राहुल गांधी मनुस्मृति के रूप में महिला सम्मान की बात कर रहे हैं. उनकी स्वतंत्र पहचान की वकालत कर रहे हैं. अगर इसे सियासत की भाषा में डिकोड की जाए तो राहुल गांधी आधी आबादी यानी महिला वोटर को टारगेट कर रहे हैं. लेकिन बीजेपी कह रही है कि राहुल मनुस्मृति से सहमति रखें या असहमति, पर उन्हें वेदों या ग्रंथों के अपमान का हक नहीं है. इसी पर देखें हल्ला बोल.