भारत में डिजिटल लेन-देन के सबसे लोकप्रिय माध्यम यूपीआई पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लगाने के फैसले को लेकर देश में सियासी संग्राम छिड़ गया है. कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि सरकार ने यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां की बड़ी कंपनियों के दबाव में आकर उठाया है ताकि विदेशी भुगतान ऐप को सीधा मुनाफा हो सके. कांग्रेस का कहना है कि अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव की रिपोर्ट के दबाव में यह शुल्क लगाया गया है. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. बीजेपी का कहना है कि यह निर्णय संसदीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है.