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हल्‍ला बोल

कृषि कानून पर सरकार लगाएगी रोक, किसानों का होगा अगला कदम?

21 जनवरी 2021

सरकार ने दसवें दौर की मीटिंग में तीनों कानूनों पर डेढ़ साल के लिए रोक लगाकर नई कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया है. अब देखना है कि किसान आगे क्या रुख अपनाते हैं. कृषि कानून पर रोक के सरकारी प्रस्ताव पर किसानों का मंथन दौर शुरू हुआ. सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों की बैठक चली और रणनीति ये है कि कल फिर सरकार के साथ आमने सामने होने से पहले सभी संगठनों की राय जान ली जाए. देखें हल्ला बोल.

हल्ला बोल: बातचीत के 10 दौर, छोड़ो अब जिद और

20 जनवरी 2021

किसान 26 जनवरी पर ट्रैक्टर परेड को लेकर अडे हैं. उन्होंने ट्रैक्टरों पर झांकी निकालने की तैयारी की है. इस बीच किसानों की योजना रोकने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो अर्जी लगाई थी, उस पर अदालत ने कोई फैसला देने से इनकार कर दिया है. फैसला दिल्ली पुलिस पर छोड़ दिया है. इधर, किसानों के साथ सरकार की 10वीं बातचीत चल रही है. किसानों ने ठान लिया है. 26 जनवरी को जब राजपथ पर देश की सेना और राज्यों की झांकियां निकलेंगी तब किसान अपनी मिनी रिपब्लिक डे परेड निकालेंगे. बकायदा ट्रैक्टर पर झांकियां भी होंगी. किसान संगठन पूर्व सैनिकों की सहायता से इस परेड की प्लैनिंग भी कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने भी आज साफ कर दिया है कि ट्रैक्टर रैली पर वो बैन नहीं लगाएगी, फैसला पुलिस को लेना है. देखें हल्ला बोल, अंजना ओम कश्यप के साथ.

आंदोलन की कक्षा में सियासत का चैप्टर! देखें हल्ला बोल

19 जनवरी 2021

किसानों के आंदोलन की कक्षा में सियासी प्रोफेसर और स्टुडेंट की एंट्री हो गई है. बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी से सवाल पूछे तो राहुल ने जवाब दिया कि नड्डा कौन हैं मेरे प्रोफेसर हैं क्या? राहुल के इस वार पर बीजेपी की ओर से प्रकाश जावड़ेकर ने पलटवार किया और कहा कि राहुल ऐसे छात्र हैं जो पढाई नहीं करता और सवाल पूछे जाने पर भाग खड़ा होता है. बड़ा सवाल ये कि स्टुडेंट ऑफ द इयर कौन है और प्रोफेसर कौन है? देखें हल्ला बोल, अंजना ओम कश्यप के साथ.

हल्ला बोल: NIA की जांच जारी, किसानों में गुस्सा भारी?

18 जनवरी 2021

26 जनवरी को किसान अपने ट्रैक्टर के साथ दिल्ली में मार्च की तैयारी कर रहे हैं. किसानों को दिल्ली में एंट्री की इजाजत होगी या नहीं इस पर फैसला दिल्ली पुलिस को लेना है. देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा है कि इस मामले को डील करने की पूरी ऑथरिटी दिल्ली पुलिस के पास है. इस बीच किसान आंदोलन में टूट फूट की आहट भी सुनाई दे रही है. साथ ही एनआईए के कसते शिकंजे को लेकर किसान नेताओं में गुस्सा है. आखिर कब तक जारी रहेगी किसान आंदोलन पर सियासत, देखें हल्ला बोल, अंजना ओम कश्यप के साथ.

NIA की जांच, आंदोलन पर आंच? देखें हल्ला बोल

17 जनवरी 2021

क्या कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को विदेशी फंडिंग से आर्थिक मदद मिल रही है? क्या इस आंदोलन के बहाने देश विरोध ताकतें अपनी साजिश रच रही हैं. ये तमाम सवाल इसलिए क्योंकि जांच एजेंसी एनआईए ने विदेशी फंडिंग के नाम पर करीब 40 लोगों को समन भेजा है. इनमें कई बड़े किसान नेता भी शामिल हैं. तो क्या किसान आंदोलन में खालिस्तानी साजिश की हिस्सेदारी भी हो रही है? देखें हल्ला बोल, चित्रा त्रिपाठी के साथ.

कोरोना वैक्सीन को लेकर क्यों बंटी कांग्रेस? हल्ला बोल

16 जनवरी 2021

दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन प्रोग्राम का भारत में शुभारंभ हो गया है. पीएम मोदी ने कोरोना टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत की. उम्मीद की जा रही थी कि वैक्सीन पर चल रही सियासत का अंत हो जाएगा लेकिन वो आज भी बदस्तूर जारी है. सियासी टीका-टिप्पणी करने में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने लीड ले लिया है. अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सियासी बयान से अफवाहों का बाजार गर्म होता है. कोरोना वैक्सीन का देशभर में भले ही पहला डोज लग रहा है लेकिन सियासत का दूसरा डोज लगना शुरु हो गया है. जो शुरुआत वैक्सीन को बीजेपी की वैक्सीन बताकर अखिलेश यादव ने की उसका एक्सेंटशन आज भी जारी है. वैक्सीन को लेकर सियासी वायरस अलग-अलग रंग-रुप में तेजी से फैलता जा रहा है. कब खत्म होगी कोरोना पर सियासी तकरार, देखें हल्ला बोल, अंजना ओम कश्यप के साथ.

क्या किसानों के बहाने कांग्रेस कर रही पार्टी में जान फूंकने की कोशिश?

15 जनवरी 2021

आज किसानों और सरकार के बीच हुई बैठक एक बार फिर बेनतीजा रही. लेकिन बैठक के बाद किसानों ने सरकार पर जमकर निशाना साधा. किसान कह रहे हैं सरकार अब उनका वक्त बर्बाद कर रही है. किसान अब भी कानून वापसी की मांग पर अड़े हैं. किसानों के समर्थन में अब कांग्रेस भी सड़क पर उतर आयी है. अब सवाल ये है कि कहीं किसानों के आंदोलन की जमीन पर कांग्रेस फसल काटने की तैयारी तो नहीं कर रही? कहीं कांग्रेस को ये उम्मीद तो नहीं कि आंदोलन के बहाने पार्टी में जान फूंका जा सकता है? देखें हल्ला बोल.

असदुद्दीन ओवैसी के नए सियासी दांव से किसका होगा फायदा, किसका नुकसान?

14 जनवरी 2021

बिहार, बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश और गुजरात तक ओवैसी की चुनावी पतंगबाजी ने सियासत की हवाओं में ऐसी खलबली बढ़ा दी है कि सब अपना अपना मांझा कसने में जुट गए हैं और ओवैसी की पतंग काटने के तरीके ढूंढ रहे हैं. ओवैसी मुस्लिम बहुसंख्यक इलाकों में दांव आजमाते हैं, मुस्लिम वोट बंटने से इसका नुकसान बीजेपी की विरोधी पार्टियों को होता है और फायदा बीजेपी को. तभी बीजेपी सांसद साक्षी महाराज अपनी खुशी छिपा नहीं पाए.

हल्ला बोल: कमेटी के सदस्यों से नाराज क्यों हैं किसान?

12 जनवरी 2021

क्या सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किसानों की समस्या का हल निकलेगा? क्या कमेटी बनाए जाने से आंदोलन का समाधान निकलेगा? सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है, उसे दो महीने के भीतर रिपोर्ट देना होगा. इतना ही नहीं 10 दिनों के भीतर कमेटी को पहली बैठक करनी होगी. कमेटी को दोनों पक्षों की बात सुननी होगी. इस बीच किसान संगठनों ने ऐलान कर दिया है कि वो कमेटी के साथ बात नहीं करेंगे. क्या सुप्रीम कोर्ट के तीनों कृषि कानून पर स्टे लगाने से मान जाऐंगे किसान? इस सवाल का जवाब कोर्ट के अंदर और बाहर दोनो साफ है. वकील के एल शर्मा ने कोर्ट में बहस की शुरूआत करते हुए साफ किया कि किसान कमेटी के समक्ष पेश नहीं होंगे. वहीं कोर्ट के बाहर आंदोलन में शामिल किसान नेता ने भी साफ किया, कानून वापसी से पहले घर वापसी नहीं होगी. आखिर कब तक किसानों और केंद्र सरकार के बीच गतिरोध जारी रहेगा, देखें हल्ला बोल, अंजना ओम कश्यप के साथ.

हल्ला बोल: कोर्ट की फटकार, खत्म होगी तकरार?

11 जनवरी 2021

किसानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है. कानून के अमल पर रोक की बात की है. कमेटी बनाने की बात की है. ऐसे में सवाल ये कि क्या अब आंदोलन का समाधान निकलेगा. लगातार 47 दिनों से किसान दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि कल देश की सबसे बडी अदालत फैसला सुना सकती है. 47 दिन बाद किसान-सरकार संग्राम में तो समाधान नहीं निकला लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आज सरकार को ऐसी सख्ती दिखाई है कि किसानों के खेमे में थोड़ी उम्मीद जग गई है. सुप्रीम कोर्ट ने ना सिर्फ सरकार की कोशिशों पर नाराजगी जताई बल्कि ये भी साफ कर दिया कि वो कृषि कानून पर रोक तो नहीं लगा सकती लेकिन उसके अमल पर रोक लगा सकती है. देखें हल्ला बोल, अंजना ओम कश्यप के साथ.

हल्ला बोल: बंगाल की चुनावी लड़ाई, आतंक पर क्यों आई?

10 जनवरी 2021

देश में सियासी खबरों से सरोकार रखने वाले हर शख्स की नजर इस साल पश्चिम बंगाल पर ही टिकी है. विधानसभा चुनाव की आहट है लेकिन उससे पहले बंगाल में राजनीतिक बवाल है. उस पर से राज्यपाल धनखड़ के एक विस्फोटक बयान ने नया भूचाल पैदा कर दिया है. राज्यपाल ने ममताराज में अलकायदा के पनपने की बात कह दी है. क्या अब बंगाल की चुनावी लड़ाई आतंक पर आ गई है? बंगाल में चंद महीनों के बाद विधानसभा चुनाव है लेकिन उससे पहले सत्ताधारी और सत्ता की तलाश वाले दलों में ना सिर्फ जुबानी जंग हो रही है बल्कि खूनी झड़प में कार्यकर्ताओं की जान भी जा रही है. इसी खून खराबे पर बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ ने तो दिल्ली आकर देश के गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात और राज्य के मौजूदा हालात पर पूरी रिपोर्ट दी. क्यों बढ़ी सियासी हलचल, देखें हल्ला बोल, चित्रा त्रिपाठी के साथ.