राहुल गांधी की अगुवाई में लगातार 3 दिनों के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को इंडिया अलायंस के नेता दिल्ली में सड़कों पर तो नहीं उतरे, लेकिन उनकी रणनीति इस लड़ाई को लगातार जारी रखने की है. उधर, 10 अक्टूबर को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किए जाने के मद्देनजर बेहद कड़ी सुरक्षा तैनात कर दी गई है. ज्ञानेश कुमार को लेकर मचे संग्राम पर देखें हल्ला बोल.
ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने की मांग आज राजघाट तक पहुंच गई. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत INDIA गठबंधन के नेता गुरुवार को राजघाट के अंदर गए. जब इंडिया अलायंस गांधी जी के समाधि स्थल तक अपना विरोध प्रदर्शन पहुंचा चुका है, तब बीजेपी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को अराजक कहा है. ज्ञानेश कुमार पर सियासत का ये संग्राम कब तक चलेगा? देखें हल्ला बोल.
देश की राजधानी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन का घमासान जारी है. कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े नेता चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए दिख रहे हैं. विपक्ष का प्रदर्शन कल संसद मार्ग पर होने के बाद आज जंतर-मंतर पर जारी है. राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ जंतर-मंतर की ओर कूच किया. देखें हल्ला बोल.
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के 8 उम्मीदवारों की घोषणा की. उम्मीदवारों का चयन जिस तरह से किया है, उसने यूपी से लेकर देश की सियासत के लिए दिलचस्प समीकरण बना दिए हैं. जो 8 नाम चुने गए उसके जरिए अखिलेश यादव के PDA के दावों को काउंटर करने की कोशिश माना जा सकता है. बीजेपी ने यूपी के लगभग सभी क्षेत्र और सभी लगभग सभी सामाजिक समीकरणों का ख्याल रखा है. ऐसे में सवाल है कि क्या यूपी राज्यसभा का चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव का ट्रेलर है? देखें हल्ला बोल.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं. विपक्षी एकता और इंडिया गठबंधन के बीच सीट समझौते को लेकर लगातार रस्साकशी जारी है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान खुलकर सामने आ रही है. वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों के गठबंधन में शामिल होने को लेकर असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम की डेडलाइन खत्म होने के बाद मुस्लिम वोटों के बंटवारे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. देखें...
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और लेफ्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर की ओर मार्च निकाला. यूथ कांग्रेस ने भी दिल्ली में और सपा ने लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया. ये सारे विरोध प्रदर्शन 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक विपक्षी सांसदों के मार्च के पहले हुए हैं. सवाल है कि क्या आज ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ी लड़ाई का वॉर्म अप मैच था? देखें हल्ला बोल.
इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलने का फैसला किया है. विपक्षी दलों की बैठक में एक विस्तृत रणनीति तैयार की गई है, जिसके तहत 2 से 8 अक्टूबर तक देश भर के जिलों में 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकाला जाएगा. इसके साथ ही 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे. अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राहुल गांधी राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे. इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे 'परिवार बचाओ' मार्च करार दिया है और कहा है कि विपक्ष राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है. देखें...
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बहाने विपक्ष कैसा माहौल बनाना चाहता है, आज इसकी झलक कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मिली. CWC के प्रस्ताव में जहां CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रखी गई, वहीं पार्टी ने पीएम नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार बताकर इस्तीफा भी मांग लिया है. यानी CEC ज्ञानेश कुमार के नाम पर राहुल गांधी की लड़ाई पीएम तक पहुंच गई है. आज CWC की बैठक में चुनाव आयोग के खिलाफ मुद्दे को उठाने के लिए राहुल गांधी को बधाई दी गई. देखें...
CEC ज्ञानेश कुमार के बहाने मोदी सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा विपक्ष 30 सितंबर को बैठक करने वाला है. कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन की बैठक के लिए सहयोगी दलों को बुलाने का फैसला किया है. हालांकि इस बैठक से अखिलेश यादव नदारद रहेंगे. कांग्रेस और SP में 2027 के यूपी चुनाव पर सीट समझौते को लेकर लगातार मनमुटाव वाले बयान भी आए हैं. सवाल है कि क्या 30 सितंबर को विपक्ष की एकता दिखेगी? देखें हल्ला बोल.
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर खींचतान जारी है. रायबरेली में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में गरमागरम बहस छिड़ गई है. देखें हल्ला बोल.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई आज एक कदम और आगे बढ़ गई । कांग्रेस ने आज देश के हर कोने में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग पर विरोध प्रदर्शन किया । कांग्रेस के बड़े नेता भी सड़क पर उतरे । राहुल गांधी ने नया वीडियो पोस्ट कर सीधी चुनौती दी कि भारत के युवा आपको expose करेंगे - छोड़ेंगे नहीं। सवाल ये है कि क्या ज्ञानेश कुमार के मसले पर Gen Z का आंदोलन भी खड़ा करने की कोशिश हो रही है? देखें...
चुनाव आयोग पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट्स से हुए खुलासों के बाद आज राहुल गांधी ने ना सिर्फ CEC ज्ञानेश कुमार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला. बल्कि इसी बहाने सरकार को कटघरे में खड़ा किया. राहुल गांधी ने सवाल किया कि आखिर कैसे बीजेपी शासित राज्यों के खिलाफ एंटी इनकम्बैंसी नहीं आती? देखें...
आज चुनाव आयोग पर सबसे बड़ा घमासान छिड़ गया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में चुनाव आयोग के कदमों पर 14 लिखित आपत्तियां दर्ज कीं. इस रिपोर्ट के बाद समूचे विपक्ष ने न सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला, बल्कि वोट चोरी के आरोपों पर और बड़ा मोर्चा खोल दिया. ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी जैसी मांगों के साथ-साथ बंगाल, बिहार, और दिल्ली जैसे राज्यों के चुनाव को रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई. देखें...
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने पंडित नेहरू के हवाले से हिंदू सांप्रदायिकता को ज्यादा बड़ा खतरा कहा. बीजेपी कह रही है कि हामिद अंसारी ने कांग्रेस की खानदानी सोच उजागर कर दी. बीजेपी, कांग्रेस को 'माओवादी मुस्लिम लीगी' बता रही है. उधर, राहुल गांधी के मंच से पीएम पर हमले के लिए कॉमेडी के नाम पर मातृशक्ति के अपमान का आरोप भी लग रहा है. सवाल ये है कि क्या सियासी विरोध के नाम पर अब निजी जंग छिड़ रही है? देखें हल्ला बोल.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनावी नतीजों ने कांग्रेस के सियासी दावों के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. बीजेपी का छात्रसंघ ABVP ने तीन पदों पर कब्जा जमाया, वहीं कांग्रेस का छात्रसंघ NSUI का खाता तक नहीं खुला और उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के हिस्से में चला गया. जिस युवा पीढ़ी की आवाज बनने का दावा राहुल गांधी कर रहे हैं... उसी के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक में NSUI क्यों पिछड़ गई? देखें...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने देश भर में बड़े राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने की तैयारी की है. पार्टी ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत कर दी है. इस अभियान के तहत पीएम मोदी की जन्मभूमि वडनगर और कर्मभूमि वाराणसी को जोड़ने के लिए एक विशेष बाइक यात्रा निकाली गई है, जिसमें करीब 600 बाइकर्स देश के सात राज्यों से होकर गुजरेंगे. देखे...
15 अक्टूबर से दुकानदारों को भुगतान होने वाले 2000 रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट पर लगने जा रहे चार्ज को लेकर आज सियासत का हंगामा और बढ़ गया. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर डाले वीडियो में सरकार पर अमेरिका के दबाव में आने का आरोप लगाया है, और इसे फौरन वापस लेने की मांग की है. लेकिन UPI पर लग रहे चार्ज को RBI जरूरी बता रही है. सरकार की दलील है कि इससे UPI इकोसिस्टम बेहतर होगा. देखें...
क्या यूपी के चुनावी मौसम में सबके समीकरण बदलेंगे ? क्या जातियों के आधार पर गठबंधनों का मिजाज बदलेगा ? क्या पार्टियों के भीतर भी पत्ते फेंटे जाने शुरू हो गए हैं ? उत्तर प्रदेश में हर नेता, हर दल के एक-एक कदम से सियासी मायने दिखने लगे हैं. निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद की समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडेय से कल मुलाकात हुई और आज कहा- बीजेपी दरवाजे बंद करेगी तो सोचना पड़ेगा. हालांकि माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात से पहले संजय निषाद की सोशल मीडिया पोस्ट में लाल टोपी, नीली वर्दी पहनकर यूपी के निषाद समाज को गुमराह करने का आरोप भी लगाया गया था. देखें...
2027 के यूपी चुनाव के पहले एक बार फिर सनातन पर चर्चा शुरू हो गई है. यूपी के रायबरेली में योगी आदित्यनाथ ने शिव महापुराण कथा आयोजन में सनातन के धर्म ध्वजा की बात की. लेकिन ये कथा यूपी सरकार के ब्राह्मण चेहरे मनोज पांडेय ने आयोजित कराई थी. और जिस रायबरेली में ये आयोजन हुआ, वहां 2022 में सपा से बीजेपी पिछड़ गई थी. क्या योगी आदित्यनाथ के सामने सनातन पर विपक्ष का नैरेटिव टिक सकेगा? देखें हल्ला बोल.
2027 के यूपी चुनाव में बीजेपी की तैयारी योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर सत्ता की हैट्रिक लगाने की है. वहीं, पीएम मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में बीजेपी के कार्यक्रम होंगे. सवाल है कि क्या मोदी और योगी का ये जोड़ से अखिलेश यादव का PDA मुकाबला कर सकेगा? देखें हल्ला बोल.
BRICS की शिखर बैठक के बाद नई दिल्ली घोषणा पत्र को मंजूरी मिल गई. लेकिन सबकी नजरें 7 साल बाद भारत आए शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय बातचीत पर रहीं. ये BRICS समिट एक नए वर्ल्ड ऑर्डर पर एक पावरफुल कदम का संकेत दे रहा है, और नए वर्ल्ड ऑर्डर में भारत और चीन की अहमियत बहुत बड़ी है. देखें हल्ला बोल.