Rajasthan News: कोटा जिले के रामगंजमंडी इलाके में बारिश के दौरान बिजली करंट फैलने से बड़ा हादसा हो गया. कुम्भकोट कस्बे की चारण बस्ती में एलटी लाइन से फैला करंट घरों तक पहुंच गया, जिसकी चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे में युवक का एक हाथ बुरी तरह झुलस गया और चेहरे का एक हिस्सा भी जल गया. घटना के दौरान आसपास मौजूद कई अन्य लोगों को भी करंट के झटके लगे.
यह दर्दनाक हादसा मंगलवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे हुआ. स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बीच अचानक घरों में करंट फैल गया. करणदान उस वक्त घर के कमरे में मौजूद था, जबकि उसकी मां रसोई में काम कर रही थी. करंट की चपेट में आने से करण बुरी तरह झुलस गया. परिजन तुरंत उसे रामगंजमंडी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
कुम्भकोट के सरपंच सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बस्ती में छोटी टी-डीपी लगी हुई है. अर्थ लूज होने के कारण करंट पूरे इलाके में फैल गया. सूचना मिलते ही बिजली विभाग से संपर्क कर सप्लाई बंद करवाई गई. उन्होंने बताया कि करण के पिता उस समय पावागढ़ (गुजरात) गए हुए थे. उन्हें फोन पर हादसे की जानकारी दी गई, जिसके बाद वे तुरंत गांव के लिए रवाना हो गए.
परिजनों के मुताबिक करण को इतना तेज करंट लगा कि उसके एक हाथ की हड्डियां तक झुलस गईं और चेहरे का एक तरफ का हिस्सा पूरी तरह जल गया. परिजनों का कहना है कि उन्होंने ऐसा भयावह करंट पहले कभी नहीं देखा. हादसे के बाद बस्ती में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई.
मृतक करणदान एक प्राइवेट कंपनी में मजदूरी करता था. वह 25 जनवरी की शाम दो दिन की छुट्टी लेकर ही गांव आया था. करण अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी दो बहनें हैं. इसी साल 17 अप्रैल 2026 को उसकी शादी होने वाली थी. शादी की तैयारियों से पहले ही घर में मातम पसर गया. फिलहाल शव को रामगंजमंडी अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है. पिता के गांव पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इधर, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के एईएन ज्वाला कुमार ने बताया कि चारण बस्ती में कई लोगों ने अवैध तरीके से डायरेक्ट तार डाल रखे हैं. जिन 3-4 घरों में करंट फैला, वहां विभाग का कोई अधिकृत कनेक्शन नहीं है और न ही मीटर लगे हुए हैं. प्रारंभिक आशंका है कि डीपी में फॉल्ट आने से 11 केवी लाइन का करंट सीधे एलटी लाइन में आ गया, जिससे हादसा हुआ.
AEN ने बताया कि युवक की मौत के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा था, जिस कारण मौके पर तुरंत किसी टेक्निकल स्टाफ को नहीं भेजा जा सका. पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी. जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि करंट फैलने की असली वजह क्या रही.