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दंगल

ज्ञानवापी की जंग में जमीयत का क्या काम? देखें दंगल

28 मई 2022

ज्ञानवापी मस्जिद पर घमासान जारी है. कोर्ट में भी और सियासत में भी लेकिन इसी बीच इस विवाद में जमीयत उलेमा ए हिंद भी कूद गई है. देवबंद में आज की बैठक में जमीयत के कई नेताओं ने संबोधन किया लेकिन बड़ी बात अध्यक्ष महमूद मदनी ने कही वो भी भावुक होकर। मदनी ने कहा कि देश में मुसलमानों को अजनबी बना दिया गया है कहा कि सिर्फ हमारा जिगर जानता है कि हम कितनी मुश्किलों में हैं. मदनी ने ये भी कहा कि हमें नफरत को प्यार से हराना होगा. सवाल है कि मदनी भावुक तो हुए लेकिन क्या इस भावना से वो देश के मुसलमानों को साधना चाहते हैं। क्या मदनी इशारों में ज्ञानवापी पर मुसलमानों को भड़काना चाहते हैं। इन्हीं सवालों पर दंगल में बहस की गई. देखें ये एपिसोड.

ज्ञानवापी मामले से जुड़े सबूतों से हो रही छेड़छाड़ की कोशिश? देखें दंगल

27 मई 2022

आज सबसे बड़ा मुद्दा काशी स्थ‍ित ज्ञानवापी परिसर के विवाद में किए गए नए दावे हैं. हिंदू पक्ष की ओर से सनसनीखेज आरोप लगाया गया है कि ज्ञानवापी के तहखाने से एक गोलाकार चरखी को बिना इजाजत चुपके से हटाने की कोशिश की गई है. हिंदू पक्ष की ओर से ये आरोप लगाया गया कि जिस चरखी को मौके से हटाने की कोशिश की गई, उस चरखी का आकार वजूखाने में मिली शिवलिंगनुमा आकृति के ऊपरी हिस्से से मिलता जुलता है. हालांकि हिंदू पक्ष ने ये भी दावा किया है कि सुरक्षाबलों की सतर्कता की वजह से उस चरखी को वापस वहीं रखवा लिया गया है. क्या ज्ञानवापी परिसर में सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश हो रही है? चित्रा त्रिपाठी के साथ देखें दंगल.

ज्ञानवापी पर वाराणसी की जिला अदालत में क्या हुआ? देखें दंगल

26 मई 2022

ज्ञानवापी मामले में जिन पांच महिलाओं ने श्रृंगार गौरी की दैनिक पूजा की अर्जी दी थी. उस अर्जी को सुना जाना चाहिए या नहीं. इसी मुद्दे पर मुस्लिम पक्ष ने करीब दो घंटे तक जिला जज के सामने अपनी दलील रखी. इस दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से बार-बार 1991 के प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट का हवाला दिया गया. उसका विरोध हिंदू पक्ष की ओर से किया गया. मुस्लिम पक्ष की दलील अभी पूरी नहीं हो सकी इसलिए अब सोमवार को दोपहर 2 बजे फिर से सुनवाई होगी. मुस्लिम पक्ष की दलील पूरी होने के बाद हिंदू पक्ष को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा, तब जाकर अदालत ये फैसला कर पायेगी कि अर्जी सुनने लायक है या नहीं. इन्हीं तमाम मुद्दों पर और 1991 के वर्शिप एक्ट के प्रावधानों पर उठाये जा रहे सवालों पर देखें दंगल.

यासीन मलिक पर कसा कानूनी शिकंजा, देखें दंगल में बड़ी बहस

25 मई 2022

कश्मीर को दहशतगर्दी की आग में झोंकने वाले और अलगाववाद की आग भड़काने वाले यासीन मलिक की सजा का ऐलान होने वाला है. यासीन मलिक को पटियाला हाउस अदालत ने UAPA की धाराओं, मनी लॉन्ड्रिंग और देशद्रोह की धाराओं में दोषी करार दिया है. एआईए ने यासीन मलिक के लिए मौत की सजा की मांग की है. यासीन मलिक पर आतंकी घटनाओं की साजिश रचने, उन पर अमल के लिए विदेशों से भी धन जुटाने के गुनाह में उम्र कैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है. खबर है कि यासीन मलिक ने अदालत में कहा है कि उसे सजा को लेकर कुछ नहीं कहना है. अदालत जो चाहे फैसला कर सकती है. यासीन मलिक के मामले की पूरी सुनवाई इन कैमरा यानी बंद कमरे में हो रही है. सजा पर बहस के बाद अब किसी भी वक्त सजा का ऐलान हो सकता है. देखें

क्या ज्ञानवापी केस पर रोजाना सुनवाई होनी चाहिए? देखें दंगल

24 मई 2022

काशी के ज्ञानवापी परिसर पर चल रही कानूनी लड़ाई पर 2 दिन बाद जिला जज की अदालत में सुनवाई होगी और सुनवाई ये होगी कि जिन 5 महिलाओं ने श्रृंगार गौरी की दैनिक पूजा का अधिकार मांगा था. उन महिलाओं की अर्जी सुनने लायक है कि नहीं. क्योंकि प्रतिवादी पक्ष ने सवाल उठाया है कि 1991 के प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट के हिसाब से उन पांचों महिलाओं की अर्जी ही नहीं सुनी जानी चाहिए. वाराणसी की जिला अदालत अब 26 मई को इसी मुद्दे पर सुनवाई करेगी. साथ ही सीनियर डिवीजन कोर्ट ने ज्ञानवापी में जो सर्वे कराया था. उस सर्वे की रिपोर्ट पर भी दोनों पक्षों से सात दिन के अंदर आपत्ति दाखिल करने को कहा गया है तो इसी मुद्दे पर देखें दंगल कि ज्ञानवापी केस अभी कहां पहुंचा है और आगे किसके रास्ते में क्या चुनौतियां आने वाली हैं.

क्या क्वाड की कामयाबी से बढ़ती जा रही है चीन की चिंता? देखें दंगल

23 मई 2022

जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाली क्वाड मीटिंग में दुनिया की 4 महाशक्ति मिलने वाली हैं. क्वाड में उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से भी होगी. पीएम मोदी आज सुबह जापान पहुंच गए हैं. सबसे पहले पीएम ने कारोबारियों के साथ बैठक की और उसके बाद उन्होंने भारतवंशियों के बीच लोकल से लेकर ग्लोबल तक की बात अपने सम्बोधन में कही. वे 24 मई को क्वाड समिट में शामिल होंगे. पीएम इस दौरे में करीब 23 कार्यक्रमों में शामिल होंगे और साथ ही साथ कई बड़ी मुलाकातें भी करने वाले हैं. अंजना ओम कश्यप के साथ देखें दंगल.

ज्ञानवापी में वजूखाने के नीचे क्या है? देखें दंगल

22 मई 2022

Gyanvapi Masjid Controversy: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कल से जिला अदालत में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के दावे पर सुनवाई होगी लेकिन बहस का एक रास्ता तब और खुल गया जब काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत कुलपति तिवारी ने नया दावा ठोंक दिया. महंत कुलपति तिवारी का दावा है कि ज्ञानवापी में वजूखाने के भूतल में एक और शिवलिंग है. अपने दावे को पुख्ता करने के लिए महंत कुलपति तिवारी तस्वीरें भी दिखा रहे हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि जिस शिवलिंग को लेकर पहले ही तापमान गर्म था,बहस के इस दंगल में नए शिवलिंग के दावे का क्या असर होगा? जो मुस्लिम पक्ष अबतक हिंदू पक्ष के शिवलिंग के दावे को फव्वारा बताकर खारिज कर रही थी कि क्या वो वजूखाने के भूतल में शिवलिंग के दावे को मान लेगी? देखें दंगल.

राहुल का विदेश में बयान...देश का अपमान? देखें दंगल

21 मई 2022

Gyanvapi Masjid: देश में ज्ञानवापी मस्जिद के सच और सर्वे पर घमासान मचा हुआ है कि तभी सात समंदर पार राहुल गांधी के बयान ने आग में मानो घी लगाने का काम कर दिया है. लंदन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के आइडियाज ऑफ इंडिया सेमिनार राहुल गांधी ने बीजेपी पर बड़ा वार किया. पूरे देश में ध्रुवीकरण का आरोप लगा दिया. राहुल ने तमाम मुद्दों पर इशारों में केंद्र और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा है हालांकि बीजेपी ने पलटवार जरुर किया है लेकिन सवाल है कि क्या देश की बातों को देश के बाहर उछालना सही है?

ज्ञानवापी परिसर की जमीन का मालिक कौन? देखें दंगल

20 मई 2022

वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज बहस हुई. ज्ञानवापी मस्जिद केस जिला जज को ट्रांसफर कर दिया गया है. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि वुजू की व्यवस्था की जाएगी. इसके साथ ही शिवलिंग का एरिया सील रहेगा. मुस्लिम पक्ष की एक दलील को सुनने के बाद जस्टिस चंद्रचूड़ सिंह ने कहा कि किसी स्थान के धार्मिक चरित्र का पता लगाना वर्जित नहीं है. इस पर दंगल में देखें बड़ी बहस.

ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट में कितने रहस्य? देखें दगंल में बड़ी बहस

19 मई 2022

ज्ञानवापी केस में अब तक दो सर्वे रिपोर्ट वाराणसी कोर्ट में सौंपी जा चुकी है. दोनों ही रिपोर्ट में हिंदू धर्म से जुड़े निशानों का जिक्र है. वहीं सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई चल रही है. आज हिंदू पक्ष की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन के लिए सुनवाई टाल दी है, वहीं वाराणसी में चल रही कार्यवाही पर भी कल तक के लिए रोक लगा दी है. मगर पूर्व कोर्ट कमिश्नर और स्पेशल कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद मुस्लिम पक्ष भी सामने आ गया है और उसने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. इसी बीच आजतक को सर्वे रिपोर्ट की कॉपी मिली है. इस पर दंगल में देखें बहस.

ज्ञानवापी के वजूखाने के नीचे क्या है? देखें दंगल में बड़ी बहस

18 मई 2022

ज्ञानवापी परिसर के विवाद पर अदालत में दंगल चल रहा है. वकीलों की हड़ताल की वजह से आज अदालत की सुनवाई तो नहीं हो सकी लेकिन कल अदालत में सर्वे की रिपोर्ट भी जमा की जाएगी और याचिकाकर्ताओं की उन मांगों पर भी सुनवाई की तारीख मिल सकती है, जिसमें उन्होंने वजूखाने के नीचे तक पहुंचने के लिए मलबा हटाने और पश्चिमी गेट खोलने की मांग की है. याचिकाकर्ताओं की इस मांग का पूरे विवाद पर क्या असर पड़ेगा ये देखने वाली बात होगी. लेकिन शिवलिंग और फव्वारे के दावों के बीच अभी सबसे बड़ा सवाल ये सामने आया है आखिर वजूखाने के नीचे क्या है? जिस वजूखाने के बीचोबीच शिवलिंग मिलने का दावा किया जा रहा है. अगर वो फुव्वारा भी है तो उसका दूसरा सिरा कहां है? इस पर देखें दंगल.

ज्ञानवापी में शिवलिंग या फुव्वारा? दंगल में देखें बड़ी बहस

17 मई 2022

देश में इन दिनों सबसे बड़ा दंगल काशी के ज्ञानवापी केस को लेकर मचा है. वाराणसी से लेकर दिल्ली की सबसे बड़ी अदालत तक ज्ञानवापी पर दावे की गूंज सुनाई पड़ रही है. वाराणसी से खबर है कि अदालत ने सर्वे की रिपोर्ट जमा करने के लिए 2 दिन का वक्त और दे दिया है और कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को हटा दिया गया है. बाकी के दोनों कोर्ट कमिश्नर अब सर्वे की रिपोर्ट जमा करेंगे. इस बीच याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में और भी प्रार्थना पत्र दिए गए हैं जिसमें पश्चिमी दरवाजा खोलने और वजूखाने वाले शिवलिंग का घेरा तोड़ने जैसी मांग की गई है. इन मांगों पर अदालत बाद में विचार करेगी. इससे पहले सर्वे की रिपोर्ट दाखिल की जाएगी. इसी मामले पर अब मुस्लिम पक्ष की ओर से कई और दावे किये गये हैं. इन सभी दावों पर देखें दंगल.

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का कितना सच और बाकी? देखें दंगल

16 मई 2022

Gyanvapi Masjid Survey: ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है. ज्ञानवापी के अंदर 3 दिन के सर्वे के बाद जब ये खुलासा हुआ तो सिविल कोर्ट ने शिवलिंग वाली जगह को फौरन सील करने का आदेश दिया. हालांकि सर्वे की रिपोर्ट अभी अदालत में पेश नहीं की गई है. 17 मई तक रिपोर्ट पेश करने की तारीख है. लेकिन ये मियाद बढ़ाने की मांग की जा सकती है. उधर मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है. जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी है. ज्ञानवापी केस में आज हुआ खुलासा इस केस के लिए कितना महत्वपूर्ण साबित हो सकता है और 3 दिन के सर्वे के बाद ज्ञानवापी से और क्या क्या खबरें सामने आई हैं. देखें दंगल.

ज्ञानवापी पर सियासत का फुल एक्शन! देखें दंगल

15 मई 2022

Gyanvapi Masjid Case: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में दो दिनों का सर्वे खत्म हो गया है. ज्ञानवापी में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के साथ आज भी वीडियोग्राफी की गई. सबूत खंगालने का काम चला लेकिन बिल्कुल शांतिपूर्ण ढंग से. कोई शोरगुल नहीं, हंगामा नहीं लेकिन सियासी दंगल में शोर भी सुनाई दे रहा है और हंगामा भी बरपा है. जिस मुद्दे का फैसला कोर्ट के दरवाजे से होना है उसे ओवैसी हाइजैक करना चाहते हैं. ओवैसी अपनी व्याख्या के जरिए अपनी बात को सही साबित करने पर तुले हैं. बीजेपी की तरफ से भी करारा पलटवार हुआ है. क्या लोगों की भावनाओं को भड़का कर संविधान की रक्षा की जा सकती है? ऐसे ही चुभते हुए सवालों के साथ अर्पिता आर्या के साथ दंगल में देखें नेताओं की बड़ी बहस.

ओवैसी ने बाबरी से ज्ञानवापी को क्यों जोड़ा? देखें दंगल

14 मई 2022

Gyanvapi Masjid Controversy: वाराणसी के ज्ञानवापी में पहले दिन का सर्वे सौहार्दपूर्ण माहौल में पूरा हुआ. पहले दिन चार घंटे के सर्वे में तहखाने के सभी चार कमरों की वीडियोग्राफी कराई गई, तस्वीरें ली गई. अब तीन दिन और बाकी है. लेकिन सियासत की कल्पनाशीलता में बयानों की उड़ान ऊंची होती जा रही है. ज्ञानवापी को लेकर सर्वे का दरवाजा खुला तो बयानों के भी तीर चलने लगे. एक बयान ओवैसी की तरफ से आया. ओवैसी ने बाबरी और ज्ञानवापी को एक ही तराजू पर रखकर पहले तोला और फिर चेतावनी भरे लहजे में कह दिया कि ज्ञानवापी को कोई नहीं छीन सकता. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल कि क्या कोर्ट से भी उपर हो गए हैं हमारे सियासत दां? क्या ऐसे बयानबाजी से जहरीली नहीं हो जाएंगी देश की फिजां? क्या राजनीति पार्टियां नफा-नुकसान देखकर करती रहेगी बयानबाजी? देखें दंगल

औरंगज़ेब की क़ब्र पर फूल चढ़ाना उकसावे की सियासत है? देखें दंगल 

13 मई 2022

देश में साम्प्रदायिक सियासत में प्रतीकों के इस्तेमाल की एक ताजा मिसाल सामने आई है. काशी में कल से सर्वे होने वाला है, लेकिन इस पूरे ज्ञानवापी विवाद के बीच एक उकसावे की राजनीति महाराष्ट्र की जमीन पर जाकर की गई. जिस औरंगजेब ने कभी काशी के मंदिर तुड़वाये थे, महाराष्ट्र में उसी औरंगज़ेब की कब्र पर एक हैदराबादी नेता फूल चढ़ाने पहुंच जाते हैं. इन घटनाक्रमों को जब देश की जनता देखती सुनती है तो बड़ा सवाल पैदा होता है कि क्या जब काशी में ज्ञानवापी परिसर के अंदर सर्वे चल रहा है तो इसी बीच औरंगज़ेब की क़ब्र पर फूल चढ़ाना और विरोधियों के लिए असंसदीय भाषण उकसावे की सियासत नहीं है? इस ही मुद्दे पर देखें दंगल, अंजना ओम कश्यप के साथ.

Dangal: क्या ज्ञानवापी में हो रही 'तहखाने' का सच छुपाने की कोशिश?

12 मई 2022

देश में पिछले कुछ दिनों से विरासत वापसी की अदालती मुहिम छिड़ी हुई है. काशी से कुतुब मीनार तक और आगरा से मथुरा तक ऐतिहासिक विरासतों को लेकर धार्मिक मांगों और मजहबी दावों का सिलसिला चल रहा है. इस सिलसिले में आज उत्तर प्रदेश की तीन अदालतों में सुनवाई हुई. पहली ख़बर काशी की है जहां वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे को लेकर आदेश दिया है कि 17 मई से पहले ज्ञानवापी परिसर के हर हिस्से का संपूर्ण सर्वे होगा, यानी तहखाने का भी सर्वे होगा. ऊपर से कोर्ट कमिश्नर भी नहीं बदलेंगे, दो और कोर्ट कमिश्नर बहाल कर दिये गये हैं. दूसरी खबर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर की जमीन से जुड़ी है जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि मथुरा की अदालत में जन्मभूमि विवाद से जुड़ी सभी याचिकाएं 4 महीने के अंदर निपटाई जाएं. तीसरी खबर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से आई जहां पहले तो हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई और कहा कि पीआईएल की व्यवस्था का दुरुपयोग न करें, और फिर अर्जी खारिज कर दी.

धरोहरों की विरासत पर धर्म की सियासत, देखें दंगल

11 मई 2022

देश में इन दिनों इस बात पर सियासी दंगल मचा है. कहीं मस्जिद के अंदर मंदिर होने का दावा किया जा रहा है. कहीं महल के बंद कमरों में भगवान के निशान होने के दावे किये जा रहे हैं. कहीं मंदिर के अवशेषों से बनी इमारतों में पूजा का अधिकार मांगा जा रहा है. काशी की ज्ञानवापी मस्जिद में अदालत ने फिर से आदेश कल दोपहर 12 बजे तक के लिए सुरक्षित कर लिया है. मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के विरोध के बाद सर्वे की तारीख और कोर्ट कमिश्नर को लेकर फैसला आने वाला है. इधर ताज महल में शिवालय के विवाद में अब जयपुर की राजकुमारी दीया कुमारी का दावा सामने आया है. जयपुर की राजकुमारी दीया कुमारी ने कहा है कि शाहजहां ने जबरन ताज महल पर कब्जा किया था. अदालत अगर दस्तावेज मांगेगी तो दिया जाएगा. इसी मुद्दे पर देखें आज का दंगल.

ऐतिहासिक विरासतों की पहचान और वजूद पर धार्मिक सियासत, देखें दंगल

10 मई 2022

काशी, मथुरा, आगरा और अब दिल्ली विवाद की कड़ियां बढ़ती ही जा रही हैं. क्योंकि जिन प्राचीन धरोहरों को दशकों से हम ज्ञानवापी मस्जिद, ईदगाह मस्जिद, ताजमहल और कुतुब मीनार के नाम से जानते रहे हैं, जो विश्व धरोहरों की सूची में शामिल हैं. भारत की इन ऐतिहासिक विरासतों की पहचान और वजूद पर अब धार्मिक सियासत का सिलसिला चल निकला है. वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर से सर्वे और वीडियोग्राफी कराने को लेकर अदालत में सुनवाई हुई है. इस बीच आगरा में ताजमहल के बंद 22 कमरों के रहस्य का खुलासा करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर है, जिस पर 12 मई को सुनवाई होनी है. उधर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में मौजूद ईदगाह मस्जिद की जमीन के मालिकाना हक के केस में भी सुनवाई हुई है जिसका फैसला 19 मई को आना है. देखें दंगल.

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: नक्शे का सबूत सच या कब्जे का दावा? देखें दंगल

09 मई 2022

वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद पर लगातार अदालत में तकरार चल रही है. पहले अदालत ने विवादित स्थल पर सर्वे का आदेश दिया था लेकिन सर्वे टीम को मस्जिद के अंदर नहीं जाने दिया गया और वीडियोग्राफी भी नहीं करने दी गई तो मामला वापस अदालत में पहुंच गया. अब कल अदालत ज्ञानवापी के अंदर सर्वे को लेकर तारीख बताने वाली है. इससे पहले आज हुई सुनवाई में कोर्ट कमिश्नर जो कि खुद वकील भी हैं उन्होंने अपना पक्ष रखा और अदालत के सामने पूरी बात रखी. चित्रा त्रिपाठी के साथ आज दंगल में देखें इस विषय पर बहस.

ज्ञानवापी और ताज... है कोई बड़ा राज? देखें दंगल

08 मई 2022

Gyanvapi Masjid: वाराणसी का ज्ञानवापी मस्जिद विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. हिंदू पक्ष ने आरोप है लगाया है कि उन्हें लगातार दो दिन तक सर्वे नहीं करने दिया गया. पूरे मामले पर सोमवार को सुनवाई है लेकिन अब एक नया मामला सामने आ गया है ताजमहल को लेकर जहां याचिकाकर्ता ने कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए मांग की है कि ताज के बंद 22 कमरों को खोलकर ASI से सर्वे कराया जाए. जैसा कि सियासत का मिजाज होता है. दोनों मामलों पर राजनीतिक वार-पलटवार का दौर शुरु हो चुका है. सवाल है कि क्या वाकई धार्मिक स्थलों के इतिहास का सच जानने की कोशिश हो रही है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी सियासत काम कर रही है. देखें दंगल.