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हल्‍ला बोल

हल्ला बोल: होर्मुज पर ट्रंप की धमकी, क्या अब और भीषण होगा युद्ध?

13 अप्रैल 2026

भारत के समय से सिर्फ डेढ़ घंटे बाकी हैं जब होर्मुज पर राष्ट्रपति ट्रंप की नई धमकी की डेडलाइन पूरी हो रही है. इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद ट्रंप ने होर्मुज नहीं खुलने पर सभी के लिए Blockade की धमकी दी है, जो भारतीय समय से साढ़े 7 बजे पूरी हो रही है. कहने को तो पाकिस्तान ने 2 हफ्तों का सीजफायर कराकर बातचीत करायी, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच रत्ती भर भी विश्वास नहीं पैदा हुआ. सवाल है कि अगर ट्रंप होर्मुज की नाकेबंदी कर देंगे तो क्या पूरी दुनिया इस युद्ध में उतरने को मजबूर होगी? आखिर ईरान और ट्रंप की ये जिद दुनिया के लिए कितनी मुसीबतें लाने वाली है? राष्ट्रपति ट्रंप तो पोपलियो को भी आड़े हाथों ले रहे हैं, लेकिन पोपलियो का कहना है कि युद्ध रोकने के अपने संदेश पर वो कायम हैं. लेकिन ट्रंप मानो आउट ऑफ कंट्रोल हैं. उन्होंने अपनी एक AI इमेज पोस्ट की है, जिसमें वो ईसा मसीह जैसा दिख रहे हैं. क्या ट्रंप को अब किसी बात का खौफ नहीं? क्या होर्मुज के नाम पर अमेरिका और ईरान विश्वयुद्ध का पेट्रोल छिड़क रहे हैं?

समुद्री रास्ते में बारूद, क्या फिर छिड़ेगा US-ईरान के बीच युद्ध, देखिए हल्ला बोल

12 अप्रैल 2026

इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि यूरेनियम एनरिचमेंट के मुद्दे पर लचीलापन ही समाधान की कुंजी हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद परमाणु कार्यक्रम को लेकर रहा, जहां अमेरिका सख्त प्रतिबंध चाहता है जबकि ईरान अपने अधिकार पर अड़ा है. जानकारों का कहना है कि सीमित समझौते के जरिए ही भविष्य में प्रगति संभव है.

हल्ला बोल: इस्लामाबाद वार्ता से हल निकलेगा या फिर झुलसेंगे खाड़ी के देश?

11 अप्रैल 2026

अमरिका-ईरान के बीच बातचीत की टेबल पाकिस्तान के इस्लामबाद में सजी हुई है. शांति वार्ता के लिए अमेरिकी और ईरानी डेलिगेट अपने-अपने हिसाब से गोटी बिछा रहे हैं. सीजफायर के बीच शांति वार्ता में सभी शर्तों को कसौटी पर कसा जा रहा है. ऐसे में सवाल है कि इस्लामाबाद में शांति वार्ता से हल निकलेगा या फिर झुलसेंगे खाड़ी के देश? देखें हल्ला बोेल.

हल्ला बोल: शांति का चैंपियन बन रहा PAK सुलह कराने में कामयाब होगा?

10 अप्रैल 2026

ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता की पूरी तैयारी पाकिस्तान कर चुका है. मेजबान तो तैयार है, लेकिन मेहमानों पर सस्पेंस बना हुआ है. जहां अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान आ रहा है, वहीं ईरान के डेलीगेशन पर अभी ईरान की चुप्पी है. हालांकि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ डेलीगेशन का नेतृत्व कर सकते हैं. लेकिन सवाल ये है कि बातचीत के पहले असहमति के मुद्दे हल होंगे? लेबनान में हिजबुल्लाह का साथ ईरान छोड़ने को तैयार नहीं और इजरायल उस पर स्ट्राइक रोकने को तैयार नहीं.

ईरान की 3 शर्तों का हुआ उल्लंघन, क्या टिक पाएगा सीजफायर? देखें हल्ला बोल

09 अप्रैल 2026

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का ऐलान तो हो गया लेकिन शांति बहुत दूर नजर आ रही है. वैसे तो कल पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत प्रस्तावित है, लेकिन ये शांति वार्ता होगी भी या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है. लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है, और ईरान से ऐसी खबरें आ रही हैं कि लेबनान समेत उसकी कम से कम 3 शर्तों के उल्लंघन से बातचीत का कोई फायदा नहीं दिखता. उधर, राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा है कि डील नहीं हुई तो उनकी सेनाएं तैयार हैं. वो होर्मुज खोलने और ईरान के पास परमाणु शक्ति नहीं रहने देने का दम भर रहे हैं, जबकि ईरान भी इन दोनों बातों पर अड़ा नजर आ रहा है. कहने को तो पाकिस्तान, मध्यस्थ की भूमिका में है, लेकिन लेबनान पर उसका झूठ अमेरिका ने खोला है. सवाल है कि क्या 2 हफ्तों के इस सीजफायर से कोई उम्मीद दिखती है? ये शांति के लिए सीजफायर है, या सीजफायर खुद मिसफायर हो गया है?

ईरान की 10 शर्तें मानकर सीजफायर के लिए झुक गया अमेरिका? देखें हल्ला बोल

08 अप्रैल 2026

ईरान-अमेरिका के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर का ऐलान हो गया. सीजफायर का ये ऐलान बड़े नाटकीय घटनाक्रमों और दोनों पक्षों की ओर से जीत के दावों के साथ हुआ है. कल ईरान की सभ्यता को मिटाने का दम भर रहे राष्ट्रपति ट्रंप ने आज ईरान के पुनर्निर्माण और मिडिल ईस्ट के स्वर्णिम युग की बात की है. जहां ईरान ने अपनी 10 शर्तें मान लिए जाने का दावा किया है, वहीं ट्रंप ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिका की 15 शर्तों में अधिकतर मानी गई हैं. उन्होंने ईरान से टैरिफ लेने की बात भी कही है.

ईरान को 4 घंटों में तबाह कर देंगे डोनाल्ड ट्रंप? देखें हल्ला बोल

07 अप्रैल 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे कभी लौटाया नहीं जा सकेगा. ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देने की धमकी में लगभग 11 घंटे बाकी है. और उसके पहले ट्रंप ने फिर बड़ी धमकी दी है. यानी महाविनाश का काउंटडाउन शुरू है. भारतीय समय से सुबह साढ़े 5 बजे राष्ट्रपति ट्रंप की डेडलाइन खत्म हो रही है. उधर, इजरायल ने ईरान के रेलवे ब्रिजों पर हमले शुरू कर दिए हैं. इजरायल ने जिन रेलवे ब्रिजों पर हमले किए उनमें से एक तबरीज प्रांत में है. ईरान के जंजान में भी रेलवे ब्रिज पर हमले हुए हैं. सवाल ये है कि क्या आज युद्ध का सबसे भीषण मौका आने जा रहा है? दोनों तरफ की इस लड़ाई का अंजाम क्या होने जा रहा है?

क्या ईरान के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अटैक करने वाले हैं ट्रंप? देखें हल्ला बोल

06 अप्रैल 2026

आज पूरी दुनिया में चर्चा इसी बात की है कि कैसे अमेरिका ने ईरान में घुसकर अपना पायलट छुड़ा लिया. ईरान में F-15 जेट का अमेरिकी पायलट फंस गया था. उसे IRGC खोज रही थी. लेकिन अमेरिका ने हैरतअंगेज और बेहद साहसिक ऑपरेशन में ईरान को चकमा देकर अपने पायलट को छुड़ा लिया. पायलट के इस रेस्क्यू मिशन को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईस्टर का चमत्कार कहा. सवाल है कि क्या ईरान के युद्ध को वो अब धर्मयुद्ध की तरह देख रहे हैं ? उधर, ट्रंप ने ईरान को डील के लिए 24 घंटों की और मोहलत तो दी है, लेकिन उनका तेवर बेहद सख्त है. ईरान को चेतावनी देने की उनकी जो सोशल मीडिया पोस्ट है, उसकी भाषा पर भी दुनिया भर में चर्चा है. भारतीय समय के मुताबिक ट्रंप आज रात साढ़े 10 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाले हैं. इस बीच ईरान ने एक बार फिर डील के लिए अमेरिकी शर्तों को नकारा है. सवाल है कि क्या ईरान के सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर्स को अटैक करने का ट्रंप का अल्टीमेटम वाकई हकीकत बनेगा ? धर्म का ट्रंप कार्ड, युद्ध और खतरनाक ?

हल्ला बोल: ईरान को पाषाण युग में भेजने के ट्रंप के दावे में कितनी हकीकत?

04 अप्रैल 2026

ईरान युद्ध जितना लंबा बढ़ता जा रहा है, उतना ही बर्बादी का मंजर दिखा जा रहा है. ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर अब उस मोड़ पर पहुंच गए हैं, जहां से वापसी का रास्ता धुंधला नजर आता है. सवाल है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान को 'पाषाण युग' में पहुंचा देंगे? देखें हल्ला बोल.

हल्ला बोल: ईरान में पुुल का विनाश ट्रेलर, महाविनाश की पिक्चर बाकी है?

03 अप्रैल 2026

क्या ईरान में पुुल का विनाश ट्रेलर है, महाविनाश की पिक्चर बाकी है ? ईरान के सबसे ऊंचे पुल, जिसे वहां B1 ब्रिज कहा जाता था, उस पर स्ट्राइक के बाद से हंगामा और बढ़ गया है. ट्रंप की धमकी है कि अभी तो सेना ने तबाही शुरू तक नहीं की है. उधर, ईरान ने पुल के बदले पुल का अल्टीमेटम दिया और अरब देशों के अहम पुल की हिट लिस्ट जारी कर दी है. ईरान को पाषाण युग में भेजे जाने के ट्रंप के बयान का भी ईरान ने पलटवार किया है. सवाल ये है कि 6 अप्रैल की ट्रंप की डेडलाइन से पहले ही ईरान के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले शुरू हो गए हैं?

क्या ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमले के सारे उद्देश्य पूरे हुए? देखें हल्ला बोल

02 अप्रैल 2026

ईरान के खिलाफ अमेरिका अब आगे क्या करेगा, युद्ध रोकेगा या और हमले करेगा? राष्ट्रपति ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन के बावजूद ये सस्पेंस बना हुआ है. राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि अगले 2-3 हफ्तों तक हमले जारी रहेंगे. उनका ये भी दावा है कि ईरान अब बर्बाद हो चुका है. लेकिन सवाल ये है कि क्या ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमले के सारे उद्देश्य पूरे हुए? अब तो ट्रंप दुनिया के देशों को ललकार कर कह रहे हैं कि जिसे जरूरत हो वो जाकर होर्मुज खुलवा ले. मतलब वो होर्मुज से हाथ खींचने की बात कर रहे हैं. लेकिन सवाल ये है कि उनकी 6 अप्रैल की डेडलाइन का क्या हुआ? उधर, ईरान का तेवर जस का तस है. ईरान के सेना प्रमुख की धमकी है कि ईरान में जमीनी कार्रवाई हुई तो दुश्मन जिंदा नहीं बचेगा. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका को खुला खत लिखकर भी युद्ध पर सवाल उठाया है. क्या ईरान की रणनीति के आगे ट्रंप के सारे दांव फेल हो रहे हैं?

ईरान से युद्ध पर नया सरप्राइज देंगे डोनाल्ड ट्रंप? देखें हल्ला बोल

01 अप्रैल 2026

दुनिया ने काउंटडाउन शुरू कर दिया है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं. भारतीय समय के मुताबिक कल सुबह साढ़े 6 बजे ट्रंप अमेरिका के लोगों के लिए राष्ट्र के नाम संदेश देंगे. ट्रंप का ये संदेश बेहद अहम हो सकता है क्योंकि उन्होंने कह दिया है कि 2 से 3 हफ्तों में ईरान युद्ध से अमेरिका निकलने वाला है. ट्रंप ने ये संकेत भी दिया है कि ईरान के साथ डील हो या नहीं हो, वो युद्ध को रोक देंगे. लेकिन क्या ट्रंप जो कह रहे हैं, वही सच होगा? बीते 1 महीनों में युद्ध पर ट्रंप ने कई बार सरप्राइज दिए हैं. क्या ईरान युद्ध से निकलने की ये टाइमलाइन भी कोई रणनीति है? सवाल ये भी है कि क्या अब ईरान युद्ध को रोकेगा? क्योंकि ईरान की चेतावनी बेहद गंभीर है.

क्या ट्रंप के विकल्पों में 'परमाणु प्लान' शामिल है? देखें हल्ला बोल

31 मार्च 2026

युद्ध में हर दिन स्थिति पहले से गंभीर हो रही है. अब ईरान के परमाणु शहर इस्फहान तक अमेरिका और इजरायल ने बंकर बस्टर मिसाइलों से हमले कर दिए हैं. ये हमले ट्रंप की उन धमकियों के बाद हुए हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर डील नहीं हुई तो ईरान के तेल, गैस और पानी सब को नष्ट कर देंगे. ईरान ने भी इस्फहान पर हुए हमलों का जवाब दिया है. तो उधर होर्मुज पर टोल वसूलने के प्लान को अपनी संसद से मंजूरी दिलाकर ईरान ने साफ बता दिया है कि तेल को लेकर वो भी अंतिम दम तक लड़ेगा. सवाल ये है कि अगर यही तनातनी बनी रही तो 6 अप्रैल की डेडलाइन के बाद क्या नौबत आने वाली है ? क्या ट्रंप के विकल्पों में परमाणु प्लान शामिल है ? क्या ईरान किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है ? ईरान अपने हमलों और प्रोपेगेंडा वीडियोज से अमेरिका और इजरायल को सबक सिखाने का दम भर रहा है. ट्रंप का परमाणु प्लान तो क्या थमेगा घमासान.

हल्ला बोल: क्या अमेरिका-ईरान युध्द का खामियाजा दुनिया भुगत रही है?

28 मार्च 2026

अमेरिका-ईरान के बीच जारी महायुद्ध 29वें दिन और तेज हुआ है. परमाणु ठिकानों पर हमलों से बौखलाए ईरान ने इजरायल पर दागी मिसाइलें. साथ ही सऊदी अरब के अमेरिकी सैैन्य बेस पर भी हमला बोला. आखिर कहां जाकर रुकेगी जंग? क्या अमेरिका-ईरान युध्द का खामियाजा दुनिया भुगत रही है? देखें हल्ला बोल.

हल्ला बोल: क्या अमेरिका की मोहलत ईरान के खिलाफ बड़ी तैयारी के लिए है?

27 मार्च 2026

युद्ध का आज 28वां दिन है और लड़ाई जोरदार जारी है. वैसे तो आज अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमले न करने की मियाद 10 दिन और बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दी. लेकिन ये पॉजिटिव संकेत नहीं, क्योंकि ईरान, ट्रंप की किसी शर्त को मानने को तैयार नहीं. जबकि ट्रंप को मानो सारे पत्ते चल देने पड़ रहे हैं. सवाल है कि क्या ट्रंप अपने लिए मोहलत ले रहे हैं? क्योंकि आज ही खबर है कि अमेरिका 10 हजार अतिरिक्त अमेरिकी पश्चिम एशिया में तैनात करने जा रहा है.

क्या ईरान-अमेरिका युद्ध का नेक्स्ट फेज आने वाला है? देखें हल्ला बोल

26 मार्च 2026

ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की 5 दिनों की धीरे-धीरे डेडलाइन बीती जा रही है और ईरान के तेवरों में कमी का एक भी संकेत नहीं मिला है. 15 सूत्री अमेरिकी प्लान के बदले आज ईरान की मीडिया के हवाले से 5 शर्तें अमेरिका को बता दी गईं, जिसमें होर्मुज पर ईरान की स्वायत्तता, युद्ध के नुकसान की भरपाई जैसी बातें हैं, लेकिन परमाणु कार्यक्रमों को बंद करने की अमेरिकी शर्त को नजरअंदाज किया गया है. ईरान पलटवार पर पलटवार भी कर रहा है. ईरान के इन तेवरों पर राष्ट्रपति ट्रंप की खीज भी दिख रही है. आज उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में धमकी दी कि ईरान अमेरिकी प्रस्ताव पर गंभीर हो जाए नहीं तो नतीजे बहुत बुरे होंगे. आज ईरान को एक बड़ा झटका भी लगा है. इजरायल के हमले में होर्मुज में ईरानी डिफेंस की अहम कड़ी IRGC नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसिरी की मौत की खबर आई है. सवाल ये है कि बीते 27 दिनों में जो संघर्ष हुआ है, क्या अब उससे भी बड़ा कुछ होगा? क्या ईरान और अमेरिका की लड़ाई का नेक्स्ट फेज आने वाला है.

क्या अमेरिका से हर नुकसान का बदला लेगा ईरान? देखें हल्ला बोल

25 मार्च 2026

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

क्या ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम? देखें हल्ला बोल

24 मार्च 2026

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?

हल्ला बोल: क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं?

23 मार्च 2026

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

ईरान को हराना क्या ट्रंप के लिए बन गया 'नाक की लड़ाई'? देखें हल्ला बोल

21 मार्च 2026

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

हल्ला बोल: US-ईरान युद्ध में दुश्मन को मिट्टी में मिलाने का किसका दावा मजबूत?

20 मार्च 2026

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध का आज 21वां दिन है, और दोनों ओर के लगातार हमलों के बीच जिस सवाल का जवाब दुनिया जानना चाहती है. वो ये है कि इस युद्ध का धुरंधर कौन है? ईरान के सरेंडर की ख्वाहिश पाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की ओर से कई सरप्राइज मिले हैं. चाहे, वो खाड़ी देशों के अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले हों, चाहे इजरायल और खाड़ी देशों के तेल-गैस के ठिकानों पर ईरान का पलटवार हो या अमेरिका के F-35 जैसे अत्याधुनिक विमानों को गंवाने से अमेरिका के लिए बढ़ रही युद्ध की कीमत हो.

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