कई बार अच्छी कमाई के बावजूद पैसा हाथ में नहीं टिकता और महीने के आखिर तक बचत करना मुश्किल हो जाता है. इसके पीछे खर्चों की अधिकता, गलत वित्तीय फैसले या दूसरी व्यावहारिक वजहें हो सकती हैं. वहीं, वास्तु शास्त्र में घर की बनावट और चीजों की व्यवस्था को भी सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि घर में बिखरा सामान, पानी का लगातार टपकना और मुख्य द्वार पर रुकावट जैसी कुछ चीजें सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं.
अगर आप भी चाहते हैं कि घर साफ-सुथरा और व्यवस्थित रहे, तो वास्तु से जुड़ी इन 5 सामान्य गलतियों पर ध्यान दे सकते हैं. इन्हें सुधारने से घर का माहौल बेहतर बनाने और रोजमर्रा के कामों को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है.
1. काम करने की जगह पर न करें ये गलतियां
घर से काम करते हैं या अपना छोटा ऑफिस चलाते हैं, तो कार्यस्थल की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, बहुत तंग जगह पर डेस्क रखना या काम करते समय सामने खाली दीवार होना तरक्की में रुकावट का प्रतीक माना जाता है.
क्या करें: अपनी डेस्क को ऐसी जगह रखें, जहां से कमरे का प्रवेश द्वार दिखाई दे. मेज पर गैरजरूरी सामान न रखें और जरूरी दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से रखें. इससे काम करने में आसानी होगी, एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
2. घर में न टपकने दें नल का पानी
वास्तु शास्त्र में पानी को संसाधनों और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि घर में लगातार टपकता नल आर्थिक नुकसान का प्रतीक हो सकता है.
क्या करें: रसोई, बाथरूम और अन्य जगहों पर लगे नलों की नियमित जांच करें. कहीं से पानी टपक रहा हो, तो उसे जल्द ठीक कराएं. पाइपलाइन में रिसाव होने पर भी उसे नजरअंदाज न करें.
3. मुख्य द्वार के सामने न रखें बेकार सामान
घर का मुख्य द्वार आने-जाने का प्रमुख रास्ता होता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दरवाजे के सामने जूते-चप्पल, पुराने डिब्बे या अन्य सामान का ढेर होने से सकारात्मक ऊर्जा के आगमन में बाधा आती है.
क्या करें: मुख्य द्वार को साफ रखें , उसके सामने आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह छोड़ें. दरवाजे की कुंडी, हैंडल और रोशनी की व्यवस्था ठीक रखें. अगर दरवाजा खोलते समय आवाज आती है या वह ठीक से बंद नहीं होता, तो उसकी मरम्मत कराएं.
4. घर के उत्तर-पश्चिम दिशा वाले हिस्से को न करें नजरअंदाज
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पश्चिम दिशा को अवसरों और गतिविधियों से जोड़कर देखा जाता है. इस हिस्से में गंदगी, बिखरा सामान या लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाली चीजें जमा रहने को वास्तु की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता.
क्या करें: घर के उत्तर-पश्चिम हिस्से की सफाई करें, वहां अनावश्यक सामान जमा न होने दें. कमरे में पर्याप्त रोशनी और हवा आने की व्यवस्था रखें. सजावट के लिए हल्की और व्यवस्थित चीजें चुन सकते हैं. केवल वास्तु के नाम पर महंगे क्रिस्टल या अन्य वस्तुएं खरीदना जरूरी नहीं है.
5. घर में कबाड़ और बिखरा सामान जमा न होने दें
वास्तु से जुड़े उपायों में घर की साफ-सफाई को खास महत्व दिया जाता है. पुराने अखबार, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, टूटे डिब्बे और इस्तेमाल न होने वाली चीजें लंबे समय तक जमा रहने से घर में अव्यवस्था बढ़ती है. इससे जरूरी सामान ढूंढने और घर को साफ रखने में भी परेशानी हो सकती है.
क्या करें: समय-समय पर अलमारी, स्टोर रूम और कार्यस्थल की सफाई करें. जो सामान इस्तेमाल में नहीं है, उसे जरूरत के अनुसार दान करें, रिसाइकिल करें या सही तरीके से हटाएं. जरूरी कागजात और कीमती सामान को सुरक्षित तथा व्यवस्थित जगह पर रखें.