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10 तक

चुनाव से पहले क्यों बढ़ा पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ?

19 जनवरी 2021

आज तक बीस साल का हो चुका है. सरकारें पांच साल के लिए बनती हैं. दो दशक से खबरों का सरताज आपका चैनल आजतक देश और देशवासियों के मुद्दे उठाता आ रहा है. देश के सबसे अहम चुनावी राज्य बने पश्चिम बंगाल में कौन, कैसे, कितने रुपए में बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में दाखिल कराने का खेल खेल रहा है? जानना जरूरी है. 31 साल से अपने ही देश में विस्थापित होने का दर्द झेल रहे कश्मीरी पंडित झेल रहे हैं. वहीं पश्चिम बंगाल में पराक्रम की राजनीति हो रही है. वहीं जो बाइडन के लिए शपथ ग्रहण क्यों अग्निपथ है, जानना ये भी जरूरी है. देखें दस्तक, रोहित सरदाना के साथ.

पीएम के सपने में भ्रष्टाचारियों का गृह प्रवेश!

18 जनवरी 2021

देश की जनता के लिए योजना बने. योजना जमीन पर पहुंचे ना पहंचे, कागज पर पूरी दिखे तो सवाल खड़े करना जरूरी है. गरीबों के लिए प्रधानमंत्री के सपनों के घर में भ्रष्टाचारियों का 'गृह प्रवेश' कैसे हुआ, किसने किया, आज तक ने इसकी पड़ताल की है. वहीं सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार का भूत घुसा है, जिसे बाहर कोई नहीं निकाल पा रहा है. वहीं मनोरंजन की दुनिया में ओटीटी का तांडव मचा है. सवाल ये उठ रहे हैं कि कल्पनाशीलता के नाम पर क्या भावनाएं आहत होने की छूट मिलती है? देखें दस्तक, रोहित सरदाना के साथ.

लद्दाख में -30 डिग्री तापमान, कश्मीर ने ओढ़ी बर्फ की चादर!

17 जनवरी 2021

लद्दाख में मौसम का कहर जारी है. नदियां और नहरें ऐसे जमी हैं कि कभी कोई तरल प्रवाह रहा ही नहीं होगा. बर्फ की ऐसी सड़क बनी है, जिस पर लोग पैदल नदी पार कर लें. यहां अधिकतम तापमान भी माइनस में रहता है, वहीं न्यूनतम तापमान तो माइनस 30 डिग्री तक जाता है. लद्दाख में ही धरती पर सबसे ठंडी दूसरी जगह भी है, द्रास में. जहां हमेशा कड़ाके की ठंड पड़ती है. इसी केंद्र शासित प्रदेश में सियाचिन का भी वो हिस्सा आता है, जहां सैनिक डटे रहते हैं. देखें लद्दाख से आज तक की ग्राउंड रिपोर्ट, श्वेता सिंह के साथ.

स्वदेशी वैक्सीन क्रांति क्यों है गेम चेंजर?

16 जनवरी 2021

देश में कोरोना वैक्सिनेशन का शुभारंभ हो चुका है. टीकाकरण अभियान के पहले दिन करीब 1.91 लाख लोगों का टीकाकरण पूरा हुआ. सरकार की ओर से 3 लाख लोगों को वैक्सिनेट करने का लक्ष्य रखा गया था. वैक्सिनेशन के शुभारंभ के साथ ही कई अहम सवाल ऐसे भी हैं जिनका जवाब जानना जरूरी है. कैसे देश की 30 करोड़ की आबादी को वैक्सीन की डोज दी जाएगी, वैक्सीन की कीमत क्या होगी, कैसे देश के कोने-कोने तक वैक्सीन पहुंचाई जाएगी. देखें बेहद खास कार्यक्रम, श्वेता सिंह के साथ.

कब तक कानून के नाम पर नीतीश फोड़ेंगे 16 साल पुराने जंगलराज पर ठीकरा?

15 जनवरी 2021

16 साल पुराने जंगलराज पर भाषण देकर ही वोट लिया और अब कानून के शासन के नाम पर भी क्या 16 साल पुराने जंगलराज की हांडी ही चढ़ाएंगे नीतीश कुमार? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बचाव में ये तो ताल ठोंककर कहते हैं कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों में अपराध के पैमाने पर बिहार 23वें नंबर पर है लेकिन NCRB का ही डेटा कहता है कि बिहार देश में हत्या के मामले में दूसरे नंबर पर है, अपहरण के अपराध में बिहार अब भी देश में तीसरे नंबर पर है और हिंसक अपराधों के मामले में बिहार देश में दूसरे नंबर पर है. देखें 10तक.

नौकरी के नाम पर वोट मांगने वाले करवाते हैं सालों तक नौकरी का इंतजार!

14 जनवरी 2021

रोहित सरदाना के साथ दस्तक में आज आप देखेंगे वो राजनीति जो नौकरी के नाम पर वोट तो मांगती है लेकिन नौकरी के लिए 22 साल तक इंतजार करा देती है. इसके साथ ही देखिये मौत देने वाले चाइनीज एप पर कैसे आपकी दी हुई दस्तक का असर हुआ है. दस्तक उस अव्यवस्था के खिलाफ भी जो जनता से सुरक्षित इलाज पाने का हक छीनती है.

दिल्ली में कैसे फल-फूल रहा नंबर प्लेट में धांधली का धंधा?

13 जनवरी 2021

दिल्ली पुलिस को और सतर्क होने की जरूरत है. हर राज्य के परिवहन अधिकारियों का सजग होना बेहद जरूरी है. आज तक ने ऑपरेशन नंबर गेम का खुलासा किया है. छिपे हुए कैमरे पर उस सच को दिखाने की कोशिश है, जो हो तो खुलेआम रहा है. दिल्ली पुलिस और दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों को यह धांधली नहीं दिख रही है. आपकी गाड़ी चोरी होने से, चोरी की गाड़ी के जरिए आतंकी हमला होने से रोकने वाली एक नंबर प्लेट पर 600 रुपए का लालच कैसे देश-देशवासियों को मुश्किल में डाल सकता है. देखें दस्तक, रोहित सरदाना के साथ.

देखो 'मामा' राज में खेल, पढ़ें फारसी बेचें तेल!

12 जनवरी 2021

आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है. आज के ही दिन राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है. भारत में 1985 से 12 जनवरी को हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है. 36 साल बाद भी भारत का युवा जब रोजगार पाने के लिए भटकता दिखे, तब युवा दिवस के ही दिन देश के बेटे-बेटियों के लिए दस्तक देनी जरूरी है. पढ़ें फारसी, बेचे तेल. यानी योग्यता के मुकाबले निचले स्तर का काम करने के लिए मजबूर करना. देश के दो राज्यों को उदाहरण बनाकर हम आज की पहली दस्तक दे रहे हैं. पहले खबर मामाजी यानी शिवराज सिंह चौहान के राज्य मध्य प्रदेश की. हासिल फिल्म में आशुतोष राणा का डायलॉग था. युवा, इस शब्द को उल्टा कर दो तो वायु. वायु हल्की बहे तो बेहतर, तेज बहे तो बेहाल कर देती है. ऐसी शक्ति वाले युवाओं को रोजगार देने के नाम पर आज भी या तो लाठी मिलती है या फिर नौकरी देने के नाम पर अदालत से लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की सजा. देखें दस्तक, रोहित सरदाना के साथ.

क्या किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट से निकलेगी राह?

11 जनवरी 2021

किसी भी दिन शांति भंग हो सकती है. हम नहीं चाहते कि हमारे हाथ रक्तरंजित हों. कुछ भी गलत हुआ तो हम सभी बराबरी से जिम्मेदार होंगे. 47 दिन और 8 दौर से लटकी हुए बातचीत के बीच चल रहे किसान आंदोलन और कृषि कानून रद्द करने समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी आज सुप्रीम कोर्ट से आई है. कल अदालत फैसला भी सुना देगी. कृषि कानून अभी फिलहाल के लिए रोके जाएंगे? या फिर रास्ता कुछ और निकलेगा? सवाल ये भी कि उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को बचाने में कांग्रेस का हाथ क्यों है? धर्म के आधार पर विवादित-भड़काऊ बयान देने या काम करने से नेताओं की जीत की गारंटी कैसे बढ़ जाती है? कैसे एक अफवाह राष्ट्र को नुकसान की कुएं में कैसे धकेल देती है? देखें दस्तक, रोहित सरदाना के साथ.

कंगाल पाकिस्तान, चीन ने बनाया गुलाम?

10 जनवरी 2021

बीती रात पाकिस्तान की 21 करोड़ अवाम ने डर और खौफ में गुजारी. सोशल मीडिया पर सिर्फ एक बात की चर्चा हो रही है. जो टॉप ट्रेंड हुआ वो पढ़कर-देखकर आप पाकिस्तान की हालत को समझ सकते हैं. कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान पर हिंदुस्तान ने हमला कर दिया है. कराची और इस्लामाबाद पर हमला हुआ है तो कुछ लोगों ने पाकिस्तान में इमरान के तख्तापलट के बारे में लिखा. आखिर पाकिस्तान में ब्लैकआउट की इनसाइड स्टोरी क्या है? क्या पाकिस्तान के अंदर घमाशान मचा हुआ है? क्या ब्लैकआउट इमरान खान के आउट होने का सिग्नल है? देखें दस्तक, चित्रा त्रिपाठी के साथ.

बांटने वाले ट्रंप को क्यों करते हैं लोग नापसंद?

09 जनवरी 2021

2021 के पहले ही हफ्ते में दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र का इतिहास सीने से लगाए घूमते अमेरिका में उत्पात दिखा, हिंसा दिखी. उपद्रवी को देशभक्त कहने वालों को भीड़ नजर आई. संसद पर हमला हुआ. गोलियां चलीं. चार लोगों की मौत हुई. अमेरिका में ट्रंप की कहानी खत्म लेकिन शांति से नहीं, शोर से नहीं बल्कि अमेरिका की दुनिया भर में बदनामी के धमाके के साथ. अमेरिका ने बहुत सहन कर लिया. अब और नहीं. ये अमेरिका के इतिहास की किताब में हमेशा काला पन्ना बनकर याद किए जाने वाले डोनाल्ड ट्रंप के शब्द हैं. सात जनवरी को ट्रंप के इन्हीं उकसाउ बयानों के बाद हुई हिंसा ने भारत समेत पूरी दुनिया को चौंका दिया. सामाजिक-राजनीतिक रूप से देश को बांटकर राज करने चले ट्रंप ने एक स्वर्णिम सुपर पावर तमगे वाले देश में बंटाधार कर दिया है. अब आगे क्या होगा? ट्रंप हटाए जाएंगे या शांति से कुर्सी से हटने दिए जाएंगे? ट्रंप के बाद बंटे अमेरिका में अगले राष्ट्रपति जो बाइडेन की चुनौती क्या होगी? सारे सवालों का जानें जवाब, श्वेता सिंह के साथ.