एआई समिट में यूथ कांग्रेस के निर्वस्त्र प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद गहराया है. दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिप को गिरफ्तार किया है और पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है. राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए इसे शांतिपूर्ण विरोध करार दिया है जबकि पुलिस ने इसे साजिश करार दिया है. विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच तीखी नोकझोंक जारी है. जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है और विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं. देश में लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था पर बहस जारी है.
AI समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर आर-पार की जंग छिड़ती दिख रही है. एक ओर दिल्ली पुलिस की जांच जारी है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे मोदी सरकार की कथित तानाशाही बताकर यूथ कांग्रेस की हरकत को सही ठहराने पर अड़ गई है. लेकिन, कांग्रेस को आईना पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी की वरिष्ठ नेता मारग्रेट अल्वा ने दिखाया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय इवेंट में इस तरह के प्रदर्शन की नैतिकता पर सवाल उठाया है. यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर अखिलेश यादव जैसे नेताओं के लिए भी मुश्किल है. उन्हें मोदी सरकार का तो विरोध करना है, लेकिन, कोई दल शर्मनाक प्रदर्शन के साथ खड़ा नहीं दिखना चाहता. हालांकि आज अखिलेश ने सवाल किया कि जो AI समिट में सुरक्षा उल्लंघन हुआ, उसकी जिम्मेदारी किसकी है. क्या AI समिट में यूथ कांग्रेस का निर्वस्त्र प्रदर्शन और उस पर कांग्रेस का बचाव राहुल की राजनीति के लिए सेल्फ गोल साबित होने जा रहा है?
जो AI समिट पर भारत का एक बड़ा मौका बनकर आई, उसे कांग्रेस की युवा इकाई -- यूथ कांग्रेस ने सियासत का अखाड़ा बनाने की कोशिश की. यूथ कांग्रेस के कुछ राष्ट्रीय पदाधिकारियों समेत कुछ प्रदर्शनकारियों ने AI समिट के मंच पर जाकर प्रदर्शन किया. ये प्रदर्शन शर्टलेस था. AI समिट में कई राष्ट्रध्यक्ष, टेक कंपनी के कई CEO समेत 100 देशों से अधिक के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं. लेकिन यूथ कांग्रेस ने इस मोदी विरोध का मंच बना दिया.
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है, बल्कि दोनों डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्या से भी वो मिले हैं. ये तीनों मुलाकातें अलग-अलग हुई हैं. इन मुलाकातों से पहले हिंदुओं की एकजुटता का एक बड़ा संदेश मोहन भागवत की ओर से आया है. संदेश में घरवापसी की भी बात है, जिसे लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर पोस्ट की है.
BSP अध्यक्ष मायावती ने आज उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा संकेत दिया. PDA+बहुजन के समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव के दांव को उन्होंने करारा झटका दे दिया है. मायावती ने यूपी में गठबंधन की अटकलों ना सिर्फ खारिज किया, बल्कि समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों पर प्रहार किया. सवाल है कि क्या मायावती का ये तेवर जातियों को इकट्ठा करने के अखिलेश के प्लान पर पानी फेर सकता है?
SIR के तहत ड्राफ्ट सूची से नाम काटने की प्रक्रिया को अखिलेश यादव ने अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के खिलाफ साजिश करार दे दिया है. अखिलेश ने फॉर्म 7 के तहत नाम काटे जाने का आंकड़ा तो सही रखा है, लेकिन सिर्फ उन्हीं जातियों का नाम काटा जा रहा है, जिन्हें वो PDA कहते हैं, इसका कोई सबूत नहीं दिया. सवाल ये है कि क्या SIR में जाति ढूंढ़कर अखिलेश यादव, योगी आदित्यनाथ के हिंदुत्व के दांव को नाकाम करने की कोशिश कर रहे हैं? देखें हल्ला बोल.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधान परिषद में दावा किया कि 2017 के पहले का यूपी और आज के यूपी में बदलाव आ चुका है. उन्होंने वंदे मातरम् को राष्ट्र के आन-बान-शान का प्रतीक बताया. अखिलेश यादव ने भी आज वंदे मातरम् का जिक्र किया, लेकिन उन्होंने ये कहकर सवाल उठाया कि ये लोग तो आजादी के पहले भी वंदे मातरम् नहीं गाते थे. क्या आक्रांताओं का महिमामंडन और वंदे मातरम् जैसे मुद्दे यूपी चुनाव में अहम बनने जा रहे हैं? देखें हल्ला बोल.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ब्रह्मोस के साथ तस्वीर ने राजनीतिक माहौल में नई बहस छेड़ दी है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्या अब बुलडोजर की जगह ब्रह्मोस भेजे जाएंगे. सवाल है क्या ब्रह्मोस 2027 का ब्रह्मास्त्र है? देखें हल्ला बोल.
संसद में राहुल गांधी और सरकार के बीच तकरार का नया चैप्टर खुल गया है, और सवाल उठ रहा है कि क्या नौबत राहुल गांधी की संसद सदस्यता छिनने तक पहुंच सकती है? निशिकांत दुबे ने स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर भी राहुल गांधी पर राष्ट्रविरोधी शक्तियों से मिले होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. सवाल है कि क्या लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच सत्ता पक्ष से उनकी आर-पार का राउंड-2 है? क्या अब राहुल गांधी और सत्ता पक्ष की सुलह की कोई गुंजाइश नहीं बची है? क्या राहुल गांधी की संसद सदस्यता छिनेगी? यही है आज का हल्ला बोल.
लोकसभा आज भी नहीं चली, लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात हुई. इसके बाद राहुल गांधी ने कहा है कि एग्रीमेंट हो गया है, सदन चलना चाहिए. इससे पहले आज दिन भर लोकसभा में हुए हंगामे के दौरान विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी का संकेत दिया था. सवाल है कि क्या अविश्वास प्रस्ताव की धमकी के बाद ये 'डील' हुई? देखें हल्ला बोल.
फिल्म 'घूसखोर पंडत' पर ऐसा विवाद उठा कि शहर-शहर हंगामा मच गया है. आरोप जातीय अपमान का लगा और विरोध-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया. लोगों के विरोध-प्रदर्शन के बीच फिल्म पर उठे विवाद ने सियासी चिंगारी भड़का दी है. विपक्ष सवाल उठा रहा है कि क्या बिना सरकार की जानकारी के ही फिल्म का टीजर आ गया. देखें हल्ला बोल.
पुराने दौर से कितना बदल गया क्रिकेट राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपने जवाब में प्रधानमंत्री ने खुद के खिलाफ लगाए गए कब्र खोदने के नारों के बहाने अपनी नीतियों और विपक्ष के एजेंडे का फर्क बताने की कोशिश की. इधर, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एम एम नरवणे की किताब पर हिसाब-किताब से पीछे नहीं हट रहे. पीएम ने छात्रों से परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में अपनी उम्र को लेकर कहा कि अभी 25 बाकी है. देखें हल्ला बोल.
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कहा कि अमेरिका ने भारत को सबसे अच्छी ट्रेड डील की है. पीयूष गोयल ने ये भी साफ किया कि भारतीय किसानों और डेयरी के हितों के साथ कोई समझौता नहीं हुआ. पीयूष गोयल के मुताबिक हर क्षेत्र के लोग भारत-अमेरिका ट्रेड डील से उत्साहित हैं. इसी के साथ भारत ने आज दिन भर ट्रेड डील को लेकर उठे विपक्ष के सवालों को खारिज करने की कोशिश की. सवाल है कि क्या सरकार के इस बयान के बाद भारत-अमेरिकी ट्रेड डील को लेकर विपक्ष के सवाल खत्म होंगे? देखें हल्ला बोल.
आज राहुल गांधी की स्पीच पर ऐसा हंगामा हुआ कि लोकसभा चल नहीं सकी. राहुल गांधी पूर्व सेनाध्यक्ष एम एम नरवणे की एक अप्रकाशित किताब के मैगजीन में छपे अंश के हवाले से बोलना चाहते थे, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नियमों का हवाला देकर राहुल की स्पीच पर एतराज किया. सवाल है कि क्या राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान गलवान का मुद्दा उठाना, राहुल की सोची समझी रणनीति है? देखें हल्ला बोल.
2026 का आम बजट आज पेश हुआ. बजट में कोई बड़ी धमाकेदार घोषणा नहीं हुई. लेकिन, क्या ये बजट 140 करोड़ लोगों को रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार कर रहा है? रिकॉर्ड तौर पर लगातार 9वां बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई अहम घोषणाएं की. बजट में चुनावी घोषणा कही जा सकने वाली कोई बड़ी बात नहीं है. सवाल ये है कि इस बजट से देश को क्या मिला? क्या इसे 2047 के सपनों का बजट कहा जा सकता है? देखें हल्ला बोल.
अयोध्या में रेप केस के आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को कोर्ट ने बरी कर दिया. मोईद की संपत्ति पर बुलडोजर एक्शन हुआ थाजहां बेकरी फैक्टी पर बुलडोजर की तस्वीरें आई थी. अब जब कोर्ट ने मोईद को बरी कर दिया तो अखिलेश ने बुलडोजर के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा है. ऐसे में सवाल है क्या 2027 के यूपी चुनाव में 'बुलडोजर' बड़ा मुद्दा बनेगा? देखें हल्ला बोल.
आज सुबह तकरीबन पौने 9 बजे अजित पवार के गृह क्षेत्र महाराष्ट्र के बारामती में उनके चार्टर प्लेन की क्रैश लैंडिंग हुई, जिसमें अजित पवार और दोनों पायलटों समेत सभी पांच सवार लोगों की मौत हो गई. न विजिबिलिटी कम, न पायलटों का अनुभव कम, और शुरुआती जांच में विमान में कोई खामी नहीं, फिर वो हादसा कैसे हुआ ? सबकुछ सामान्य लग रहा था. फिर वो आखिरी 30 सेकेंड्स में क्या हुआ जब विमान की क्रैश लैंडिंग हो गई ? निजी चार्टर प्लेन कंपनी VSR वेंचर्स के इस विमान हादसे पर जहां अभी संभावनाओं को समझने की कोशिशें हो रही हैं, वहीं ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग कर दी है.
उत्तर प्रदेश में UGC और शंकराचार्य के बहाने अजब खेल हो रहा है. बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर रहे अलंकार अग्निहोत्री जहां UGC और शंकराचार्य के मसले को ब्राह्मणों के अपमान से जोड़ ही रहे थे, तो अयोध्या में GST डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात प्रशांत कुमार सिंह ने योगी आदित्यनाथ के सम्मान में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. देखें हल्ला बोल.
क्या अगड़े-पिछड़े में बंटेंगे कॉलेज कैंपस? UGC ने देश के सभी कॉलेजों में 13 जनवरी को इक्विटी यानी बराबरी की कमेटियां बनाने का नियम लागू किया है. इन नियमों का उद्देश्य तो कॉलेज में जातिगत भेदभाव रोकना है, लेकिन सोशल मीडिया में इस पर ये कहकर तूफान उठा है कि ये अगड़ों यानी सवर्ण जातियों के साथ अन्याय करने वाले नियम हैं, क्योंकि इक्विटी कमेटियों में सवर्णों का कोई प्रतिनिधि नहीं होगा. सोशल मीडिया पर चल रहे कैंपेन के बाद बीजेपी के कुछ नेता ये भरोसा देने की कोशिश कर रहे हैं कि मोदी सरकार सवर्णों से भेदभाव का कोई कदम नहीं उठाएगी. लेकिन, इस पर हंगामा बढ़ता जा रहा है. सवाल उठ रहा है कि क्या वोट बैंक के लिए सवर्ण 'बलि का बकरा' बनाए जा रहे हैं ? और जब संविधान में समानता है तो फिर कैंपस को क्यों बांट रहे? लेकिन हल्ला बोल की बहस शुरू करूं, उससे पहले ये रिपोर्ट.
वसंत पंचमी पर आज तकरीबन सवा 3 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया लेकिन अविमुक्तेश्वरानंद ने आज भी संगम में डुबकी नहीं लगाई. अविमुक्तेश्वरानंद की इस आर-पार के बीच यूपी सरकार के भीतर से दो सुर उभरते दिखाई पड़े हैं. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने उन्हें पूज्य शंकराचार्य कहा, जबकि माघ मेला प्रशासन का रुख कड़ा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कालनेमि से सावधान रहने वाला बयान दे चुके हैं. और, इन्हीं परिस्थितियों में पहली बार विपक्ष, बीजेपी को सनातन पर घेरने की कोशिश कर रहा है.
क्या योगी बंटने नहीं देंगे! आज हल्ला बोल का ये मुद्दा इसलिए हमने चुना है, क्योंकि जब अविमुक्तेश्वरानंद के बहाने बीजेपी के सनातन संकल्प पर अखिलेश यादव सवाल उठा रहे हैं, तो आज योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद, धर्मांतरण और सनातन को कमजोर करने वाले कालिनेमि पर प्रहार किया. सवाल ये है कि जब अखिलेश की सनातनी थाप है तो क्या योगी का हिंदुओं को न बंटने देने का एजेंडा साफ है?