राम मंदिर ट्रस्ट की सोमवार को चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे और चढ़ावे के हिसाब-किताब की नई व्यवस्था को लेकर अहम बैठक हुई. ट्रस्ट के सदस्यों की राय है कि चढ़ावा चोरी से चंपत राय का कोई लेना देना नहीं है. अब सवाल है कि ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों को क्लीन चिट देने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई? क्या 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चंपत राय के इस्तीफे की मंजूरी ही काफी है? देखें 10 तक.