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दंगल

दंगल: तांडव पर अभी कितना तांडव?

20 जनवरी 2021

वेब सीरीज तांडव का कानूनी संकट बढ़ता जा रहा है. आज मुंबई के घाटकोपर में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, इससे पहले आज ही यूपी पुलिस की टीम तांडव पर दर्ज एफआईआर को लेकर मुंबई पहुंची है. ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे तांडव में हिंदू धर्म की भावनाएं भड़काने का आरोप है, जिसे लेकर हिंदूवादी संगठनों और साधु संतों के साथ-साथ राजू श्रीवास्तव जैसे कलाकारों ने भी कड़ा विरोध जताया है. उधर वेबसीरीज निर्माताओं ने माफी मांगते हुए विवादित सीन हटाने का वादा किया है. लेकिन क्या सवाल है कि तांडव के निर्माताओं की माफी ही काफी है? क्या जानबूझकर कंट्रोवर्सी खड़ी की गई? क्या अब OTT प्लेटफॉर्म के लिए भी फिल्मों की तरह सेंसर बोर्ड बनना चाहिए? गौरतलब है कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने केंद्र से कानून लाने की मांग की है. सवाल ये कि तांडव पर अभी कितना तांडव? देखें दंगल रोहित सरदाना के साथ.

चीन के कब्जे में कितनी भारतीय जमीन? देखें दंगल

19 जनवरी 2021

भारत में चीनी घुसपैठ को लेकर नया घमासान मच गया है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अरुणाचल की जमीन पर चीनी गांव के निर्माण को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. तो उधर भारतीय जनता पार्टी का जवाब है कि जिस गांव पर निर्माण होने की बात राहुल कर रहे हैं वो तो 1959 से ही चीन के अवैध कब्जे में है. अब सवाल उठ रहा है कि क्या चीन के अवैध कब्जे में मौजूद भारतीय क्षेत्र में चीन का निर्माण भारत सरकार की कमजोरी है? क्या इसे लेकर राहुल गांधी का सरकार से सवाल पूछना जायज नहीं? या फिर राहुल चीन के संवेदनशील मसले पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं? अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबानसिरी जिले के इलाके में 1959 में चीन ने कब्जा किया था. तब वहां असम राइफल्स की पोस्ट हुआ करती थी. वहां चीन का कब्जा तब से बरकरार रहा लेकिन निर्माण कार्य पिछले कुछ महीनों में ही हुआ है. अरुणाचल पर ये नया संग्राम ऐसे समय में हो रहा है, जब लद्दाख तनाव को लेकर पहले से आर-पार की राजनीति हो रही है. बड़ा सवाल ये है कि चीन के कब्जे में कितनी जमीन? देखें दंगल, रोहित सरदाना के साथ.

बंगाल में नंदीग्राम पर संग्राम? देखें दंगल

18 जनवरी 2021

बंगाल में लड़बो तो जीतबो? चुनाव को लेकर ममता और बीजेपी में ऐसी जोरदार टक्कर हो रही है कि अब से थोड़ी देर पहले कोलकाता में हंगामा हो गया. टीएमसी से बीजेपी में आए शुभेंदु अधिकारी कोलकाता में रोड शो कर रहे थे. इसी दौरान TMC और BJP के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर संग्राम हुआ. नौबत मारपीट और पथराव की भी आई है. इससे पहले आज ही शुभेंदु के गढ़ में ममता ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. शुभेंदु 2016 में टीएमसी के टिकट पर नंदीग्राम से चुनाव जीते थे. 2011 में जब ममता ने लेफ्ट को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था तो उसे नंदीग्राम और सिंगूर आंदोलन का नतीजा बताया गया था. नंदीग्राम में ममता के साथ शुभेंदु अधिकारी खड़े थे. अब जब ममता को बीजेपी से चुनौती मिली है तो उन्होंने नंदीग्राम को रणभूमि बनाने का फैसला किया है. क्या ये ममता का नर्वसनेस है, जैसा कि BJP के नेता दावा कर रहे हैं, या फिर ये ममता का मास्टरस्ट्रोक है? उनकी ललकार है? ममता की ललकार, अबकी बार आर-पार? देखें दंगल, रोहित सरदाना के साथ.

वैक्सीन पर कम थमेगा सियासी संक्रमण? देखें दंगल

17 जनवरी 2021

देश में टीकाकरण का काम शुरू हुआ तो सियासत भी अपने चरम पर पहुंच गई. दिल्ली से लेकर कोलकाता तक की राजनीति में वैक्सीन सियासत का मुख्य बिंदु हो गई. कहीं वैक्सीन लगाने को लेकर सवाल खड़े हुए तो कहीं कम वैक्सीन देने को आरोप लगने लगे. किसी ने पीएम मोदी को पहले वैक्सीन लगाने की सलाह दे डाली तो कोई फ्री वैक्सीनेशन की मांग करने लगा. कैसे अब सियासत की वैक्सीन तैयार हुई है, देखें दंगल, चित्रा त्रिपाठी के साथ.

कोरोना के अंत का शुभारंभ? देखें दंगल

16 जनवरी 2021

देश के तमाम शहरों कस्बों में एक साथ कोरोना से मुकाबले का एक्शन प्लान जमीन पर उतरा है. शहर शहर अस्पताल में बड़े डॉक्टरों को टीका लगाया गया. इसके अलावा कई शहरों में अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मी से लेकर सफाईकर्मी तक को भी टीका लगाया गया. दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है. भारत के सामने चुनौती है कोराना वैक्सीन को घर-घर तक पहुंचाने की. क्या है केंद्र सरकार का प्लान इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने आज तक से खास बात की और केंद्र सरकार का पूरा प्लान सामने रखा. कैसे कोरोना से जंग जीतेगा हिंदुस्तान, देखें दंगल, चित्रा त्रिपाठी के साथ.

किसान का नाम, सूट-बूट पर संग्राम? देखें दंगल में बहस

15 जनवरी 2021

आज एक ओर किसान संगठनों से सरकार की बातचीत चल रही है, जहां सूत्रों के मुताबिक कृषि कानूनों पर गाड़ी वहीं की वहीं अटकी है. दूसरी तरह आज किसानों के नाम पर कांग्रेस ने देशभर में अपना शक्ति प्रदर्शन किया. दिल्ली में सड़कों पर उतरे राहुल गांधी ने आज किसान कानूनों के बहाने मोदी सरकार को 4-5 उद्योगपति मित्रों का दोस्त बता दिया. ये पहली बार नहीं है कि राहुल गांधी ने मोदी सरकार को कुछ उद्योगपतियों की सरकार कहा है. वो हमेशा से कहते रहे हैं कि ये सूट-बूट की सरकार है. ऐसे में आज दंगल का मुद्दा है कि क्या किसानों का ये आंदोलन पूरी तरह राजनीतिक हो गया है? क्या किसानों के नाम पर कांग्रेस अपनी राजनीति को खड़ा करने की कोशिश कर रही है? किसान का नाम, सूट-बूट पर संग्राम?

बंगाल की सियासत में ममता-बीजेपी के बीच आर-पार की लड़ाई शुरू

14 जनवरी 2021

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और सांसद सौगत रॉय अब बीजेपी से मुकाबले के लिए कांग्रेस और लेफ्ट को ममता दीदी के साथ आने को कह रहे हैं. टीएमसी के किसी वरिष्ठ नेता की ओर से पहली बार बंगाल में गठबंधन का संकेत दिया गया है. राज्य में आक्रामक चुनाव प्रचार शुरू कर चुकी है. बीजेपी को तो मानो बस ऐसे मौके की तलाश थी. बीजेपी के नेता कहने लगे हैं कि टीएमसी को बीजेपी की ताकत का अंदाजा हो चला है. जाहिर तौर पर बंगाल की राजनीति में ममता और बीजेपी के बीच आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है. देखें दंगल.

दंगल: किसान खड़ा बाजार में, मांगे सबसे खैर!

13 जनवरी 2021

दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर 50 दिनों से बैठे किसान कृषि कानूनों की प्रतियां जला रहे हैं. लोहड़ी पर किसान संगठनों का विरोध जताने का ये तरीका है. इसी के साथ किसान 26 जनवरी को अपनी प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के तेवर का ट्रेलर भी दिखाने वाले हैं. सवाल ये कि क्या अब सिर्फ आर-पार के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा है? किसान संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट का बताया रास्ता भी नामंजूर कर दिया गया है. किसान संगठन पहले से ही कृषि कानूनों को रद्द करने से कम कुछ भी मंजूर नहीं होने की रट लगा रहे थे तो अब उन्हें SC की कमेटी में सुझाए गए चारों नामों को लेकर भी एतराज है. इस बीच कांग्रेस किसानों की प्रस्तावित तिरंगा रैली को समर्थन देती नजर आ रही है? कुल मिलाकर किसानों के नाम पर राजनीति हर ओर से भरपूर नजर आ रही है. किसान खड़ा बाजार में, मांगे सबसे खैर. क्या यही है सच्चाई, देखें दंगल, रोहित सरदाना के साथ.

दंगल: कानून तो रुक गए, क्या रुकेगा आंदोलन?

12 जनवरी 2021

किसानों के मसले पर चल रहे आंदोलन का समाधान निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज पहल की है. सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कानूनों के अमल पर रोक लगा दी है. चार सदस्यों की एक कमेटी बना दी है. इन सदस्यों में हैं भारतीय किसान युनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान, शेतकारी संगठन, महाराष्ट्र के अध्यक्ष अनिल घनवंत, इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक रहे प्रमोद कुमार जोशी और कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी. हालांकि इस कमेटी के गठन के बावजूद किसान संगठन ना आंदोलन खत्म करने को राजी हैं और ना ही सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी के सामने पेश होने को तैयार हैं. किसानों की ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति ने बयान जारी कर कहा है कि जिन चार लोगों को कोर्ट की कमेटी में रखा गया है वो सभी कानूनों के समर्थक हैं. किसान नेता राकेश टिकैत और स्वराज्य आंदोलन के योगेंद्र यादव जैसे नेताओं ने खुलकर कमेटी के सदस्यों को कानून का समर्थक कहा है.. कांग्रेस ने भी कहा है कि कमेटी के इन सदस्यों को कृषि कानूनों का समर्थक बताया है. हालांकि पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत हुआ है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि अब किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार और किसानों के बीच संवाद होगा. कानून तो रुक गए, आंदोलन रुकेगा? देखें दंगल, रोहित सरदाना के साथ.

बंगाल की चुनावी लड़ाई, सीता पर क्यों आईं? देखें दंगल

11 जनवरी 2021

बंगाल के चुनावी घमासान में जय श्री राम के बाद अब सीता की भी एंट्री हो गई है. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने यूपी के हाथरस कांड पर बीजेपी को घेरने के चक्कर में ऐसा बयान दे दिया है, जिसे ना सिर्फ भारतीय जनता पार्टी बल्कि मैथिल समाज भी सीता का अपमान कह रहा है. कल्याण बनर्जी ने एक चुनावी रैली में कहा है कि राम जी से सीता बोलीं कि रावण की जगह आपके चेलों ने मेरा हरण किया होता तो हाथरस की पीड़ित जैसा मेरा हाल होता. कल्याण बनर्जी के इस बयान के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है, हालांकि टीएमसी के नेता उल्टे बीजेपी पर सीता का अपमान करने का आरोप लगा रहे हैं. वो कह रहे हैं कि बीजेपी जब श्री राम बोलती है, तो सीता को छोड़ देती है. बड़ा सवाल ये कि बंगाल की लड़ाई में सीता कहां से आई? देखें दंगल, रोहित सरदाना के साथ.

दंगल: करनाल में बवाल, विपक्ष का सरकार से सवाल!

10 जनवरी 2021

किसान और सरकार के बीच कृषि कानून को लेकर गतिरोध जारी है. आज करनाल में किसानों का विरोध प्रदर्शन झड़प तक पहुंच गया. हरियाणा के सीएम का विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. जो देखते ही देखते हंगामें में तब्दील हो गया. करनाल के कैमला गांव में बीजेपी ने किसान संवाद कार्यक्रम आयोजित किया था. यहां पर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर किसानों के बातचीत करने वाले थे और उन्हें नए कृषि कानूनों का फायदा समझाने वाले थे. तभी वहां पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे सैकड़ों किसान पहुंच गए. इस किसानों ने मुख्यमंत्री को काले झंड़े दिखाए और नारेबाजी की. देखें दंगल, रोहित सरदाना के साथ.