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10 तक

एक सैनिक की मां आखिर क्यों सिस्टम के आगे बेबस हो गईं ?

26 जुलाई 2021

पूरा देश जब करगिल विजय दिवस मना रहा है. तो एक शहीद जवान की मां को आंसू बहाने पड़ रहे हैं. शौर्य चक्र विजेता शहीद विवेक सक्सेना का परिवार सिस्टम के आगे बेबस नजर आ रहा है.शौर्य चक्र विजेता बेटे की शहादत के 18 साल बाद भी इस परिवार से किए तमाम सरकारी मदद के वादे आज तक अधूरे हैं. उनकी मां कहती हैं कि हमें सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली जब सरकार ने उसके मेडल दिए थे तो वायदा किया था कि हम पूरी तरह से आपके साथ हैं, आपकी मदद करेंगे. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. देखें दस्तक.

पाकिस्तान-तालिबान कनेक्शन से अफगानिस्तान में बिगड़े हालात, देखें रिपोर्ट

25 जुलाई 2021

अफगानिस्तान में तनाव बढ़ने की वजह से पाकिस्तान ने सीमा पर अग्रिम चौकियों पर नियमित रूप से सैनिकों को तैनात कर दिया है. विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान पर निगरानी के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका को अपना एयरबेस नहीं मुहैया कराया था. लेकिन खबर ये भी है कि अफगानिस्तान में स्थिति और खराब करने के लिए पाकिस्तानी सरकार भी तालिबान की मदद कर रही है और हथियार मुहैया करा रही है. पाकिस्तान इससे पहले भी इस तरह की हरकतें भारत के साथ भी करते आया है, जम्मू कश्मीर में आतंकवाद फैलाना इसका प्रमुख उदाहरण है. देखें ये वीडियो.

जासूसी के आरोपों में कई बार गिर चुकी हैं बड़ी-बड़ी सरकारें, देखें रिपोर्ट

24 जुलाई 2021

पेगासस जासूसी मामले पर राजनीति की चिंगारियां और सुलग गई हैं. शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे देशद्रोह करार देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया है. कांग्रेस ने नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल के बजट से पेगासस सॉफ्टवेयर खरीदे जाने का संदेह भी जता दिया है. देश में इससे पहले भी कई जासूसी के मामले सामने आ चुके हैं. इससे पहले जासूसी के आरोप में कई सरकारे भी गिर चुकी है. इसके अलावा विदेशों में भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब मात्र जासूसी के आरोप में बड़े-बड़े लोगों को अपना पद छोड़ना पड़ा है. देखें वीडियो.

केंद्र नहीं करती दो बच्चों की नीति का समर्थन, BJP राज्यों में क्यों आया कानून?

23 जुलाई 2021

यूपी सरकार जनसंख्या नियंत्रण नीति लेकर आ चुकी है. असम के मुख्यमंत्री भी आबादी कंट्रोल करने वाले कानून के लिए प्रबल समर्थक हैं. एमपी के कई मंत्री, विधायक मांग कर रहे हैं कि आबादी नियंत्रण कानून लाया जाए. लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संसद में लिखित जवाब दिया कि टू चाइल्ड पॉलिसी यानी दो बच्चों की नीति लाने का कोई इरादा केंद्र सरकार का नहीं है. तो जब केंद्र की सरकार ही नीति का समर्थन नहीं करती तो फिर राज्यों में बीजेपी की सरकार क्या सिर्फ धर्म के आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण वाली राजनीति के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून का इस्तेमाल करना चाहते हैं? देखें 10तक.

किसानों की औसत आय इंटरनेट बिल के बराबर! क्या है कृषि कानूनों का सच

22 जुलाई 2021

लोकसभा में चुनकर आने वाले 39 सांसद अपना पेशा खेती-बाड़ी बताते हैं. संसद में 206 सांसद अपना पेशा कृषि बताते हैं. यानी लोकसभा में कुल 245 सांसदों का प्रोफेशन खेती-किसानी है. वहां किसानों के साथ ऐसा सलूक? खुद को किसान बताने वाले लोकसभा सांसदों की औसत संपत्ति जहां 18 करोड़ रुपए है. वहीं देश में किसानों की महीने की आय शहरों के कई परिवारों के महीने के मोबाइल, लैंडलाइन, इंटरनेट बिल के बराबर है यानी 30 दिन की कमाई औसत 8931 रुपए. देखें 10तक.

राजस्थान के शिक्षा मंत्री के रिश्तेदारों प्रशासनिक सेवाओं में चयन पर बवाल

21 जुलाई 2021

मंगलवार को राजस्थान में राज्य प्रशासनिक सेवा 2018 का नतीजा आया तो पता चला कि राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की बहू प्रतिभा पुनिया, बहू के भाई गौरव पुनिया और बहू की बहन प्रभा पुनिया का भी चयन हुआ है. मलतब एक साथ शिक्षा मंत्री के तीन रिश्तेदार प्रशासनिक सेवा में चुन लिए गए. बीजेपी आरोप लगाती है कि इसके पीछे योग्यता से ज्यादा शिक्षा मंत्री के कद, पद और रुतबा काम आया है. अब बीजेपी को इस मामले पर अशोक गहलोत सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा मांग रही है. देखें वीडियो.

200 किसानों के साथ 22 जुलाई से जंतर-मंतर पर अपनी खुद की संसद लगाएंगे किसान

20 जुलाई 2021

संसद के अंदर विपक्ष की घेराबंदी तो जारी है, वहीं घेराबंदी गुरुवार से भी शुरु होने वाली है. जब किसान 22 जुलाई से संसद के पास अपनी किसान संसद चलाएंगे. आज किसान संगठनों औऱ दिल्ली पुलिस के बीच बैठक भी हुई है. सूत्रों के मुताबिक संसद के पास जंतर मंतर पर किसान 22 जुलाई से अपनी किसान संसद चलाएंगे. दावा है कि मानसून सत्र के दौरान रोज 200 किसान पांच बसों में बैठकर जाएँगे. सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक किसान अपनी संसद खुद चलाएँगे. हर दिन किसानों का नया जत्था अपने संगठन के कार्ड और आधार कार्ड के साथ मौजूद रहेगा. देखें वीडियो.

केरल सरकार का बकरीद को लेकर कोरोना नियमों में ढील का फैसला, SC ने लगाई फटकार

19 जुलाई 2021

केरल में बकरीद को लेकर कोरोना नियमों में ढील देने का ये फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है जब.कांवड़ यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट स्वत संज्ञान लेकर सख्ती दिखा चुका है. बावजूद इसके जब केरल की सरकार पर इसका कोई असर नहीं हआ तो ये मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया. सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार के बकरीद पर नियमों में ढील देने के फैसले पर जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने कहा कि ऐसे समय जब केरल में मेडिकल इमरजेंसी है. नियमों में छूट देने का सरकार का फैसला हैरान करने वाला है. राज्य सरकार लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है । ऐसा लग रहा है कि इस गंभीर समय में सरकार लोगों को मौत के मुंह में धकलने की तैयारी कर रही है. देखें वीडियो.

सिद्धू को पंंजाब कांग्रेस की कमान, 4 कार्यकारी अध्यक्ष भी किए गए नियुक्त

18 जुलाई 2021

पंजाब कांग्रेस जारी विवाद के बीच नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया गया है. सिद्धू के साथ ही 4 अन्य को कार्यकारी कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया गया है. जिनमें पवन गोयल, सुखविंदर सिंह, संगत सिंह और कुलजीत नागरा के नाम शामिल है. आपकों बता दें कि सीएम अमरिंदर सिंह किसी भी कीमत पर सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनते नहीं देखना चाहते है. इसे रोकने के लिए उन्होंने प्रताप सिंह बाजवा से हाथ मिला लिया था. सिद्धू की ताजपोशी रोकने के लिए पंजाब में कांग्रेस सांसद भी उनके खिलाफ उतर चुके थे, लेकिन आलाकमान ने सभी ऐतराज को नजरअंदाज करते हुए सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंप दी. देखें वीडियो.

टीकाकरण के 6 महीने बाद देश में क्या है वैक्सीनेशन का हाल? देखें 10तक

16 जुलाई 2021

आज 16 जुलाई को देश में टीकाकरण की शुरुआत हुए छह महीने पूरे हो चुके हैं. देश में अब तक 39 करोड़ डोज़ वैक्सीन लगी हैं, जिसमें सिर्फ 8 करोड़ नागरिकों को ही देश के कोरोना से बचाने वाली वैक्सीन की दोनों डोज़ लग पाए हैं. 31 करोड़ लोगों को एक डोज कम से कम लगी है. अब सवाल उठता है कि इसी रफ्तार से चले तो क्या दिसंबर अंत तक सभी वयस्क नागरिकों को वैक्सीन लगा पाएंगे ? 21 जून को देश में 88 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने का रिकॉर्ड बना और अब 16 जुलाई को जब टीका लगाते लगाते छह महीने पूरे हो गए हैं तो कई राज्य कह रहे हैं कि वैक्सीन ज्यादा चाहिए, जरूरत मुताबिक नहीं मिल रही. आज 10तक में बात करेंगे भारत के टीकाकरण अभियान की.

41 प्रतिशत तक घटी टीकाकरण की रफ्तार, बंगाल समेत इन राज्यों में वैक्सीन की कमी!

15 जुलाई 2021

कोरोना की दो लहरों के बीच अब तक देश के छह राज्यों में विधानसभा चुनाव हो चुका है. जबकि आठ राज्यों में पंचायत-निकाय चुनाव कराया जा चुका है. यानी कोरोन की रफ्तार के आगे चुनाव नहीं थमता, प्रचार नहीं थमता, बस थमती है तो देश में कोरोना से बचाने वाली वैक्सीन की रफ्तार. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा है कि 14 करोड़ वैक्सीन की जरूरत है, मिली सिर्फ दो करोड़ 12 लाख है, तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात करके कहा है कि हमें एक करोड़ वैक्सीन का अलग कोटा दीजिए, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री बोल रहे हैं कि हमें हर महीने तीन करोड़ टीके लोगों को लगाने के लिए केंद्र से चाहिए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं कि वैक्सीन की कमी नहीं है, राज्य कहते हैं टीका कम है. ऐसे में क्या वाकई रफ्तार घटी है या राजनीति बढ़ी है? देखें 10तक.

10 तक: महंगाई के आगे सरेंडर क्यों होती जा रही जनता?

14 जुलाई 2021

आम आदमी अपनी जिंदगी की जरूरतों में खुद कटौती करके महंगाई की परिस्थिति के अनुकूल खुद को बना रहा है. हालत ये है कि सब्जी महंगी होती है तो किलोभर की जरूरत की जगह आधा किलो खरीदकर आम आदमी एडजस्ट करता है. पेट्रोल तेल की महंगाई एडजस्ट करने को आम आदमी ने किराना, स्वास्थ्य के खर्च में खुद कटौती कर ली है. खाद्य तेल की महंगाई को घर में संभालने के लिए जनता छोटी-मोटी बीमारियों को नजरअंदाज करती है. आमदनी घटी, नौकरी छिनी तो घर का गहना गिरवी रखकर परिवार का पेट पालने की जिम्मेदारी उठा रहा है. यहां तक कि सेविंग तक का इस्तेमाल अब महंगाई के मोर्चे पर खुद लड़ने के लिए जनता को करना पड़ रहा है. सच्चाई यही है कि तेल की महंगाई जनता की जेब में घुसपैठ करके पाई-पाई निंचोड़े ले रही है. आम आदमी की कमाई सफाचट हो रही है. सरकारों का खजाना गटागट भर रहा है. देखिए दसतक का ये एपिसोड.

10 तक: कितने बच्चे सियासत के लिए अच्छे! आपके सांसद कितने जनसंख्या नियंत्रक?

13 जुलाई 2021

कहा जाता है राजनीति में टाइमिंग सबसे अहम चीज होती है, यानी कब कौन सा कदम उठाना है. अगले हफ्ते देश की संसद का मानसून सत्र शुरु होना है. अगले साल उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है. ऐसे वक्त में जब उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण नीति का मसौदा रायशुमारी के लिए आता है तो संसद में भी कई सांसद अब बिल लाकर देश में पॉपुलेशन कंट्रोल के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग करने जा रहे हैं. लोकसभा में हमारे देश के जो सांसद बैठते हैं, जहां आगे मानसून सत्र में जनसंख्या नियंत्रण बिल आने पर चर्चा हो सकती है, वहां सांसदों के कितने बच्चे हैं? एक रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा के 149 सांसद ऐसे हैं जिनकी तीन या तीन से ज्यादा संतान हैं. बीजेपी के ही 96 सांसद ऐसे हैं जिनके दो से ज्यादा बेटे या बेटियां हैं. अलग-अलग दलों के 33 सांसद ऐसे हैं जिनके चार या चार से ज्यादा बच्चे हैं? 10 तक में देखिए पूरी रिपोर्ट.

जनसंख्या नियंत्रण नीति: विकासवादी सोच या ध्रुवीकरण की राजनीति

12 जुलाई 2021

आबादी ज्यादा तो जनता के लिए जरूरी संसाधनों का बंटवारा सभी को बराबरी और जरूरत मुताबिक मिल पाना कठिन होता है. 130 करोड़ से ज्यादा आबादा वाला देश भारत. जहां की जनसंख्या चुनावी भाषणों में देश की ताकत के रूप में प्रदर्शित की जाती है. उसी देश में आबादी को नियंत्रित करने की पॉलिसी का ड्राफ्ट जब चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में आता है तो विकास के लिए आवश्यक जनसंख्या नियंत्रण नीति राजनीति में फंस जाती है. विकासवादी सोच के मुकाबले ध्रुवीकरण और अपना अपना धर्म, अपनी आबादी आबादी की चिंता के विवाद में ज्यादा उलझी नजर आती है. देखें वीडियो.

कहीं बारिश का इतंजार तो कहीं भयंकर सैलाब से परेशान जनता, देखें तस्वीरें

11 जुलाई 2021

मानसून ने इस बार बारिश की वजह से भारी बारिश ने कहर मचा रखा है. देश के कई हिस्सो में हिस्सों में सैलाब उमड़ पड़ा है. मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर लू की स्थिति बनी हुई है. पूर्वी-उत्तरी राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर भीषण गर्मी की स्थिति देखी जा रही है. वहीं बिहार और बंगाल में बाढ़ की भयंकर स्थिति है. गांव के गांव डूबे जा रहे हैं. देखें वीडियो.

क्या मोदी कैबिनेट का विस्तार 2024 के लोकसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा?

10 जुलाई 2021

7 जुलाई को मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ था. इस विस्तार पर कई समीकरणों का खासा ख्याल रखा गया है. युवा नेताओं को इस मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. इसके अलावा दक्षिण के नेताओं को भी मोदी ने अपने टीम में शामिल किया. वहीं दूसरी तरफ अगले उत्तर प्रदेश चुनावों को देखते हुए और जातीय समीकरण का ध्यान रखते हुए 7 लोगों को मौका दिया गया है. ऐसे में राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना सरकार के ये फैसले 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की रणनीति का एक अहम हिस्सा है. देखें ये वीडियो.

देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- ये लागू करने का सही समय

10 जुलाई 2021

आज दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत पर जोर दिया है. तीन दशक से ज्यादा वक्त पहले जो जरूरत देश के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बताई, अब उसी बात को दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहराया है. दरसल एक मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि देश मे यूनिफार्म सिविल कोड लागू होना चाहिए. साथ ही कहा कि संविधान में जो उम्मीद समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए जताई गई, उसे अब हकीकत में बदलने की जरूरत है. लेकिन देश के लिए जरूरी उसी समान नागरिक संहिता को धर्म के नाम पर वोट चाहने वाली सियासत ने लागू नहीं होने दिया. देखें दस्तक का का ये एपिसोड.

देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- ये लागू करने का सही समय

09 जुलाई 2021

आज दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत पर जोर दिया है. तीन दशक से ज्यादा वक्त पहले जो जरूरत देश के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बताई, अब उसी बात को दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहराया है. दरसल एक मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि देश मे यूनिफार्म सिविल कोड लागू होना चाहिए. साथ ही कहा कि संविधान में जो उम्मीद समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए जताई गई, उसे अब हकीकत में बदलने की जरूरत है. लेकिन देश के लिए जरूरी उसी समान नागरिक संहिता को धर्म के नाम पर वोट चाहने वाली सियासत ने लागू नहीं होने दिया. देखें दस्तक का का ये एपिसोड.

UP ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में हिंसा और तनाव, मूक दर्शक बनी रही पुलिस

08 जुलाई 2021

माओ ने कहा था- राजनीतिक सत्ता बंदूक की नली से निकलती है. लेकिन ये चीन नहीं है, ये महात्मा गांधी का भारत है. ये लोकतांत्रिक देश भारत है, जहां जनता का वोट प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक का चुनाव करता है, लेकिन फिर उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र को बदनाम करने वाली चुनावी हिंसा आज क्यों हुई? 8 महीने बाद विधानसभा चुनावों के लिए तैयार उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में आज ब्लॉक प्रमुख के इलेक्शन की नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई. जिसमें 15 से ज्यादा जिलों में गोली चलने, बम चलने, मारपीट होने, अपहरण की कोशिश करने, विरोधी के नामांकन पर्चे को छीनने, पत्रकारों पर हमले की हिंसक घटनाएं सामने आई हैं. आरोप है पुलिस ज्यादातर जगहों पर कार्रवाई कम करती दिखी, मूकदर्शक बनी अधिक नजर आई. चुनाव में हिंसा की घटनाओं को बढ़ावा मिलना, जनता के लोकतंत्र पर भरोसे को कमजोर करता है. इस पर देखें दस्तक.

मोदी कैबिनेट विस्तार: बांटे गए विभाग, जानिए किसको मिला कौन सा मंत्रालय

07 जुलाई 2021

मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार समारोह में कुल 43 लोगों को शपथ दिलाया गया है. जिसमें से 15 लोगों ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ लिया हैं. वहीं दूसरी तरफ 28 नामों को राज्य मंत्री के तौर पर शपथ दिलाया गया है. इन सबके बीच सबके विभाग भी अब तय कर दिए गए हैं. जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया को नागरिक उड्डयन मंत्रालय दिया गया, वहीं मनसुख मांडविया को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है. वहीं धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री और अनुराग ठाकुर को खेल मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. देखें वीडियो.

योग्यता या चुनावी रणनीति? जानिए किस आधार पर कैबिनेट विस्तार के लिए तय किए गए नाम

06 जुलाई 2021

मोदी कैबिनेट का विस्तार बुधवार शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच होने की संभावना है. इस दौरान 20 ज्यादा नए नामों को मंत्रिपद की शपथ दिलाई जा सकती है. ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि नए नामों को योग्यता के आधार पर मंत्री बनाया जा रहा है, या सिर्फ ये चुनावी जीतने की रणनीति के तहत किया जा रहा है. इस सवाल के पीछे वजह ये है कि पिछले कुछ समय से राजनिति में चुनाव जीताने-हराने के लिए किए गए तिकड़म के साथ जाति में पकड़ को तरजीह दी जाती है. इस बार भी वही हो रहा है. देखें दस्तक.