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10 तक

UP में चन्नी-बघेल को लाने के पीछे क्या है कांग्रेस का मकसद, देखें दस्तक

06 अक्टूबर 2021

लखीमपुर में चार किसानों समेत आठ लोगों की जान जाने के बाद आज चौथे दिन जाकर पुलिस की तरफ से राजनेताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने की इजाजत मिली. राहुल गांधी पंजाब और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को साथ लेकर लखीमपुर पहुंचे. कुछ लोग कहने लगे कि ये लखीमपुर के बहाने लखनऊ की सत्ता साधने वाला रास्ता है. कुछ लोग कहते हैं कि चौथे नंबर पर चलती कांग्रेस सिर्फ लखीमपुर में आगे दिखकर थोड़े ना लखनऊ पहुंचने जितनी ताकत पा जाएगी? देखें दस्तक.

प्रियंका गिरफ्तार, आरोपी आजाद! देखें कहां तक पहुंची लखीमपुर कांड पर कार्रवाई

05 अक्टूबर 2021

तीन अक्टूबर की दोपहर लखीमपुर में 4 किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद अब तक 55 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं. लखीमपुर की वारदात से जुड़े वीडियो की संख्या बढ़ रही है. लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जांच हो रही है लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि आज दोपहर में ही गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के आरोपी बेटे आशीष मिश्रा ने आजतक से बातचीत में कहा कि उन्हें खुद के खिलाफ ना तो एफआईआर की जानकारी है. ना ही पुलिस ने अब तक उनसे किसी तरह की पूछताछ के लिए संपर्क किया है. इस बीच पिछले चौबीस घंटे में लखीमपुर खीरी में वीडियो गेम चल रहा है. जहां तमाम वीडियो के बीच दावों का अलग अलग बटन दबाया जा रहा है.

10तक: सियासत के लिए भी नमक की तरह इस्तेमाल होते हैं किसान!

04 अक्टूबर 2021

देश की सियासत में किसान नमक की तरह इस्तेमाल होता है. जरूरत के हिसाब से सियासी दल उसका इस्तेमाल अपने हित के हिसाब से करते हैं. लखीमपुर खीरी का ही उदाहरण लीजिए जहां पहुंचने के लिए विपक्षी दलों में आज होड़ मच गई. मुश्किल में फंसी जनता का हाल जानना हर दल का फर्ज और हक दोनों है लेकिन जनता को कब कितना भाव दिया जाएगा ये चुनाव पर निर्भर करता है. यूपी में चुनाव है तो सभी दलों को किसानों की चिंता है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी लखीमपुर खीरी आने को तैयार हैं, लेकिन उनके ही राज्य में पिछले 5 महीनों से आदिवासी किसान आंदोलन कर रहे हैं, उनकी सुध लेने का न तो मुख्यमंत्री को वक्त मिला है और न ही उनकी पार्टी के नेतृत्व ने उनके लिए आवाज उठाई है. देखें 10तक.

सियासत की लड़ाई पंजाब से दिल्ली तक आई, देखें कांग्रेस की 'कलह कथा'!

02 अक्टूबर 2021

Punjab Congress Crisis: देश में बीते सात सालों में कुल 1,133 उम्मीदवारों और 500 सांसद विधायकों ने पार्टियां बदली हैं, लेकिन सबसे ज्यादा दल बदलू नेता कांग्रेस के रहे. 2014 से 2021 के दौरान कुल 222 नेताओं ने दूसरी पार्टियों का दामन थाम लिया, इनमें 177 नेता सांसद और विधायक थे. फलहाल सम्पूर्ण कांग्रेस में हलचल मची हुई है और पार्टी सिर्फ कलह सुलझाती नजर आ रही है, हालात कांग्रेस के सामने सिर्फ पंजाब तक की चुनौतियां नहीं पेश कर रहे, अब इसकी लड़ाई दिल्ली तक पहुंच चुकी है. देखें कांग्रेस की 'कलह कथा'.

पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों से जनता परेशान, देखें कब-कब कितने बढ़े दाम

01 अक्टूबर 2021

जब त्योहार शुरु होने वाले हैं और एक एक रुपए जनता के लिए कीमती होता है तब तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम पिछले तीन दिन में दो बार और डीजल की कीमत सात दिन में पांचवीं बार बढ़ा दी है. तो आज 10तक में बात करेंगे कि क्या देश में पेट्रोलियम कंपनियां कच्चा तेल महंगा होने पर पेट्रोल डीजल के दामों में महंगाई की माचिस लगा देती हैं? यही कारण है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, बिहार, बंगाल, जम्मू कश्मीर, दिल्ली एनसीआर और पंजाब देश के वो राज्य हैं, जहां ज्यादातर जगहों पर पेट्रोल सौ रुपए से ज्यादा की कीमत वाला है. जब कच्चे तेल की कीमत फरवरी में 6.42 डॉलर प्रति बैरल बढ़ी तो पेट्रोल की कीमत में कंपनियों ने करीब 5 रुपए प्रति लीटर का इजाफा कर दिया. लेकिन अप्रैल में जब कच्चे तेल का दाम 1.33 डॉलर प्रति बैरल कम हुआ, तब पेट्रोल की कीमत में सिर्फ 16 पैसे की कमी की गई. आज 10तक में इसी मुद्दे पर करेंगे बात. देखें वीडियो.

Manish Gupta Case: UP पुलिस पर लगे क्या आरोप? देखें 10तक

01 अक्टूबर 2021

क्या उत्तर प्रदेश में होटल में रुकने से पहले थाने में जाकर अपना चरित्र प्रमाण पत्र आम नागरिक को लेना पड़ेगा ? क्या उत्तर प्रदेश में किसी निर्दोष को रूटीन जांच के नाम पर पकड़कर पुलिस मार डालेगी ? क्या उत्तर प्रदेश में नागरिकों को इंसाफ पाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश का इंतजार करना पड़ेगा, तभी जाकर जिले के कप्तान और दूसरे पुलिस वाले सुनेंगे ? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश में 36 साल के एक व्यवसायी की हत्या का आरोप गोरखपुर के 6 पुलिसवालों पर है. 10तक में समझें क्या है पूरा मामला, क्यों घेरे में है उत्तर प्रदेश पुलिस.

पंजाब में बकाया बिजली बिल माफ करने वाली राजनीति के पीछे की कहानी! देखें 10तक

29 सितंबर 2021

पंजाब में एक तरफ मुफ्त बिजली के वादे कर जनता को भ्रम में डाला जा रहा है, दूसरी तरफ पंजाब की सरकार के नए रूप में आने के बाद भी मंत्रियों की कुर्सी खाली दिख रही हैं. पूर्व मुख्यमंत्री दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिल रहे हैं, मुख्यमंत्री पंजाब के सत्ता के समीकरण बैठाने में लगे हैं. ज्यादातर मंत्री सिद्धू के इस्तीफे के बाद अपनी अपनी खेमेबाजी में व्यस्त हैं. देश में प्रति व्यक्ति बिजली खपत में पंजाब तीसरे नंबर पर आता है. अब जो 1200 करोड़ रुपए बकाया बिल सरकारी खजाने से भरने की बात चन्नी सरकार कह रही है, वो पैसा उसी सरकारी खजाने आएगा जिसे जनता ने अपनी इच्छाओं को सीमित करके टैक्स देकर भरा है. बस सारा खेल यहीं होता है. समझें पंजाब में मुफ्ती बिजली की कहानी.

सिद्धू का इस्तीफा, देखें राजनीती में कांग्रेस नेता की बगावत का इतिहास!

28 सितंबर 2021

पंजाब में नए कांग्रेस अध्यक्ष बनने के दो महीने बाद और नए मुख्यमंत्री बनने के आठ दिन बाद भी उथल पुथल मची है. इस्तीफों का दौर चल रहा है. जनता के काम पीछे हो गए हैं, सत्ता की चाहत में नेताओं की दौड़भाग ज्यादा हो गई है. क्योंकि आज पंजाब कांग्रेस के प्रमुख पद से नवजोत सिंह सिद्धू ने इस्तीफा दे दिया है. सत्ता के लिए सगा बनने वाली सियासत जनता को कैसे ठग लेती है आज 10तक में हम आपको दिखाएंगे. 8 दिन पहले चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री पद पर शपथ के बाद भावुक होते चन्नी को सिद्धू संभालते दिख रहे थे. लेकिन किसी को अंदेशा भी नहीं था कि जिन चन्नी को पहला दलित मुख्यमंत्री बनाकर पंजाब में बड़ा मास्टरस्ट्रोक कांग्रेस का बताया जा रहा था. सिद्धू उसकी 8 दिन के भीतर हवा निकालने लग जाएंगे. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.

एक सम्राट की मूर्ति पर छिड़ी जाति की सियासत, SP_BSP के निशाने पर BJP

27 सितंबर 2021

सम्राट मिहिर भोज की जाति यूपी चुनाव का नया मुद्दा बन गया है. इस समय यूपी की राजनीति में तमाम मुद्दे पीछे छूट चुके हैं और बवाल सिर्फ इस बात को लेकर है कि बीजेपी ने गुर्जर समाज का अपमान कर दिया है. ये आरोप लगा रही है समाजवादी पार्टी. इस विवाद पर सपा को बसपा का भी साथ मिल चुका है. जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 22 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के दादरी स्थित सम्राट मिहिर भोज कॉलेज के परिसर में लगे सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया था. अब विवाद इस बात को लेकर रहा कि सीएम के प्रतिमा अनावरण करने से पहले सम्राट मिहिर भोज के नाम के आगे से गुर्जर मिटा दिया गया था. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि राजपूत समुदाय सम्राट मिहिर को अपना पूर्वज मानते हैं. लेकिन नाम से गुर्जर हटाना बीजेपी के लिए मुसीबत खड़ी कर गया. ज्यादा जानकारी के लिए देखें 10तक.

अंतरराष्ट्रीय मंच से पहले भी कई बार मोदी ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा, देखें ये रिपोर्ट

25 सितंबर 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व के सामने Regressive Thinking और Extremism का खतरा बढ़ता जा रहा है. पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर ये भी कहा कि Regressive Thinking के साथ जो देश आतंकवाद का पॉलिटिकल टूल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्हें ये समझना होगा कि आतंकवाद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है. लेकिन ऐसा पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच से आंतकवाद का मुद्दा उठाया हो. देखें

10 तक: व्हाइट हाउस में बाइडेन-मोदी के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता

25 सितंबर 2021

व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएस प्रेसिडेंट जो बाइडेन की पहली मुलाकात हुई. इस दौरान पूरी दुनिया ने दोनों नेताओं में गजब की गर्मजोशी देखी. पीएम ने इस दौरान कहा- व्यापार में हम एक दूसरे के लिए पूरक हो सकते हैं. महात्मा गांधी ट्रस्टीशिप की बात करते थे और हम उसी को लेकर बढ़ना है. भारतीय संबंधों में ट्रस्टीशिप का अहम भूमिका है. भारत का टैलेंट यूएस के विकास में सहभागी होगा. तकनीक पूरी मानवता के लिए उपयोगी होगी. पीएम ने बाइडेन को गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद किया. देखें वीडियो.

चीन-तालिबान पर बात, जानें क्यों अहम है मोदी-बाइडेन की ये मुलाकात

23 सितंबर 2021

पीएम मोदी अपनी चार दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने आज अमेरिका की टॉप 5 कंपनियों के CEOs से मुलाकात की है, जिसमें दो CEOs भारतीय अमेरिकी हैं. पीएम मोदी ने CEO Meet की शुरुआत QuallCom (क्वालकोम) के सीईओ क्रिस्टियानो आर अमोन के साथ बैठक से की. QuallCom एक मल्टीनेशनल फर्म है. जो सेमीकंडक्टर्स, सॉफ्टवेयर और वायरलेस टेक्नोलॉजी सर्विस पर काम करती है. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से बताया गया है कि QuallCom के सीईओ ने भारत के साथ 5जी और अन्य क्षेत्रों में काम करने की इच्छा जताई है. देखें

धर्म को 'कारोबार' बनाने वालों पर देखें दस्तक

22 सितंबर 2021

भारत ऐसा देश हैं जहां धर्म के प्रति झुकाव बहुत से देशों के मुकाबले कहीं ज्यादा है. धर्म की पहुंच देश के लगभग हर घर तक है लेकिन उसी धर्म का इस्तेमाल जब अपने फायदे, अपने रुतबे या अपने किसी गैरकानूनी मकसद के लिए धर्मगुरु ही करने लगें तो जरूरी है दस्तक दी जाए. वहीं, पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री बनने वाले चरणजीत सिंह चन्नी ने शपथ लेने के बाद खूब कहा कि कांग्रेस ने आम आदमी को मुख्यमंत्री बनाया है लेकिन शपथ के 30 घंटे के भीतर ही गरीबों की बात करने वाली पंजाब की सरकार लाखों रुपए के किराए वाले प्राइवेट जेट से दिल्ली पहुंचे. देखें दस्तक.

जमीन का विवाद या सम्मान का डर, क्या हैं महंत की मृत्यु के कारण, देखें दस्तक

21 सितंबर 2021

संन्यासी जीवन बेहद कठिन है, जिसमें कठिन तप से गुजरना पड़ता है. सभी इंद्रियों सहित काम, क्रोध, लोभ, मोह, माया, अहंकार और तृष्णा को खत्म करके जो चित्त को ईष्ट की आराधना में तल्लीन करता है वो संन्यासी, संत होता है. लेकिन इन्हीं भावों को समेटकर धर्म के सर्वोच्च पदों में से एक पर बैठे महंत नरेंद्र गिरि को क्यों सुसाइड करना पड़ गया? क्यों दूसरों को शांत चित्त और जीवन का रास्ता दिखाने वाले महंत ने फांसी के फंदे से लटककर उन्हीं प्रवचन-उपदेशों का पालन नहीं किया, जो दूसरों को देते आए? देखें दस्तक.

महंत नरेंद्र गिरि की रहस्यमयी मौत- सुसाइड या मर्डर? देखें दस्तक

20 सितंबर 2021

जब राष्ट्रीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु की खबर आई और इस खबर के साथ ही सवाल ने जन्म लिया कि सुसाइड किया या हत्या हुई? क्योंकि यूपी पुलिस जब महंत नरेंद्र गिरि की मौत को शुरुआती जांच में सुसाइड कह रही है. तब सुसाइड नोट में जिस शिष्य का नाम है वो साजिश के तहत हत्या बता रहा है. अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं. जो नाम चल रहे हैं वो हैं आनंद गिरि, अजय सिंह, मनीष शुक्ला, अभिषेक मिश्रा और इसके अलावा दो और नाम जोड़े जा रहे हैं. सबसे बड़ा नाम आरोपी के तौर पर शिष्य आनंद गिरि का है जिसे उत्तराखंड में हिरासत में ले लिया गया है. देखें 10 तक का ये एपिसोड.

पंजाब: कैप्टन अमरिंदर बोल्ड... लेकिन खेल अभी बाकी है!

18 सितंबर 2021

बीते कुछ महीनों से पंजाब कांग्रेस की इकाई में आंतरिक कलह चल रही थी. कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच खींचतान चल रही थी. जिसका शनिवार को पूरा हिसाब हो गया. अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. और फिर बाद में सिद्धू को लेकर जमकर बरसे. और सिद्धू पर कई सवाल खड़े किए. दरअसल, सीएलपी की मीटिंग आज बुलाई गई थी, और इस बात की जानकारी कैप्टन से साझा नहीं की गई थी. जिसे कैप्टन अपना निरादर समझ रहे हैं. राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और चुनाव से पहले कैप्टन का इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए घाटा का सौदा बन सकता है. देखें वीडियो.

वोट के लिए यूपी में क्यों हो रहा तेरा हिंदू-मेरा हिंदू? देखें 10तक

16 सितंबर 2021

लंबे वक्त तक बीजेपी के सम्मेलनों से लेकर हिंदुत्ववादी संगठनों में ये नारे लगते रहे कि जो हिंदू हित की बात करेगा वही देश पर राज करेगा. तब ऐसे नारे लगाने वाली बीजेपी को धर्मनिरपेक्षता के चिमटे से अलग करके बीजेपी विरोध का एक बड़ा विपक्षी मोर्चा हमेशा तैयार होता रहा. लेकिन धीरे-धीरे राजनीति पलटी, अब हर दल बीजेपी के मुकाबले क्या खुद को बड़ा हिंदू हितैषी, हिंदू हितकारी, हिंदू प्रेमी दिखाने की कोशिश करने लगा है? क्या अब राजनीति का नया नारा यही हो गया है कि जो हिंदू वोट की बात करेगा वही राज करेगा? ज्यादा जानकारी के लिए देखें 10तक.

UP में जनता की जान की चिंता छोड़ अब्बाजान, चचाजान की राजनीति, देखें 10 तक

15 सितंबर 2021

आज हमें जनता की जान की चिंता छोड़कर अब्बा जान, चचा जान, अम्मी जान की होती राजनीति पर दस्तक देनी है. इसीलिए हमने आज की पहली दस्तक का नाम दिया है- जब तक है जान. यहां तीन तरह की जान है. पहली आम आदमी की जान यानी जिंदगी, जो उत्तर प्रदेश में डेंगू समेत दूसरे संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रही है. लेकिन उसकी जान बचाने की जगह यूपी में अब्बा जान, चचा जान, अम्मी जान की चर्चा हो रही है. अब सवाल है कि क्या पेड़ के नीचे इलाज कराती जनता की पीड़ा भी क्या अब्बाजान-चाचाजान की राजनीति में दब जा रही है? देखिए 10 तक का ये एपिसोड.

गडकरी की खरी-खरी, नेताओं की दुखती नब्ज को दबाती बात क्यों कह गए परिवहन मंत्री?

14 सितंबर 2021

राजनीति में जहां नेता हर बात संभल कर कहते हैं. सीधे नहीं बोलते, बोलते हैं तो बाद में ये भी जरूर कहते हैं कि अरे मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया. जहां मुख्यमंत्री, मंत्री अपनी कमियों को स्वीकार नहीं करते. वहां केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की साफगोई वाला सत्य प्रसारण संसदीय लोकतंत्र में मजबूती के लिए कैसे दस्तक देता है, ये देखिए. संसदीय लोकतंत्र में जनता के हाथों चुने गए प्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाओं के मुद्दे पर देश में कहीं भी अगर कोई बातचीत, चर्चा, विमर्श हो, खासकर सरकारी तो उसके सौ फीसदी नीरस होने की ही गारंटी है. देखिए 10 तक में पूरी रिपोर्ट.

10 तक: UP की 'अब्बाजान' वाली सियासत का समझिए पूरा किस्सा

13 सितंबर 2021

उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में अब्बाजान सबसे चर्चित शब्द बन चुका है. आज सोशल मीडिया पर देश में काफी लोग मेरे अब्बाजान लिखकर अपने-अपने पिता की तस्वीर डालने लगे. पिता के लिए आदर सूचक शब्द अब्बा जान में अब्बा एक अरबी शब्द से आया है और जान एक फारसी का शब्द है. तो उत्तर प्रदेश की राजनीति में अरबी और फारसी के मिले जुले शब्द अब्बा जान का प्रवेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से होता है. 10तक के इस एपिसोड में देखिए कि इस शब्द से यूपी में पूरे वोट का गणित कैसे बिठाने की कोशिश हो रही है. देखिए.

9/11 के 20 साल: क्या पूरा हुआ आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका का मिशन

11 सितंबर 2021

अम‍ेर‍िका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए ज‍िस आतंकी हमले के बाद अमेर‍िका ने अफगानिस्तान में अपनी सेना उतार दी थी, उस अफगान‍िस्तान से उसकी भले ही व‍िदाई हो गई हो लेक‍िन उस हमले के न‍िशान आज भी अमेर‍िकी इत‍िहास में ताजा हैं. ठीक 20 साल पहले आज ही के द‍िन आतंकवादियों ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका को ह‍िला कर रख दिया था. उस हमले से न स‍िर्फ अमेर‍िका ह‍िला बल्क‍ि पूरी दुन‍िया ह‍िल गई थी.आतंकियों ने हवाई जहाज को मिसाइल के रूप में इस्तेमाल कर एक झटके में 3 हजार लोगों की जान ले ली और अमेर‍िका के गौरव को जमीन में म‍िला द‍िया था.