राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे को विपक्ष ने जिस तरह से जकड़ा है, अब सीएम योगी चढ़ावा चोरी की काट खोजने में जुट गए हैं. क्योंकि, 2027 यूपी विधानसभा चुनाव है, विपक्ष चढ़ावा चोरी में पॉलिटिकल माइलेज देख रहा है. ऐसे में सीएम योगी, अयोध्या पहुंचते हैं, सबका लगा कि, आज वो चढ़ावा चोरों पर एक्शन के बारे में कुछ बोलेंगे. लेकिन सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज़ का मुद्दा उठाकर, हिंदुत्व की नई पॉलिटिक्स खेल दी. देखें दस्तक.
अमेरिका और ईरान के बीच महायुद्ध का बिगुल बज चका है।दोनों मुल्कों की सेनाएं आमने-सामने हैं. होर्मुज पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के 170 ठिकानों पर भीषण बमबारी की है. वही अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ईरान के साथ हुए शांति समझौते को रद्द करने का एलान किया जा चुका हैं, ईरान के खिलाफ ट्रंप के तेवर बहुत आक्रामक हैं, अब ट्रंप यही कह रहे हैं कि ईरान के साथ विवाद का समाधान वार्ता की टेबल पर नहीं बल्कि युद्ध के मैदान पर होगा. देखें दस्तक.
आज दस्तक, मानसून के उस कहर पर, जो लोगों पर टूट रहा है, सिर्फ और सिर्फ सिस्टम के भ्रष्टाचार की वजह से. इस बार मानसून लेट आया, फिर भी देश का सिस्टम, बारिश के कहर से बचने का कोई इंतज़ाम नहीं कर पाया. और यही वजह है शहर-शहर ड्रेनेज सिस्टम फेल हो रहा है, और मानसून तबाही बनकर आधे हिंदुस्तान पर बरस रहा है. देखें दस्तक.
क्यों देश में मानसून आते ही, भयंकर मुसीबतों की दस्तक देता है. क्यों जिस बारिश का हम इंतज़ार करते हैं, क्यों वही बारिश, ज़िंदगी पर धावा बोलने लगती है? क्यों देश का सिस्टम मानसून वाली बरसात के आगे, ध्वस्त हो जाता है? भारत में मानसून हर साल औसतन 2,000 से 3,000 लोगों की जान लेता है और करोड़ों की संपत्ति बर्बाद करता है. बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने से देश त्राहि, त्राहि करने लगता है. देखें दस्तक.
राम मंदिर ट्रस्ट की सोमवार को चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे और चढ़ावे के हिसाब-किताब की नई व्यवस्था को लेकर अहम बैठक हुई. ट्रस्ट के सदस्यों की राय है कि चढ़ावा चोरी से चंपत राय का कोई लेना देना नहीं है. अब सवाल है कि ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों को क्लीन चिट देने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई? क्या 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चंपत राय के इस्तीफे की मंजूरी ही काफी है? देखें 10 तक.
राम मंदिर ट्रस्ट की उस तिकड़ी पर, जिसके हाथों में ट्रस्ट की पूरी कमान थी. वो ट्रस्ट, जिसपर अयोध्या राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे, दान की सुरक्षा की पूरी ज़िम्मेदारी होती है. दान पेटियों को खोलने से लेकर, कैश और जेवरात तक, चढ़ावे की पूरी गिनती का काम ट्रस्ट के पदाधिकारियों की देख-रेख में किया जाता है. सवाल यही है कि क्या ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों की मिलीभगत के बगैर चढ़ावा चोरी हो सकता है? देखें दस्तक.
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी में, अब ट्रस्टी चंपत राय से लेकर, अनिल मिश्रा, गोपाल राव की मुश्किल बढ़ने जा रही हैं. चढ़ावा चोरी मामले में अभी तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, और कई बड़े खुलासे भी हुए हैं. अब एक तरफ से जो चढ़ावा चोर पकड़े गए हैं, उनके खिलाफ बुलडोज़र एक्शन की तैयारी चल रही है, तो दूसरी तरफ चढ़ावा चोरी में बड़ी मछलियों का नंबर भी लगने का टाइम आ गया है. देखें दस्तक.
राम मंदिर के चढ़ावा चोरों पर हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. लेकिन जांच की आंच सिर्फ आठ आरोपियों तक सीमित है. राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े बड़े पदाधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया. जांच टीम पूछताछ का ढोल तो खूब बजा रही है ले किन पूछताछ का परिणाम ढाक के तीन पात. देखें दस्तक.
शामली के दवा कारोबारी, आयुष मलिक ने इस्लाम धर्म अपनाकर और मोहम्मद अली बनकर सबको चौंकाया. अब एक बार फिर आयुष ने यानी हिंदू धर्म में वापसी करके सबको चौंका दिया. आखिर क्या है, आयुष से अली और अली से आयुष बनने की पहेली? क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है? देखें 10 तक.
राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय से जांच टीम ने लंबी पूछताछ की. जांच टीम ने गिरफ्तार हुए आठों आरोपियों को लेकर चंपत राय से कई सवाल पूछे. कई घंटों चली पूछताछ के दौरान चंपत राय ने खुद को बेकसूर बताया, लेकिन चंपत राय के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है कि 4 जून को चढ़ावा चोरी का पता चलने के बाद उन्होंने पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश क्यों की. देखें 10 तक.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं लेकिन आठों आरोपियों के आका अभी तक बचे हुए हैं. ना तो चंपत राय का FIR में नाम हैं, ना अनिल मिश्रा का नाम हैं और ना ही गोपाल राव का जबकि इनके रहमोकरम से राम मंदिर में चढ़ावा की गिनती करने वाले 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं. देखें...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में पुलिस ने संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है, जिसमें आठ आरोपी नामजद हैं और कई अज्ञात. एफआईआर दर्ज होने के बाद नामजद आरोपियों की धरपकड़ शुरू हो गई हैं. लेकिन चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर की टाइमिंग और नामजद आरोपियों को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है. देखें दस्तक.
एक करोड़पति परिवार की लड़की ने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर करोड़पति मंगेतर का मर्डर कर दिया. बड़ी बात ये है कि मंगेतर, लड़की पर प्यार लुटाता रहा, और लड़की ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर, मंगेतर के मर्डर की प्लानिंग करती रही. और मंगेतर के बर्थडे से एक दिन पहले, लड़की ने ब्वॉयफ्रेंड के साथ जिस तरह से प्लानिंग को अंजाम दिया, यकीन मानिए, पूरी कहानी सुनकर, ना सिर्फ आप हैरान रह जाएंगे, बल्कि ताज्जुब करेंगे कि, लड़की ने ऐसा क्यों किया? देखें दस्तक.
लखनऊ अग्निकांड ने सिर्फ एक शहर को नहीं, बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. 15 लोग जलकर मर गए, वो भी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में, जहां से सरकार चलती है, जहां बुलडोज़र से लेकर, एनकाउंटर तक के ऑर्डर निकलते हैं. लेकिन एक बिल्डिंग जो रिहायशी इमारत के तौर पर बनाई जाती है, और उसे कमर्शियल में तब्दील कर दिया जाता है, और राजधानी में बैठे सत्ताधीश, बड़े-बड़े अफसर, उससे आंख मूंद लेते हैं.
लखनऊ अग्निकांड ने 15 लोगों की जान ले ली. अलीगंज इलाके में एक कर्मिशयल कॉम्पलेक्स में हुआ ये अग्निकांड वाकई रोंगटे खड़े कर देने वाला है. सीएम योगी ने इस दर्दनाक घटना के बाद आग लगने वाली जगह से लेकर अस्पताल तक का दौरा किया. आखिर इतनी भीषण कैसे और क्यों लगी? कौन-कौन इस अग्निकांड का जिम्मेदार है? देखें 10 तक.
रामलला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की श्रद्धा को चुराने का पाप किया गया है, जो राम भक्तों के विश्वास के साथ विश्वास घात है. ये सिर्फ चढ़ावे की चोरी नहीं बल्कि राम भक्तों की भावनाओं और उनकी आस्था के साथ खुल्लम खुल्ला अन्याय है. भक्तों ने अपना अटूट विश्वास पैसे और कीमती जेवरों के तौर पर दानपेटियों में चढ़ाया था, लेकिन उसी विश्वास को झकझोरने वाला पाप चढ़ावा चोरों ने किया है.
पीस डील के एमओयू पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति के दस्तखत हो चुके हैं. दुनिया के लिए अमेरिका-ईरान पीस डील राहत की खबर लेकर आई, लेकिन अब आगे क्या होगा. क्या शांति समझौ ता पर मुहर लगाकर अमेरिका राष्ट्रपति ने अपनी साख बचाने की कोशिश की है, क्या ट्रंप के लिए ईरान के साथ पीस डील मजबूरी थी, क्योंकि शांति समझौता का दस्तावेज जैसे ही सार्वजनिक हुआ, ट्रंप के दावों की पोल खुल गई. देखें...
16 महीने के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच वन टू वन मुलाकात हुई. मुलाकात में ट्रेड डील से लेकर रक्षा से लेकर सुरक्षा पर बातचीत हुई. द्विपक्षीय वार्ता के बाद जब ट्रंप और मोदी मीडिया के सामने मुखातिब हुए तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती की संपूर्ण व्याख्या की. करीब 19 मिनट की प्रेस वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की.
अब से चंद घंटे बाद, पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की फ्रांस में मुलाकात होने वाली है. देश और दुनिया की निगाहें इस मीटिंग जमी हुई हैं. क्योंकि जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद, अमेरिका और भारत के रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. भारत और अमेरिका के रिश्तों की खाई चौड़ी होती गई है. ऐसे में 16 महीने बाद हो रही, मोदी और ट्रंप की मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है.
अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार पीस डील सहमति बन गई है. 19 जून को पीस डील पर दस्तखत होने हैं. अमेरिका और ईरान दोनों ने पीस डील पर बनी सह मति का आधिकारिक एलान कर दिया है. दोनों ने युद्ध खत्म करने का एलान कर दिया है, लेकिन पीस डील की डगर काटों भरी हैं, क्योंकि पीस डील की घोषणा के बावजूद इजरायल ने लेबनान पर हमला किया और तो और लेबनान से पीछे नहीं हटने का निर्णय किया हैं.
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK में बगावत अब बहुत आगे बढ़ चुकी है. आसिम मुनीर जितने बेगुनाहों का लहू बहा रहे हैं, पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह उतना ही भड़क रहा है. मुनीर जिस तरह से PoK में नरसंहार कर रहे हैं, अब लोग पाकिस्तानी सेना की गोलियां अपने सीने पर खाने के लिए तैयार हैं. PoK में रावलकोट के ईदगाह मैदान में मुनीर की फौज ने मौत का ऐसा तांडव मचाया कि 16 निहत्थे लोगों को मरवा दिया, जबकि 37 लोग घायल हो गए. देखें दस्तक.