जयपुर में एक ATM पर लूट हुई. रकम थी 41.70 लाख रुपये. पुलिस जांच आगे बढ़ी तो कहानी में एक गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड का कनेक्शन सामने आया. आरोप है कि गर्लफ्रेंड ATM के आसपास नजर रख रही थी और बॉयफ्रेंड तक हर जरूरी जानकारी पहुंचा रही थी. जैसे ही ATM में कैश पहुंचा, फोन गया. इसके कुछ ही देर बाद बाइक पर सवार बदमाश पहुंचे और हथियार दिखाकर बैंक कर्मचारियों से 41.70 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए.
अब पुलिस ने इस मामले में अंशु नाम की युवती को गिरफ्तार किया है. उसके पास से 26.80 लाख रुपये बरामद हुए हैं. वहीं उसका बॉयफ्रेंड मस्तराम मीणा समेत तीन आरोपी अभी फरार हैं.
मामला जयपुर के रामनगरिया इलाके का है. यहां बैंक ऑफ इंडिया के ATM में 14 सितंबर की सुबह कैश डाला जाना था. पुलिस की जांच के मुताबिक, मस्तराम मीणा बैंक से जुड़े एक कर्मचारी के संपर्क में था. आरोप है कि इसी संपर्क के जरिए उसे पता चला कि ATM में बड़ी रकम पहुंचने वाली है. यहीं से लूट का प्लान तैयार हुआ.
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पुलिस के मुताबिक, मस्तराम ने अपनी गर्लफ्रेंड अंशु को भी इस प्लान में शामिल कर लिया. अंशु का काम था ATM के आसपास रहकर नजर रखना. 14 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे बैंक कर्मचारी ATM में कैश लेकर पहुंचे. पुलिस के मुताबिक, अंशु पहले से ATM के आसपास मौजूद थी. जैसे ही बैंक कर्मचारी कैश लेकर वहां पहुंचे, उसने तुरंत अपने बॉयफ्रेंड और उसके साथियों को फोन कर दिया.
मतलब ATM में कैश पहुंचने की जानकारी अब उन लोगों तक पहुंच चुकी थी, जिन्हें कथित तौर पर इस रकम पर हाथ साफ करना था. इसके कुछ ही देर बाद बाइक पर सवार बदमाश ATM के पास पहुंचे. पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों को हथियारों की नोक पर धमकाया. इसके बाद ATM में लाई गई 41.70 लाख रुपये की रकम लूट ली और वहां से फरार हो गए.
वारदात के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. CCTV फुटेज समेत दूसरे सुराग खंगाले गए. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस को अंशु पर शक हुआ. इसके बाद उसकी पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सिर्फ लूट की प्लानिंग ही नहीं की थी, बल्कि वारदात के बाद पुलिस से बचने का इंतजाम भी कथित तौर पर पहले से कर रखा था.
जांच में सामने आया कि अंशु को कार में कुछ दूरी पर मौजूद अपने साथी के पास भेजा गया. इसके बाद लूट की रकम को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया. एक हिस्सा कथित तौर पर अंशु के कमरे में रखे सूटकेस में छिपाया गया, जबकि दूसरा हिस्सा एक अन्य आरोपी अपने साथ ले गया. पुलिस के मुताबिक, नाकाबंदी से बचने के लिए अंशु के कपड़े भी बदलवाए गए थे.
पुलिस को अंशु के पास से 26.80 लाख मिले
पुलिस ने अंशु को गिरफ्तार करने के बाद उसके पास से 26.80 लाख रुपये बरामद किए हैं. अब सवाल बाकी रकम का है. पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है. मस्तराम मीणा समेत तीन आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं. पुलिस उनकी तलाश के साथ-साथ लूट की बाकी रकम बरामद करने की कोशिश भी कर रही है.
शुरुआती जांच में एक और बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, अंशु और उसके साथियों पर कर्ज था. आरोप है कि इसी कर्ज को चुकाने के लिए इतनी बड़ी रकम लूटने की साजिश रची गई. हालांकि, इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है. इसलिए साजिश, बैंक कर्मचारी की भूमिका और आरोपियों के बीच रकम के बंटवारे से जुड़ी बाकी बातें जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तरह साफ होंगी. पुलिस ने अब उस कथित 'रेकी गर्ल' को गिरफ्तार कर 26.80 लाख रुपये बरामद किए हैं. लेकिन उसका बॉयफ्रेंड और बाकी आरोपी अभी फरार हैं.