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2 लाख रुपये रिश्वत मांगी, नहीं दिए तो कैदी पर चाकू से हमला, पत्नी ने जेल प्रशासन पर लगाए आरोप

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद धनसिंह उर्फ धनप्रताप सिंह की पत्नी भवनेश्वरी उर्फ रिंकु कंवर ने जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है. शिकायत में जेल प्रशासन पर दो लाख रुपये रिश्वत मांगने और रकम नहीं देने पर पति पर जानलेवा हमला करवाने का आरोप लगाया गया है. पत्नी ने निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर कार्रवाई और पति की सुरक्षा की मांग की है.

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जेल में बंद कैदी पर चाकू से हमले का विरोध. (Photo: Screengrab)
जेल में बंद कैदी पर चाकू से हमले का विरोध. (Photo: Screengrab)

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद एक कैदी को लेकर उसकी पत्नी ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. धनसिंह उर्फ धनप्रताप सिंह की पत्नी भवनेश्वरी उर्फ रिंकु कंवर ने जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर मामले की जांच कराने की मांग की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जेल प्रशासन की ओर से उनके पति से दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी. पत्नी का दावा है कि जब यह रकम नहीं दी गई तो उनके पति के साथ जानलेवा हमला करवाया गया. शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने और पति की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

शिकायत के मुताबिक, धनसिंह पिछले करीब दस महीने से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है. पत्नी ने आरोप लगाया है कि 16 जून 2026 को जेल में बंद कैदी श्रवण और आनंद ने धनसिंह के साथ चाकूबाजी की और उसे जान से मारने का प्रयास किया. पत्नी का दावा है कि जेल के अंदर हुई यह घटना CCTV कैमरों में भी कैद हुई थी. इसके बावजूद कार्रवाई धनसिंह के खिलाफ ही की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद धनसिंह को ही एक महीने की जेल सजा दे दी गई.

जेल अधिकारियों पर भूमिका के आरोप

भवनेश्वरी उर्फ रिंकु कंवर ने अपनी शिकायत में तत्कालीन जेल अधीक्षक सुखराम और चीफ हेमराज पर भी घटना में भूमिका होने के आरोप लगाए हैं. शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस घटना में उनके पति पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप है, उसके बावजूद मामले में उन्हें ही सजा दी गई. पत्नी ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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शिकायत में कॉन्स्टेबल युवराज को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पत्नी के मुताबिक, कॉन्स्टेबल युवराज ने धनसिंह से संपर्क किया और उससे दो लाख रुपये देने की मांग की. आरोप है कि धनसिंह ने रकम देने से इनकार कर दिया. इसके बाद उसे दोबारा हमला करवाने की धमकी दी गई. शिकायतकर्ता का दावा है कि इसके बाद करीब एक महीने तक धनसिंह की मुलाकात और एसटीडी सुविधा बंद रखी गई.

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में धनसिंह को उन्हीं कैदियों के साथ एक ही बैरक में रखा गया, जिन पर पहले उस पर हमला करने का आरोप लगाया गया था. पत्नी के मुताबिक, इससे धनसिंह की सुरक्षा को लेकर परिवार की चिंता और बढ़ गई. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस तरह उनके पति को दोबारा खतरे में डाला गया.

भवनेश्वरी के अनुसार, 17 सितंबर को जब वह अपने पति से मुलाकात करने पहुंचीं तो धनसिंह ने उन्हें दोबारा मारपीट किए जाने की जानकारी दी. शिकायत के मुताबिक, धनसिंह ने पत्नी को बताया कि वह पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर है. इसके बाद पत्नी ने जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की.

निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

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धनसिंह की पत्नी ने अपनी शिकायत में पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. साथ ही उन्होंने अपने पति की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है. फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की मांग की गई है. मामले में शिकायतकर्ता की ओर से जेल प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारी पर रिश्वत मांगने, हमला करवाने और कैदी को कथित हमलावरों के साथ रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

 

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