हम आज बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का हिंदुत्व साइंस आपको दिखाने जा रहे हैं. और इस वक्त हम, एक वर्चुअल के ज़रिए, शुभेंदु की हिंदुत्व वाली प्रयोगशाला में आपको लेकर आए हैं. सीएम शुभेंदु एक दम सीएम योगी के हिंदुत्व वाले मॉडल पर चल रहे हैं. बंगाल की सत्ता संभालते ही, सीएम शुभेंदु ने अभी तक जो जो फैसले लिये हैं, वो बिल्कुल हिंदुत्व की प्रयोगशाला में तैयार किये हुए हैं. देखें दस्तक.
NEET पेपर लीक सिंडिकेट पर सीबीआई का शिकंजा कसने लगा है. सिंडिकेट से जुड़े आरोपियों की ताबड़तोड़ गिरफ्तारी शुरू हो गई हैं, लेकिन नीट परीक्षा के उस काले सच से पर्दा उठाते आजतक संवाददाता शरद कुमार की रिपोर्ट दिखाते हैं. 2026 में नीट का पेपर लीक हुआ, पेपर रद्द हो चुका हैं,एनटीए ने पेपर लीक की जिम्मेदारी ली हैं, लेकिन बीते साल हुई नीट की परीक्षा भी सवालों के घेरे में है.
23 लाख NEET परीक्षार्थियों का भविष्य आज दांव पर है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के सपने संजोए थे. पेपर लीक के चलते NEET की परीक्षा रद्द कर दी गई. लेकिन सवाल फिर यही है कि सरकार के तमाम दावों के बाद भी परीक्षा से पहले पेपर लीक हो जाएगा, बाजारों में क्वेश्चन पेपर गेस पेपर की शक्ल में लाखों रुपए में खुल्लम खुल्ला बेचे जाएंगे. तो फिर सालों-साल मेहनत करने वाले छात्रों का क्या होगा.
जंग अमेरिका और ईरान के बीच हुई, लेकिन युद्ध की चपेट में पूरी दुनिया है. संकट के बादल अभी छटे नहीं हैं, इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी की अपील ने बड़े संकट के संकेत दे दिये हैं. प्रधानमंत्री ने लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है, कुकिंग ऑयल और पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल में कटौती की सलाह दी हैं, अब सवाल यही है कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील का मतलब क्या हैं.
बंगाल में अब शुभेंदु राज शुरु होने जा रहा है. कभी ममता के राइट हैंड कहे जाने वाले शुभेंदु अधिकारी, उन्हीं ममता बनर्जी का 15 साल का शासन उखाड़कर, बंगाल की कमान संभालने जा रहे हैं. बंगाल में इतिहास रचते हुए, बीजेपी पहली बार सत्ता में आई है. और बीजेपी की इस जीत के आर्किटेक्ट शुभेंदु अधिकारी है, जिन्होंने बंगाल में 3 सीटें जीतने वाली बीजेपी को 207 सीटों तक पहुंचाया है. देखें दस्तक
4 मई को बंगाल चुनाव के नतीजों का एलान हुआ, नतीजे आते ही सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद बंगाल में चुनावी हिंसा का पुराना पैटर्न जारी है. आज बंगाल की कानून व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि बीते दिन बंगाल सीएम के बड़े दावेदार और बीजेपी के सीनियर नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या कर दी गई. 9 मई को शपथग्रहण से पहले बेखौफ कातिलों ने बंगाल की शांति पर ग्रहण लगा दिया. अब सवाल यही है कि बंगाल की राजनीति के रक्तचरित्र पर लगाम कब लगेगी. क्या बंगाल में बदलाव नहीं बल्कि बदले की सियासत चलती रहेगी.
पश्चिम बंगाल में 15 साल बाद ममता बनर्जी के शासन के अंत हुआ है. लेकिन सवाल आज भी है, सत्ता बदली, क्या रक्तचरित्र बदलेगा? क्योंकि, खून बंगाल की सियासी रवायत का एक हिस्सा सा बन गया है. बंगाल में आज फिर वही हो रहा है, जैसा लेफ्ट के अंत के साथ और टीएमसी के सत्ता में आने के बाद हुआ. यानी रक्त चरित्र का सिलसिला जारी है. बंगाल में चुनावी के नतीजों को बाद, पूरे बंगाल से ऐसी तस्वीरें आ रही हैं, कहीं टीएमसी दफ्तर पर बुलडोजर चल रहा है, कहीं आगजनी हो रही है, कहीं झडपें हो रही हैं, कहीं कब्जा किये गए पार्टी दफ्तर छुड़ाये जा रहे हैं, कहीं लेनिन की मूर्ति गिराई जा रही है, इस हिंसा में 2 लोगों की मौत भी हुई है.
बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जी त हासिल की. असम में जीत की हैट्रिक लगाई तो बंगाल में सात दशकों के बाद पहली बार कमल खिला है. भारतीय जनता पार्टी की जीत को लेकर चुनावी विश्लेषक कई वजहें गिना रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी वजह है बीजेपी का हिंदुत्व वाला कार्ड. बीजेपी ने हिंदुत्व के फॉर्मूले से बंगाल में असंभव को संभव में बदल दिया तो असम में प्रचंड जीत दर्ज की. देखें दस्तक.
आज आपको दिखाएंगे कि कैसे बीजेपी ने बंगाल में नया इतिहास रच दिया है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को दूसरी बार हरा दिया है. इस बार भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया है. जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में, सुवेंदु अधिकारी ने ममता को नंदीग्राम में 1,956 वोटों के अंतर से हराया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को आखिरी अल्टीमेटम दे दिया हैं. अगर समझौता नहीं हुआ तो एक बार फिर ईरान पर अमेरिका विध्वंसक बमबारी की तैयारी पूरी कर चुका है. ईरान पर हमले के लिए हाइपरसोनिक मिसाइलों की तैनाती का प्लान हैं, तो वही अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख ने ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति को सैन्य विकल्पों की जानकारी दी है. माना जा रहा है ईरान के खिलाफ अमरिकी राष्ट्रपति दोबारा बड़े हमले का निर्देश जारी कर सकते हैं.
आज बंगाल की जनता ने अपना जनादेश ईवीएम में कैद कर दिया है. दो चरणों में बंगाल की 294 सीटों पर रिकॉर्डतोड़ मतदान हुआ, सवाल यही है कि बंपर वोटिंग का मतलब क्या है. क्या बंपर वोटिंग बंगाल में परिवर्तन का संकेत है या फिर ममता बनर्जी की पार्टी को चौथी बार ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए छप्परफाड़ मतदान हुआ. चार मई को नतीजे आएंगे, लेकिन बंगाल का चुनावी दंगल सिर्फ बंगाल की राजनीति की दिशा और दशा तय नहीं करेगा, बल्कि देश की सियासी चाल भी तय करेगा, क्योंकि स्ट्रीट फाइटर मानी जाने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सियासी साख दांव पर हैं तो वही बंगाल के चुनावी अभियान में दमखम लगाने वाले PM मोदी के मैजिक का बड़ा और कड़ा इम्तिहान है. मतलब बंगाल के चुनावी नतीजे तय करेंगे मोदी है तो मुमकिन है या फिर ममता का कोई मुकाबला नहीं. बंगाल में दीदी या मोदी, चुनावी जंग में कौन मारेगा बाजी.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
आज दस्तक में बात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को मारने की साजिश रचने वाले शूटर के कबूलनामे की. 31 साल के कोल टॉमस एलन ने अमेरिकी राष्ट्रपति की अभेद्य सुरक्षा घेरे में सेंध लगाई, हमलावर सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर हिलटन होटल के अंदर तक पहुंच गया, लेकिन सवाल यही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को एनल जान से क्यों मारना चाहता था. अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ट्रंप को निशाना बनाने के पीछे साजिश क्या था, क्या एलन को अमेरिकी राष्ट्रपति को मौत के घाट उतारने की सुपारी दी गई थी.
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की वार्ता होगी या नहीं इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ हैं, क्योंकि ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का रुख आक्रामक हैं,बार -बार ट्रंप ईरान पर दोबारा हमले की धमकी दे रहे है. इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज में ईरानी नौसेना के माइन्स बिछाने वाले बेड़े को उड़ाने का आदेश जारी किया है. ईरान ने अमेरिका को समंदर में आर-पार की लड़ाई के लिए ललकारा है. अब सवाल यही है ट्रंप दवाब बनाने के लिए तरह-तरह के हथ कंड़े अपना रहे है या फिर ईरान के साथ युद्ध लड़ने के संकेत दे रहे हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की वार्ता शुक्रवार या शनिवार को इस्लामाबाद में हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ वार्ता को हरी झंडी दिखा दी है, वहीं, ईरान ने वार्ता से पहले एक शर्त रखी हैं. ईरान का कहना है कि जैसे ही अमेरिका उनकी शर्त को पूरा करेगा, वैसे ही ईरान के वार्ताकार इस्लामाबाद अगले राउंड की वार्ता के लिए पहुंच जाएंगे.
ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों में बड़ा विरोधाभास हैं, बड़ा कंफ्यूजन हैं, कभी ट्रंप ईरान के साथ अच्छी डील का दावा करत हैं तो कभी ईरान पर विनाशकारी हमलों की धमकी देते हैं. ट्रंप ने फिर ईरान के साथ युद्धविराम की बिना किसी डेडलाइन के आगे बढ़ा दिया, मतलब जब तक समझौता नहीं होता तब तक अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा. अब सवाल यही है कि ईरान को लेकर ट्रंप के मन में डर है या फिर ट्रंप किसी रणनी- ति के तहत ईरान पर विवाद बढ़ाने वाली टिप्पणियां कर रहे हैं.
आज पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान पर टिकी है. क्योंकि युद्धविराम की डेडलाइन खत्म होने में कुछ घंटे बचे हैं, लेकिन दूसरे राउंड की वार्ता की तस्वीर साफ नहीं है, वार्ता होगी या नहीं इसे लेकर भी सस्पेंस है. अभी तक इस्लामाबाद के लिए अमेरिकी डेलिगेशन नहीं निकला है तो ईरान की तरफ से वार्ता में शामिल होने का आधिकारिक एलान किया गया है. पाकिस्तान की तरफ से यु द्धविराम की डेडलाइन आगे बढ़ाने की अपील की गई है. देखें दस्तक.
अमेरिका दूसरे राउंड की वार्ता के लिए तैयार है. वहीं ईरान की तरफ से सस्पेंस बरकरार है. ईरानी मीडिया में आईआरजीसी के हवाले से छपी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान बातचीत में शामिल नहीं होगा. अब सवाल यही है कि वार्ता में ईरान शामिल नहीं होगा तो आगे क्या होगा? देखें 10 तक.
लोकसभा में मोदी सरकार महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास नहीं करवा पाई. बिल को पास करवाने के लिए लोकसभा में मौजूद दो-तिहाई सांसदों का बहुमत चाहिए था. बिल पर कुल 528 सांसदों ने वोट डाले, बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े जबकि विरोध में 230 वोट. सरकार को मैजिक नंबर यानी 528 का दो तिहाई 352 वोट चाहिए थे. लेकिन बिल मैजिक नंबर से पीछे रह गये, 54 वोटो से गिर गया. विपक्ष इसे अपनी जीत के तौर पर पेश कर रहा है.
आज दस्तक में हम होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की डिटेल रिपोर्ट आपको दिखाएंगे. आखिर दूसरे राउंड की वार्ता की अटकलों के बीच तेल को लेकर महायुद्ध के संकेत क्यों मिल रहे हैं. अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगारों को पूरी त रह ब्लॉक कर रखा हैं, तो वही अमेरिकी नाकेबंदी को लेकर ईरान अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल हमले की धमकी दे रहा है. सवाल यही है नाकेबंदी और धमकियों के बीच स्थाई समाधान का रास्ता कैसे निकलेगा. क्या स्थाई समाधान होगा या फिर से युद्ध शुरू होगा, सवाल बड़ा है क्योंकि अमेरिकी रक्षा मंत्री ने एक बार फिर ईरान पर हमले की धमकी दी है. अमेरिकी रक्षा मंत्री की धमकी का मतलब क्या है.
अमेरिका ने ईरानी बंदरगारों की नाकेबंदी करके चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. अमेरिका के एक्शन को देखते हुए चीन ने भी चेतावनी जारी की. चीन की चेतावनी के बाद अमेरिका ने पलटवार किया, दावा किया कि ईरानी तेल की खेप अब चीन तक नहीं पहुंचेगी. चेतावनी और धमकियों के बीच सवाल यही है कि ईरान के साथ युद्ध छोड़कर क्या चीन के साथ भिड़ने की तैयारी में है अमेरिका या फिर चीन के रास्ते, ईरान पर युद्धविराम का दवाब बना रहा है अमेरिका? देखें दस्तक.