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हल्‍ला बोल

चुनावों में किसान पॉलिटक्स से कितने फायदे में होगी कांग्रेस?

26 जुलाई 2021

कृषि कानून के खिलाफ और किसानों के समर्थन में राहुल गांधी आज खुलकर विरोध की सड़क पर आए और संसद तक ट्रैक्टर मार्च किया. ट्ैक्टर पर बड़ी तख्ती पर साफ-साफ लिखा था कि तीनों कृषि कानून की वापसी हो . राहुल किसान आंदोलन के 8 महीने बाद विरोध की ड्राइविंग सीट पर सवार थे सरकार को जमकर घेरा. एक तरफ बीजेपी राहुल गांधी के इस कदम की अलोचना कर रही है तो राकेश टिकैत खुलकर उनके समर्थन में आ गए है. टिकैत ने बयान दिया है कि जरूरत पड़ने पर किसान लखनऊ को भी दिल्ली बना देंगे. देखें ये वीडियो.

क्या UP की सत्ता के लिए ब्राह्मण पॉलिटिक्स ही एकमात्र रास्ता? देखें हल्ला बोल

25 जुलाई 2021

बीएसपी समाजवादी पार्टी ने भी ब्राह्मण सम्मलेन करने की घोषणा कर दी जिसकी शुरुआत 23 अगस्त से बलिया से होगी. इससे पहले अयोध्या में कुछ दिनों पहले ही बीएसपी ने भी ब्राह्मण सम्मलेन किया था. पिछले दो चुनावों में ब्राह्मणों ने बीजेपी को छप्पर फाड़कर वोट दिया है और बीएसपी-एसपी के सामने बीजेपी के इसी परंपरागत वोट बैंक को तोड़ने की चुनौती है. यही वजह है कि अब दोनों विपक्षी दल यूपी में ब्राह्मणों को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने इस मसले पर समाजवादी पार्टी और बीएसपी पर जमकर निशाना साधते हुए जातिवादी राजनीति का आरोप लगाया है. देखें वीडियो.

जानिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था को लेकर बीजेपी से क्या बोला?

24 जुलाई 2021

अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर हो रहा है. अर्थ नीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं. अब तो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी सरकार को अर्थव्यवस्था पर नसीहत दी है. आगाह भी किया है. मनमोहन सिंह ने आर्थिक उदारीकरण और कांग्रेस की नीतियों का हवाला देते हुए कहा है कि आगे का रास्ता और भी चुनौतीपूर्ण है. मनमोहन सिंह ने उदारीकरण के 30 साल पूरे होने पर कांग्रेस की पीठ भी थपथपाई और मौजूदा सरकार को नसीहत भी दी. ऐसे में सवाल है कि कांग्रेस सरकार की आर्थिक नीति बेहतर थी या मोदी सरकार की.सवाल ये भी है कि ये मनमोहन की नसीहत या नसीहत के बहाने कोई सियासत. देखें वीडियो.

जासूसी केस को नकार रही सरकार, कांग्रेस नहीं करवा रही मामला दर्ज!

23 जुलाई 2021

टीएमसी के सांसद ने गुरुवार को आईटी मंत्री से सदन में कागजात छीनकर फाड़ दिए थे. आज सरकार की ओर से टीएमसी सांसद के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया गया जिसे ध्वनिमत से पास कर सभापति वेंकैया नायडू ने शांतनु सेन के निलंबन का फैसला सुना दिया. अब इस पर घमासान छिड़ गया है. इधर राहुल गांधी ने आज मीडिया के सामने आकर सरकार पर धावा बोल दिया. इस पूरे घमासान के बीच दिलचस्प बात ये है कि ना तो सरकार जासूसी की बात मान रही है और ना ही राहुल गांधी मामला दर्ज करवा रहे हैं. ऐसे में सवाल ये कि जांच हो कैसे? देखें हल्ला बोल.

किसान आंदोलन पर घमासान, कृषि मंत्री ने की बात करने की अपील

22 जुलाई 2021

किसानों का आंदोलन दिल्ली के बॉर्डर से जंतर मंतर तक पहुंच गया. संसद से 2 किमी की दूरी पर खेती कानूनों के विरोध में किसानों ने अपनी संसद लगा ली. लेकिन किसान और सरकार दोनों अपने अपने रुख पर अड़े हैं. किसान कह रहे हैं कि कानून वापसी से कम मंजूर नहीं. वहीं सरकार ने एक बार फिर अपील की है कि आओ बात करें. इधर कृषि कानून पर देश की संसद भी गरम थी. जबरदस्त घमासान हुआ, कांग्रेस-अकाली दल ने तख्ती-बैनर के साथ प्रदर्शन किया. देखें हल्ला बोल.

ऑक्सीजन संकट से मौत पर पल्ला झाड़ने को क्यों आतुर हैं सरकारें?

21 जुलाई 2021

केंद् सरकार कह रही है कि ऑक्सीजन से लेकर कोई मौत नहीं हुई. केंद्र के बयान से विपक्ष आगबबूला है. उधर, बीजेपी कह रही है कि राज्यों ने ऑक्सजीन की कमी से होने वाली मौत का आंकडा केंद्र को दिया ही नहीं. केंद्र सरकार का ये भी कहना है कि स्वास्थ्य राज्यों का विषय है, सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मौतों की रिपोर्टिंग की विस्तृत गाइडलाइन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी हुई हैं. इसी आधार पर, सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश केसों और मौतों की जानकारी नियमित तौर पर स्वास्थ्य मंत्रालय को देती है. हालांकि किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश ने ऑक्सीजन से कमी से कोई भी मौत रिपोर्ट नहीं की है. देखें वीडियो.

क्या जासूसी विवाद पर सरकार विपक्ष की जेपीसी जांच की मांग को मानेगी?

20 जुलाई 2021

जासूसी कांड के हो हल्ला ने पूरी सियासत को झकझोर दिया है . आज दूसरे दिन जितना आक्रमक विपक्ष था उसी अंदाज में बीजेपी भी दाना पानी लेकर विपक्ष पर टूट पड़ी है . विपक्ष इसे मोदी सरकार का जासूसी तंत्र बता रहा है और बीजेपी कह रही है कि ये साजिश है. बीते दिन गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि विघटनकारी और अवरोधक शक्तियां अपने षड्यंत्रों से भारत की विकास यात्रा को नहीं रोक पायेंगी आप क्रोनोलॉजी समझिए,वहीं आज मोर्चा संभालने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मैदान में उतरे. इन सबके अलावा कांग्रेस पार्टी और टीएमसी दोनो ही सदन में जासूसी कांड पर बहस और मामले की जेपीसी जांच चाहते हैं. देखें वीडियो.

फोन हैकिंग मामले में सवालों के घेरे में सरकार, जानिए क्या है पूरा मामला

19 जुलाई 2021

संसद सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने 300 भारतीयों की फोन हैकिंग के आरोप को सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा और धारदार हथियार बना दिया. एक मीडिया रिपोर्ट के दावे ने देश के सियासी गलियारों में हडकंप मचा दिया है. सवाल देश में 300 लोगों की निजता का हनन करते हुए उनके फोन को क्लोन कराने का है. आरोप है कि सरकार इन लोगों का फोन हैक करा कर उनपर नजर रख रही थी. इस रिपोर्ट के मुताबिक आरोप है कि सरकार एक इसरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप के पेगैसस स्पाइवेयर के जरिए देश में 300 लोगों के फोन हैक करा रही थी . दरअसल एक डेटाबेस लीक हुआ. इसमें 300 वेरिफाइड भारतीयों के मंबर शामिल हैं. देखें वीडियो.

आखिर अचानक योगी सरकार के खिलाफ क्यों मुखर हो गए हैं मुनव्वर राणा?

18 जुलाई 2021

चंद दिनों पहले तक मुन्व्वर राणा का परिचय देश के एक मशहूर शायर के तौर पर हुआ करता था लेकिन अब उनकी पहचान योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खुलेआम मोर्चा खोलने वाले की बन चुकी है. शेरों शायरी की दुनिया में अव्वल मुकाम हासिल कर चुके मुनव्वर राणा की जुबान से अब उत्तर प्रदेश के सीएम योगी के लिए तंज निकल रहा है. आरोप निकल रहे हैं.सवाल निकल रहे हैं और चुनौती निकल रही है. सबसे बड़ी बात. अगर 2022 में योगी आदित्यनाथ दुबारा से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते हैं तो मुनव्वर राणा उत्तर प्रदेश ही छोड़ देंगे. देखें वीडियो.

अभी भी अमरिंदर और सिद्धू में सुलह का नहीं निकल पाया कोई कंक्रीट फ़ॉर्मूला

17 जुलाई 2021

पंजाब में कांग्रेस दोफांक होने वाली है या जल्द सुलझ जाएगा पंजाब कांग्रेस का झगड़ा. इस वक्त हर किसी की निगाह इन्हीं सवालों का जवाब जानना चाहती है. आज भी पंजाब में कांग्रेसी नेताओं में मुलाकातों का दौर जारी रहा लेकिन घंटों की बातचीत के बाद भी अमरिंदर और सिद्धू में सुलह का कोई कंक्रीट फ़ॉर्मूला नहीं निकला. सूत्रों के मुताबिक सिद्धू की माफी से अमरिंदर मान सकते हैं लेकिन आज सिद्धू के बॉडी लैंग्वेज ने जल्द ही सिद्धू को कुछ बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है. उनकी खुशी भी इसी ओर इशारा कर रही है. उधर कांग्रेस आलाकमान पार्टी में सबकुछ सही होने का दावा कर रही है. देखें वीडियो.

बागियों को राहुल गांधी के संदेश पर मचा सियासी घमासान! देखें हल्ला बोल

16 जुलाई 2021

5 राज्यों में चुनाव से पहले राहुल गांधी के एक बयान पर सियासी बवाल छिड़ गया है. चुनावों से पहले कांग्रेस एक के बाद एक तमाम राज्यों में नेताओं की बगावत झेलते-झेलते आज ऐसे मकाम पर खड़ी है जब देश की ग्रैंड ओल्ड पार्टी रोज एक बगावत को निरस्त करने की जुगत में लग जाती है. अपनी सेना में सेंध पर राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है- राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के मीडिया सेल वॉलंटिर्स को संबोधित कर रहे थे, इसी दौरान एक तरफ वो बीजेपी के फेक न्यूज मॉडल पर हमला कर रहे थे वहीं उन्होंने पार्टी छोड़ने वालों पर गुस्सा उतारा. राहुल गांधी ने कहा डरने वालों को बाहर करो, पार्टी छोड़ने वाले आरएसएस के हैं हमें नहीं चाहिए. आज हल्ला बोल में राहुल गांधी के बयान पर मचे सियासी घमासान पर करेंगे चर्चा.

मिशन UP का आगाज: उत्तर प्रदेश में किसका पलड़ा भारी? देखें हल्ला बोल

15 जुलाई 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज युपी के काशी से चुनावों का एलान - ए - जंग कर दिया. चुनावी प्रचार में काशी के लिए सौगातों की धूम थी, 1500 करोड़ की योजनाएं थी, 280 परियोजनाएं की भेंट थी. पीएम अपने संसदीय क्षेत्र काशी में थे तो एक साथ 7 साल का रिपोर्ट कार्ड ही पेश कर दिया. चुनावों की महा रणभूमि में 2022 क्या 2024 का ही खाका खींच दिया. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में लगभग 10 मिनट काशी के बाहाने पूर्वांचल का अपना विकास मॉडल दिखाया.आज प्रधानमंत्री ने हर कदम पर योगी मॉडल पर अपनी मुहर लगाई, 6 बार पीएम ने योगी की तारीफ की. योगी की प्रशंसा के साथ समाजवादी पार्टी पर बिना नाम लिए पीएम ने अपने पसंदीदा कुरूक्षेत्र से धावा बोल दिया. उत्तर प्रदेश के रण में हाइ वैल्टेज मुकाबला शुरू हो चुका है और प्रधानमंत्री के इस वाराणसी वाले उद्घाटन पिच से चुनावी महाभारत का आगाज हो चुका है. देखें हल्ला बोल.

चुनाव के वास्ते, पीएम मोदी काशी के रास्ते, देखें हल्ला बोल

14 जुलाई 2021

पीएम मोदी 8 महीने बाद अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी जा रहे हैं. 5 घंटे का दौरा है. लेकिन इस पांच घंटे में प्रधानमंत्री काशी को 1500 करोड़ से ज्यादा की सौगात देंगे. इन सौगातों में 14 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन भी है और BHU में मदर चाइल्ड हेल्थ ब्लॉक का उद्घाटन भी शामिल है. बनारस हिंदू विश्वविद्यलय में उनका संबोधन भी होगा.आईआईटी खेल मैदान में करीब 6000 लोग पहुंचेंगे जिसमें शहर के प्रबुद्ध लोग और पार्टी के कार्यकर्ता होंगे. साथ ही यहां डेढ़ सौ कोरोना वॉरियर्स से भी उनका संवाद होगा. कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस दौरे से यूपी मिशन की शुरुआत कर रहे है. देखें वीडियो.

हल्ला बोल: जनसंख्या नीति पर एनडीए की सहयोगी जेडीयू ने क्यों उठा दिए सवाल?

13 जुलाई 2021

सियासत मेहरबान तो जनसंख्या नीति हिंदू मुसलमान. यूपी सरकार ने जनसंख्या नीति का ऐलान किया और कानून बनाने की दिशा में कदम बढाए तो विरोधियों ने इसे चुनावी स्टंट बताना शुरु कर दिया. कहा जाने लगा कि जनसंख्या की बात करके ध्रुवीकरण की कोशिश हो रही है. विरोधियों की बात छोड़िए जनसंख्या नीति को लेकर NDA के भीतर भी ठन गई. नीतीश कुमार ने सवाल खड़े कर दिए. चुनावों से कुछ महीने पहले आबादी कंट्रोल कानून को लेकर यूपी से लेकर बिहार तक सियासत सुलग गई है. योगी सरकार के नए जनस्ख्या नीति पर चौतरफा सियासी हमले हो रहे हैं. विपक्ष तो विपक्ष खुद एनडीए की सहयोगी जेडीयू ने भी सवाल उठा दिए हैं. यानि अबादी कंट्रोल पर सियासत आउट ऑफ कंट्रोल हो गई है. इतना तो बीजेपी समझ गई होगी कि बढ़े चुनावी तापमान में जनसंख्या नीति की सियासी राह आसान नहीं. देखिए हल्ला बोल का ये एपिसोड.

क्या आतंकियों के पकड़े जाने पर भी अब होगी सियासत? देखें हल्ला बोल

12 जुलाई 2021

अलकायदा के दो आतंकियों को 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. लेकिन सियासत में जो आग लगी है उसकी आंच दूर से ही दिखाई दे रही है. एक तरफ यूपी एटीएस लगातार छापेमारी कर रही है दूसरी तरह लखनऊ में सियासत जोरों पर है. यूपी में अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर सभी ने अपने-अपने फायदे को देखते हुए सियासत का रुख मोड़ दिया है. अखिलेश यादव जहां इस पूरी कार्रवाई पर शक की सुई घुमा रहे हैं वहां मायावती ने संदेश का दीवार खड़ी कर दी है. अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल कि क्या आतंकियों पर भी अब सियासत होगी ?

निशाने पर था लखनऊ, क्या देश में फिर से एक्टिव हो गए हैं स्लीपर सेल?

11 जुलाई 2021

अलकायदा के गिरफ्तार आतंकियों का टेरर प्लान आखिर क्या था. जानकारी के मुताबिक लखनऊ समेत यूपी के कई शहरों में सीरियल ब्लास्ट की साजिश थी. माना जा रहा है कि आतंकी 2 से 3 दिन के अंदर किसी बड़े धमाके को अंजाम देने की फिराक में थे और इनके निशाने पर खासकर लखनऊ ही था. इसके लिए उन्होंने लखनऊ में भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी भी की थी. सवाल ये है कि आखिर यूपी की राजधानी के बीचोबीच अलकायदा के आतंकी कैसे धमाके की प्लानिंग कर रहे थे. दूसरा सवाल कि इतने दिनों तक कैसे सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक नहीं लगी. देखें वीडियो.

क्या लागू होना चाहिए यूनिफॉर्म सिविल कोड? देखें दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा

10 जुलाई 2021

देश मे यूनिफार्म सिविल कोड लागू होना चाहिए. आर्टिकल 44 में यूनिफार्म सिविल कोड की जो उम्मीद जतायी गयी थी अब उसे केवल उम्मीद नही रहना चाहिए बल्कि उसे हकीकत में बदल देना चाहिए. दिल्ली हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी तलाक के एक मामले में फैसला सुनाते वक्त की. दरअसल, कोर्ट के सामने ये सवाल खड़ा हो गया था कि तलाक को हिन्दू मैरिज एक्ट के मुताबिक माना जाए या फिर मीणा जनजाति के नियम के मुताबिक. कोर्ट ने कहा आज का हिंदुस्तान धर्म, जाति, कम्युनिटी से ऊपर उठ चुका है. इस लिहाज से देश मे यूनिफार्म सिविल कोड लागू होना चाहिए. देखें वीडियो.

सरकार की शर्तें मान राकेश टिकैत खत्म करेंगे आंदोलन? देखें हल्ला बोल

09 जुलाई 2021

देश की सरकार किसानों से कह रही है कि कानून वापस नहीं होंगे और आंदोलन खत्म कीजिए. वहीं किसान कह रहे हैं कि बात तो कानून वापसी के लिए ही करनी है, आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा और अगर सरकार चाहे तो गोली चलवा दे. इस पर कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने किसानों को पुरानी शर्तों के साथ नया निमंत्रण भेज दिया है. उन्होंने कहा है कि आंदोलन खत्म कीजिए, बात करने आइए. किसान नेता राकेश टिकैत ने दो टूक कह दिया है कि सरकार बिना कंडीशन बात करे, हम नहीं हटेंगे चाहे तो सरकार लाठी-डंडे बंदूक से हमें भगा दे. अब किसानों का तापमान 200 डिग्री तक बढ़ गया है. देखें हल्ला बोल का ये एपिसोड.

मोदी की नई टीम तैयार, बदले चेहरे, कितने बदलेंगे हालात? देखें हल्ला बोल

08 जुलाई 2021

मोदी कैबिनेट में पुराने मंत्री गए और नए मंत्री आ गए. जिन्हें नई जिम्मेदारियां मिली उन्होंने काम काज शुरू कर दिया है. लेकिन इस वक्त देश के मन बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम मोदी में बदलाव से हालात भी बदलेंगे? सवाल इसलिए बड़ा है कि चुनौतियां बड़ी हैं. चुनौती कोरोना की दूसरी लहर को काबू में करने की और तीसरी लहर को रोकने की है तो चुनौती पेट्रोल डीजल के बेकाबू होते दाम पर काबू की भी है. चुनौती छात्रों के भविष्य को लेकर भी है. मोदी सरकार के 7वें बरस में 7 जूलाई को जिन बड़े मंत्रियों का इस्तीफा हुआ उन मंत्रालयों की चुनौती अब नए कंधों पर आई है. कोरोना की दूसरी लहर से जूझते देश के लिए ये बदलाव कितना फर्क लाएगा इसपर सबकी नजर रहेगी. इसी पर देखें हल्ला बोल.

कौन होगा मोदी कैबिनेट के अंदर और कौन होगा बाहर? देखें स्पेशल रिपोर्ट

06 जुलाई 2021

कल शाम 5.30 बजे नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा. दूसरी बड़ी खबर ये है कि करीब 20 नए मंत्री शपथ ले सकते हैं. जिसमें से 6 नाम केंद्रीय मंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. इसके अलावा कई सहयोगी दलों को भी इस विस्तार में शामिल किया जा सकता है . दूसरी ओर मौजूदा मंत्रियों के परफॉर्मेंश का रिपोर्ट कार्ड खुद प्रधानमंत्री ने तैयार किया है. उसकी रिपोर्ट कार्ड में मिले नंबरों का असर मंत्रीमंडल विस्तार में दिखेगा. सूत्रों में मिली जानकारी के मुताबिक कुछ मंत्रियों का कद घटाया जा सकता है तो कुछ की छुट्टी हो सकती है. देखें वीडियो.

इन बड़े नामों को मिल सकता है मोदी कैबिनेट में शामिल होने का इनाम

06 जुलाई 2021

मोदी सरकार में बड़े बदलाव की चर्चा तेज है. 8 जुलाई को सुबह साढ़े 10 बजे ये विस्तार हो सकता है. खबर है कि 20 से ज्यादा नए चेहरे मंत्रिपरिषद में शामिल हो सकते हैं. जिसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार का प्रतिनिधित्व बढ़ सकता है. इस बीच कई सारे संभावित नामों का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है. इस खास एपिसोड में हम बताएंगे वो कौन से नाम है बीजेपी के काम आने की वजह से मोदी कैबिनेट में शामिल होने का इनाम मिल सकता है. इसके अलावा अन्य छोटे-छोटे दलों को भी मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. देखें वीडियो.