इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली अहम वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में पहुंची टीम के प्रस्तावों को ईरान ने खारिज कर दिया. न्यूक्लियर प्रोग्राम पर दोनों देशों के बीच गतिरोध कायम रहा. अब सीजफायर की अवधि और क्षेत्रीय शांति पर सवाल उठने लगे हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में फिर तनाव भड़कने की आशंका बढ़ गई है.
एक तरफ जंग की खामोशी ....दूसरी तरफ बातचीत की मेज और दुनिया सांस रोककर देख रही है. अमेरिका-ईरान के बीच उनचालीस दिन की जंग के बाद सीजफायर का ऐलान और फिर बातचीत पर सहमति. बातचीत की टेबल पाकिस्तान के इस्लामबाद में सजी है. वार्ता करने वाले अमेरिकी और ईरानी डेलिगेट अपने-अपने हिसाब से गोटी बिछा रहे हैं. कूटनीति के साथ रणनीतिक चालें सोच समझकर चल रहे हैं. सीजफायर के बीच शांति वार्ता में सभी शर्तों को कसौटी पर कसा जा रहा है. इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात हो चुकी है.
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है, जहां बीजेपी ने ‘सोनार बांग्ला’ के लिए 15 बड़े संकल्प पेश किए हैं, जिनमें घुसपैठ रोकने, यूसीसी लागू करने, महिलाओं को आर्थिक सहायता और माफिया पर कार्रवाई जैसे वादे शामिल हैं. वहीं दूसरी ओर टीएमसी ने इन दावों को झूठ बताते हुए अपनी प्रतिज्ञाओं को असली एजेंडा बताया है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.
मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जहां ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर पर सवाल खड़े हो गए हैं. पाकिस्तान की पहल पर हुए इस युद्धविराम के बावजूद 24 घंटे के भीतर करीब 100 धमाकों में 250 लोगों की मौत की खबर है. इस बीच इजरायल ने लेबनान में बड़े हमले करते हुए हिज़्बुल्लाह के शीर्ष नेता नईम कासिम को मार गिराने का दावा किया है, जबकि ईरान के कुद्स फोर्स कमांडर इस्माइल कानी ने इसका कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है. उधर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने आरोप लगाया कि सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन हुआ है, जिसमें लेबनान पर हमले और ड्रोन घुसपैठ शामिल हैं. वहीं इस्लामाबाद में प्रस्तावित बातचीत को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की शर्त पूरी न होने से हालात और उलझते नजर आ रहे हैं.
आज का दंगल बंगाल की चुनावी जंग पर है. कल असम की 126, केरलम की 140 और पुद्दुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे. लेकिन देश की सियासत में सबसे ज्यादा चर्चा उस बंगाल की हो रही है जहां पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 90 लाख वोटर कम हो गए हैं. एक तो एसआईआर में आयोग को वोटर मिले नहीं. ऊपर से 60 लाख में से 27 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम कट गए हैं जिनकी ट्रिब्यूनल में सुनवाई बची हुई है. अब फिक्र ये है कि करीब 27 लाख वो वोटर न तो 23 अप्रैल को वोट डाल पाएंगे न ही 29 अप्रैल को. टीएमसी बार बार ये सवाल उठा रही है कि इतने बडे पैमाने पर वोटर्स के नाम काट कर कैसे निष्पक्ष चुनाव हो सकता है. नंदीग्राम की लिस्ट के हवाले से निजी संस्थानों के आंकडे और बता रहे हैं कि इनमें 95 फीसदी से ज्यादा नाम मुस्लिम वोटर्स के कटे हैं.
आज का दंगल दुनिया के मंच पर पिछले 39 दिनों से चल रही जंग पर है. क्योंकि आज उस जंग में कयामत की रात का खतरा बन गया है. आगे बढ़ने से पहले इस वक्त की बड़ी खबर ईरान पर ट्रंप की डेडलाइन से पहले ही जंग खतरनाक मोड पर पहुंचती दिख रही है. ईरान पर ट्रंप की चेतावनी से पहले ही इजरायल ने पुलों पर हमले शुरू कर दिये हैं. बड़ी खबर आ रही है कि इजरायल ने ईरान के कशान इलाके में याहयाबाद रेलवे ब्रिज को उड़ा दिया है.
आज का दंगल पश्चिम बंगाल चुनाव में वोटर्स के असमंजस पर है. क्योंकि बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग है. 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, इन तमाम सीटों की वोटिंग लिस्ट फ्रीज हो चुकी है. और इस बीच लाखों ऐसे मतदाता फंस गए हैं जिनके नाम पर फैसला ही नहीं हो सका. फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्रिब्यूनल बने हुए हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही. कांग्रेस के फरक्का के कैंडिडेट मोताब को अपना नाम वोटर लिस्ट में डलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट आना पडा, ट्रिब्यूनल ने फैसला किया और रविवार रात 8 बजे उनका नाम वोटर लिस्ट में जोडा गया. मोताब ने आज पर्चा तो भर दिया होगा लेकिन जिन 60 लाख वोटर्स को विचाराधीन कैटेगरी में रखा गया था उसमें से 23 लाख से अधिक वोटर्स का नाम कट चुका है.
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारी जनसमर्थन को बदलाव का स्पष्ट संकेत बताते हुए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ब्रिगेड ग्राउंड की ऐतिहासिक भीड़, जनता का जोश और उत्साह इस बात का प्रमाण है कि राज्य में परिवर्तन का माहौल बन चुका है. मोदी ने दावा किया कि रैली के बाद टीएमसी का ‘सिंडिकेट’ घबराया हुआ है और जनता ने बदलाव पर अपनी मुहर लगा दी है. हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक अभूतपूर्व भीड़ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा गया, यहां तक कि बड़े-बड़े रोड शो भी इसके सामने फीके पड़ जाएं. प्रधानमंत्री ने इसे नए और उज्ज्वल बंगाल के लिए जनता के विश्वास का प्रतीक बताते हुए लोगों का आभार जताया.
पश्चिम बंगाल... जहां गीत, साहित्य और विचारों की परंपरा है… लेकिन चुनाव आते ही सियासत सड़कों पर उतरती है और कई बार हिंसा में बदल जाती है. विधानसभा चुनाव के दौरान मालदा का कालियाचक अब उसी कड़वे सच को फिर सामने लेकर आया है. मालदा के कालियाचक के मोथाबाड़ी ब्लॉक कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना की जांच अब तेज हो गई है. मालदा कांड में NIA टीम ने BDO ऑफिस को खंगाला गया है. हिंसा भड़काने के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड माने जा रहे मोफक्करुल इस्लाम को कल गिरफ्तार किया था जिसे 15 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया. मोफक्करुल इस्लाम वो शख्सियत है जिसके कारनामों पर बंगाल चुनाव में जमकर सियासत हो रही है.
आज का दंगल ईरान की जंग की बिगड़ती सूरत के बीच राहत तलाश रही दुनिया को लेकर है...जंग की सूरत ऐसे बिगड़ रही है कि अमेरिका ने अब सैन्य ठिकानों से अलग अस्पतालों -पुलों पर हमले शुरू कर दिये हैं...ईरान भी पलटवार की तैयारी में है... इस बीच पूरी दुनिया को इस जंग का जो खामियाजा उठाना पड़ रहा है...उससे छुटकारे की कोशिशें तेज हो गई हैं...संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC के मौजूदा अध्यक्ष बहरीन ने होर्मुज खोलने के लिए जो प्रस्ताव पेश किया है उस पर कल वोटिंग होनी है...प्रस्ताव पास होता है तो होर्मुज से सभी जहाजों की सुरक्षा निगरानी के बीच आवाजाही हो सकेगी.
पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच मालदा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सैकड़ों लोगों की भीड़ ने ट्रिब्यूनल में सुनवाई कर रहे तीन महिला अधिकारियों समेत सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया. यह मामला उन लोगों की सुनवाई से जुड़ा था जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे.घटना की गंभीरता इतनी बढ़ गई कि राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद बंधकों की रिहाई हो सकी. अब सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी समेत कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 6 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया है और जांच एजेंसी से जांच कराने की बात कही है. इस घटना को लेकर बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे चुनावी सियासत और गरमा गई है.
आज का दंगल ईरान की जंग से तंग हो रही दुनिया को लेकर है. जिसमें पहले 3 बडी खबरें बता दें. पहली बड़ी खबर आ रही है कि होर्मुज के बंद होने से दुनिया में जो तेल गैस का हाहाकार मचा है उसे लेकर अब 35 देशों ने साझा कॉन्फरेंस की तैयारी कर ली है. ब्रिटेन में होने वाले इस सम्मेलन में होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का उपाय तलाशना है. एक और बडी खबर है कि बहरीन ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही को लेकर प्रस्ताव लाया है. यूएन और खाडी के देशों ने इसे समर्थन दिया है लेकिन इस प्रस्ताव को पास होने के लिए 9 वोट की जरूरत है और किसी देश का वीटो भी नहीं होना चाहिए. अगर प्रस्ताव पास होता है तो होर्मुज से जहाजों की आवाजाही निगरानी में हो सकती है. तीसरी बडी खबर है कि यूएई से प्रोपेन और ब्यूटेन गैस लेकर भारत के दो जहाज आज मुंबई और न्यू मेंगलोर पहुंच चुके हैं.
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल सबसे ज्यादा गरम नजर आ रहा है, जहां बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. टीएमसी ने वायरल वीडियो के आधार पर चुनाव आयोग और बीजेपी पर फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद यूपी-बिहार के लोगों को मतदाता सूची में जोड़ने का आरोप लगाया है और इसी मुद्दे पर कोलकाता में लगातार प्रदर्शन कर रही है. वहीं बीजेपी ने भी चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए ममता बनर्जी पर अपने कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप लगाया है. इस बीच मामला कलकत्ता हाईकोर्ट भी पहुंचा, जहां अदालत ने साफ कहा कि अधिकारियों के तबादले का अधिकार चुनाव आयोग के पास है और इस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. इन विवादों के बीच बंगाल का चुनावी माहौल और अधिक गर्म होता जा रहा है.
ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हो रही बातचीत नाकाम हो गई है. ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अमेरिका की कोई भी शर्त मानने लायक नहीं है. इस बीच ईरान ने खाड़ी के देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले और तेज कर दिए हैं. ताजा खबर है कि 30 मार्च यानी आज के दिन संयुक्त अरब अमीरात पर ईरान ने ताबड़तोड़ हमले किए, जिसमें 11 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 ड्रोन हमलो को यूएई ने नाकाम करने का दावा किया है. यूएई का कहना है कि अबतक 425 से ज्यादा बैलिस्टिक, 15 क्रूज और 1941 ड्रोन हमले ईरान कर चुका है.
पश्चिम बंगाल और असम में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है. बड़े-बड़े नेता लगातार रैलियां कर रहे हैं, रोड शो हो रहे हैं और हर दिन नए आरोप-प्रत्यारोप सुनने को मिल रहे हैं. विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दे उठाए जा रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच एक मुद्दा सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, वो है घुसपैठ का. दोनों ही राज्यों में राजनीतिक दल इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि सीमा पार से अवैध घुसपैठ न सिर्फ सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे स्थानीय संसाधनों और पहचान पर भी असर पड़ रहा है. वहीं, विपक्ष इन आरोपों को राजनीतिक एजेंडा बताकर खारिज कर रहा है. जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, घुसपैठ का मुद्दा और ज्यादा धार पकड़ता दिख रहा है.
आज सियासी दंगल का अखाड़ा कोलकाता में सजा है. जहां चुनावी मुकाबला सबसे तीखे दौर में प्रवेश कर चुकी है. एक तरफ अमित शाह के पास ममता सरकार के खिलाफ काला चिट्ठा तो दूसरी तरफ ममता बनर्जी की टीएमसी का बीजेपी के खिलाफ आरोपों का पुलिंदा. दोनों पार्टियों ने पूरा जोर लगा दिया. गृहमंत्री अमित शाह ने टीएमसी सरकार के 15 बरसों के कालखंड को भय, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और हिंसा की राजनीति से खंड-खंड कर दिया. शाह ने घुसपैठिए का मुद्दा उठाकर ममता सरकार को घेरा और टीएमसी के खिलाफ चार्जशीट में जगह देकर बता दिया कि बीजेपी किस लाइन लेंथ पर चुनावी बैटिंग कर रही है.
ईरान में जंग के हालात बिगडते ही जा रहे हैं और इसे देखते हुए ही शायद भारत में सरकार पहले से एहतियाती कदम उठा रही है. अब से डेढ़ घंटे बाद पीएम मोदी की राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है. हालांकि ये बैठक वीडियो कॉन्फरेंसिंग से होगी लेकिन इसमें मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी आगामी रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं. क्योंकि सरकार ने फिलहाल तो तेल-गैस के हालात काबू में होने के दावे किये हैं. तेल कंपनियों पर दबाव कम करने के लिए पेट्रोल डीजल पर एक्साइज भी घटा दिया है.
आज का दंगल ईरान की जंग पर भारत में पैदा हो रहे सियासी माहौल को लेकर है. क्योंकि देश के कई राज्यों में पेट्रोल पंपों के ऊपर भीड़ दिखने लगी है तो गैस डीलर्स की दुकानों के बाहर सिलेंडर की कतार नजर आ रही है. इसे लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज कहा है कि देश विरोधी ताकतें तेल-गैस की किल्लत की अफवाह फैला रही हैं. सीएम योगी ने कहा है कि देश में तेल-गैस की किल्लत नहीं है और केंद्र सरकार ने भी कहा है कि देश में तेल-गैस के भंडार में कोई कमी नहीं है.
आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.
आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.
मिडिल ईस्ट की जंग के साइडइफेक्ट देश में भी दिख रहे हैं. देश में गैस और तेल की कमी के बीच आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार की नीति, अभी तक उठाए गए कदमों, युद्ध से प्रभावित देशों से संबंध, कूटनीति पर खुलकर बात की. उन्होंने एक बार फिर दोहराया भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है. पीएम मोदी ने एनर्जी प्लांट्स और नागरिकों पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए इस पर तत्काल रोक की मांग की. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि, भारत का युद्ध में शामिल सभी देशों से अच्छे संबंध हैं. वहीं, उन्होंने इशारों में होर्मुज के रास्ते भारत आ रहे गैस और तेल के जहाज को भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में अभी गैस, तेल और खाद पर्याप्त मात्रा में मौजूद है. भारत के लिए अच्छी खबर ये भी है कि, होर्मुज के रास्ते एलपीजी के 2 और जहाज भारत आ रहे हैं. इन सब बातों के बीच पीएम मोदी ने अफवाहों और कालाबाजारी करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की बात कहते हुए विपक्ष पर निशाना साधा और उसे नसीहत देते हुए कहा कि, अफवाह उड़ाने वालों को सफल नहीं होने देना है. और पीएम ने अपील की देश की संसद से जंग के बीच एकजुटता की आवाज जानी चाहिए. इसके साथ ही मोदी ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए आंकड़े भी गिनाए कि, अब तक ईरान से कितने भारतीय वापस आ चुके हैं.