिक मनोविज्ञान का पिता भी कहा जाता है. फ्रायड ने इंसानी दिमाग की परतों (अचेतन मन), इंसानी व्यवहार और हमारे सपनों के पीछे छिपे रहस्यों को समझने के लिए दुनिया के सबसे क्रांतिकारी सिद्धांत दिए, जो आज भी प्रासंगिक हैं.