scorecardresearch
 
Advertisement

दंगल

दंगल: विपक्ष के पास ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोपों को लेकर ठोस सबूत हैं?

11 अक्टूबर 2026

दिल्ली में सड़क पर संग्राम...सत्ता पर वार और सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे दस्तक...इन सभी के केंद्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं जिनको लेकर कॉकरोच जनता पार्टी से लेकर इंडिया गठबंधन की सियासत आग उगल रही है. कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के अंत की भविष्यवाणी की, ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया... साथ ही प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए. लेकिन इससे पहले सड़क की आवाज की गूंज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में सुनाई दी. देखें...

दिल्ली में बिना पुलिस परमिशन क्या CJP का प्रदर्शन जायज है? देखें दंगल

09 अक्टूबर 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का एलान किया है. दिल्ली पुलिस ने मंजूरी नहीं दी है लेकिन प्रदर्शन की तैयारी है. दिल्ली में एहतियातन 57 मेट्रो स्टेशन बंद हैं. 38 टेनें रद्द हैं. जंतर मंतर के आसपास कई सडकों पर बैरिकेडिंग है. दिल्ली बॉर्डर पर एहतियात है. 20 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी दिल्ली में तैनात हैं. सवाल है क्या बिना परमिशन के CJP का ये प्रदर्शन जायज है? देखें दंगल.

दंगल: CEC के इस्तीफे की मांग पर राहुल गांधी बेमियादी आंदोलन करेंगे?

07 अक्टूबर 2026

आज का दंगल चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के आंदोलन को लेकर है...ये आंदोलन आज भी जारी है. दोपहर में लंच के बाद राहुल गांधी ने एलान किया है कि इंडिया गठबंधन के सांसद अब जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगे क्योंकि कल चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों ने 300 विपक्षी सांसदों से मुलाकात नहीं की. हालांकि राहुल गांधी और दूसरे प्रदर्शनकारियों को पुलिस जंतर मंतर की ओर बढने से रोका हुआ है लेकिन दिल्ली में आज कश्मीरी गेट इलाके में भी प्रदर्शन हुआ जहां पास में ही दिल्ली चुनाव आयोग का दफ्तर है. देखें...

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस से क्या EC की विश्वसनीयता पर उठे गंभीर सवाल? देखें दंगल

05 अक्टूबर 2026

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई..कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस देकर जवाब मांगा। अदालत में ज्ञानेश कुमार पर जो बड़े आरोप लगाए गए थे उनमें कथित तौर पर 14 फैसले अपनी मर्जी से करने के आरोप थे और उसमें सबसे बड़ा फैसला फॉर्म-6 के साथ लगे एनेक्सर-डी वाले हलफनामे को लेकर था. सवाल है कि अगर EC ने अपनी शक्तियों के तहत ऐसा किया तो क्या उसमें संवैधानिक और कानूनी पहलुओं का ध्यान रखा गया? देखें दंगल.

अखिलेश के बयान के बाद क्या सपा-कांग्रेस में और बढ़ेगा घमासान? देखें दंगल

04 अक्टूबर 2026

यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर खींचतान शुरू हुई तो डैमेज कंट्रोल करने अखिलेश यादव सामने आए. 2027 यूपी विधानसभा चुनाव में सीटों पर कांग्रेस ज्यादा हिस्सेदारी चाहती है, जबकि सपा पुराने आंकड़े बताकर कांग्रेस को उसकी सियासी हैसियत समझा रही है. इस उठापटक पर बीजेपी चुटकी ले रही है. ऐसे में सवाल है कि क्या सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का ये विवाद सुलझ पाएगा? देखें दंगल.

देशव्यापी आंदोलन के दबाव में क्या EC ने स्पेशल ड्राइव का लिया फैसला? देखें दंगल

02 अक्टूबर 2026

मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रदर्शन किया. मुंबई के अलावा दिल्ली में भी प्रदर्शन हुआ. सारे विपक्षी दल एक सुर में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इस बीच चुनाव आयोग ने SIR में काटे गए वोटर्स का नाम फिर से जोड़ने के लिए स्पेशल ड्राइव चलाने का फैसला किया है. ऐसे में सवाल है, क्या ये स्पेशल ड्राइव EC का गड़बड़ियों का कबूलनामा है? देखें दंगल.

दंगल: अखिलेश यादव ने राजयसभा के लिए नथवानी को चुनकर क्या संदेश दिया?

30 सितंबर 2026

उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर एक नया मोड़ आ गया है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव के लिए धनराज नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाकर सबको हैरान कर दिया है. धनराज नाथवानी दिग्गज उद्योगपति परिमल नाथवानी के बेटे हैं जो रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े हैं. इस फैसले के बाद विपक्षी दलों और सियासी गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है. कांग्रेस जहां एक तरफ देश में पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है वहीं उनके गठबंधन सहयोगी अखिलेश यादव ने अंबानी के करीबी को टिकट दे दिया है. इस फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने भी समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. देखें...

दंगल: वोट-चोरी के मुद्दे पर विपक्ष अबकी बार सरकार को घेर पाएगा?

29 सितंबर 2026

आज का दंगल चुनाव आयोग से जुडे खुलासों और एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के आरोपों और नीतियों पर है. आरोप ये है कि चुनाव आयोग ने वाजिब वोटर्स के नाम एसआईआर के बहाने काट दिये हैं और रणनीति ये है कि 2 अक्टूबर से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाराष्ट्र में बडा आंदोलन छेडा जाएगा. कॉकरोच जनता पार्टी से लेकर उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे सब आंदोलन कर रहे हैं...इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी की चिट्ठी पर भी चर्चा है जिसमें उन्हो्ंने वोटर के नाम काटने जोडने पर आखिरी फैसले का अधिकारी ईआरओ को देने की मांग की है. देखें...

यूपी चुनाव से पहले क्या टूट जाएगा सपा-कांग्रेस गठबंधन? देखें दंगल

28 सितंबर 2026

यूपी चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन के दो दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी थम नहीं रही. अब खबर आई है कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से जुड़े खुलासों के बाद 30 सितंबर को दिल्ली में जो बैठक बुलाई है, उस बैठक में अखिलेश नहीं जा रहे हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि जब सपा और कांग्रेस मुद्दों में एक राय नहीं तो क्या चुनाव में मजबूत गठबंधन बन पाएगा? देखें दंगल

चुनाव आयोग पर 'लड़ाई' क्या BJP Vs विपक्ष की जंग में बदल गई? देखें दंगल

27 सितंबर 2026

चुनाव आयोग पर घमासान थमने के बजाय और गहरा गया है. चुनाव आयोग ने कई सवालों पर अपना पक्ष रखा. कहा- SIR का फैसला सर्वसम्मत था, लेकिन सियासत पूछ रही है अगर सब कुछ इतना स्पष्ट था, तो आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों को क्यों नजरअंदाज क्यों किया गया? क्या वाकई EC से भरोसा टूट रहा है या जानबूझकर सियासी पार्टियां तोड़ने की कोशिश कर रही है? देखें दंगल.

दंगल: CEC समेत तीनों आयुक्तों को अब आरोपों-अफवाहों पर बयान देना चाहिए?

25 सितंबर 2026

आज का दंगल चुनाव आयोग के नाम पर चल रही राजनीति को लेकर है...दो दिन पहले अखबार के खुलासे पर कांगरेस पार्टी ने चुनाव आयोग पर संगीन सवाल खडे किये...पूरा विपक्ष कह रहा है कि चुनाव आयोग कॉम्प्रोमाइज्ड है और चुनाव ठीक नहीं हो रहे...पूरे विपक्ष ने मिलकर चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान चलाने की बात भी कही लेकिन आज के प्रोटेस्ट में सडक पर सिर्फ कांगरेस नजर आई...और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांगरेस इतनी कनविन्स्ड है कि अब 2 और नये आरोप मीडिया में आई रिपोर्ट्स के हवाले से लगाए हैं...कांगरेस ने एक तो कहा है कि चुनाव आयोग ने वीआईपी और सामान्य वोटर के दो वर्ग बना दिये हैं...दूसरा कहा कि 2024 के बाद नये वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट में नहीं दाखिल हो रहा है.

क्या चुनाव आयोग में कुछ असंवैधानिक हो रहा? देखें दंगल

23 सितंबर 2026

आज का दंगल देश की सबसे बडी खबर पर है...क्योंकि आज भारत की राजनीति में शायद ही कोई ऐसा विपक्षी दल है जो चुनाव आयोग से जुडे खुलासों को लेकर सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नहीं बोल रहा हो. दरअसल खुलासे ही ऐसे हुए हैं कि देश के अंदर हो रही पूरी चुनाव प्रक्रिया पर बहस छिड गई है...और वो इसलिए क्योंकि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ है कि VISIN 28 अक्टूबर 2025 से 14 अगस्त 2026 यानी करीब साढे दस महीनों में 14 ऐसे मौके आए जब 3 सदस्यों वाले चुनाव आयोग में किसी न किसी सदस्य ने किये जा रहे फैसले से असहमति या नाराजगी जताई.

हल्ला बोल: जमुई कांड में 'यादव' आरोपी और 'भगवा' गमछा बीच में क्यों आया?

22 सितंबर 2026

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ हुई शर्मनाक घटना पर आज पुलिस ने 2 आरोपियों नंदन यादव और हरे राम यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. 3 नाबालिग आरोपी कल ही पकड़े गए थे. मंत्री श्रेयसी सिंह मोरल पुलिसिंग को लेकर दिए गए बयान पर घिरीं तो उधर पकड़े गए आरोपियों की यादव जाति बनाम एक आरोपी के भगवा गमछे पर आर-पार की लड़ाई छिड़ी है. बीजेपी ने आरोपी को लालू का चेला बताया है. सवाल ये है कि 'यादव' आरोपी और 'भगवा' गमछा बीच में क्यों आया? देखें अंजना के सा‍थ हल्ला बोल.

IIT बॉम्बे के साहिल सुसाइड केस में क्या SC/ST एक्ट सही? देखें दंगल

22 सितंबर 2026

आज का दंगल IIT बॉम्बे में 22 साल के स्टूडेंट साहिल की खुदकुशी के बाद पैदा हुए हालात पर है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या कैंपस में स्टूडेंट की हत्या के केस में प्रोफेसर डूल्ला को गलत तरीके से एससी एसटी केस में फंसाया जा रहा है? फिर साहिल के परिवार के आरोपों के मुताबिक कैंपस के अंदर का सच कुछ और है. साहिल की दुखद मौत का असली कारण क्या था? क्या परिवार, समाज और बेस्ट परफॉर्मेंस का दबाव था? क्या सचमुच कैंपस में उसे जातिगत रूप से प्रताडित किया जा रहा था? क्या उसकी मौत को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है?

दिल्ली में SIR के नोटिस पर विपक्ष के आरोपों में कितना दम? देखें दंगल

21 सितंबर 2026

दिल्ली के 33 लाख से ज्यादा वोटर्स को चुनाव आयोग का नोटिस मिला है जो अपना दस्तावेज सुधारने के चक्कर में फंसे हैं. चुनाव आयुक्त से लेकर लालकृष्ण आडवाणी तक, जगदीप धनखड से लेकर एस जयशंकर तक, ना जाने कितने वीवीआईपी हैं जिन्हें चुनाव आयोग का नोटिस मिला है. दिल्ली के एसआईआर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसी पर देखें आज का दंगल.

राहुल गांधी के इवेंट में पीएम मोदी की मिमिक्री कर लांघी मर्यादा? देखें दंगल

20 सितंबर 2026

इंदौर में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में कॉमेडियन पुलकित मणि की एंट्री हुई. इसी दौरान पीएम मोदी की मिमिक्री और राहुल का कॉमेडियन के साथ संवाद बड़ा सियासी मुद्दा बन गया. मुद्दे छात्रों के थे, लेकिन राहुल गांधी के सामने विवाद मां तक पहुंच गया. बीजेपी का दावा है कि पीएम मोदी ने जहां एक बुजुर्ग मां का सम्मान किया वहीं राहुल गांधी ने अपने कार्यक्रम में एक मां का मजाक उड़ाया. इसी पर देखें दंगल.

बंगाल उपचुनाव में ज्यादती के सवाल क्यों उठ रहे? देखें दंगल

19 सितंबर 2026

पश्चिम बंगाल में होने जा रहे उपचुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है. विशेष रूप से नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर चल रहा सियासी घमासान अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुका है. नंदीग्राम में तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे द्वारा नामांकन वापस लेने और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद सियासी समीकरण तेजी से बदले हैं. इसके तुरंत बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की. लेकिन इस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने मिलन प्रधान को पुराने मामलों में गिरफ्तार कर लिया. देखें...

दंगल: बगावत के विवाद में TMC का नाम-निशान को फ्रीज करना असंवैधानिक है?

18 सितंबर 2026

आज का दंगल बंगाल में ममता बनर्जी को लगे दोहरे झटके पर है...पहला झटका तो ये है कि 28 साल से ममता ने जिस दल को सींचा...15 साल तक जिस नाम-निशान के साथ सत्ता चलाई...वो चुनाव आयोग के हत्थे चढ़ गया है. ऑल इंडिया तृणमूल कांगरेस औऱ जोडा फूल का चुनाव चिह्न फ्रीज हो गया है. ममता ने चुनाव चिह्न और नाम फ्रीज करने को दुर्भावना से परेरित फैसला कहा और कल के दिन को काला दिवस कहा है...वैसे नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी की पार्टी को नया नाम ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांगरेस मिला है और चुनाव चिह्न के तौर पर फुटबॉल खेलता हुआ खिलाडी मिला है.

दंगल: जंतर-मंतर आंदोलन के बाद शिक्षा पर चर्चा गंभीर या सिर्फ सियासत?

16 सितंबर 2026

आज का दंगल देश में शिक्षा को लेकर हुए सियासी जागरण पर है...जब से दिल्ली में जंतर मंतर का आंदोलन हुआ है. जेन-जी और जेन-अल्फा के मुद्दों की चर्चा होने लगी है...कॉकरोच जनता पार्टी वाले चुनिंदा स्कूलों का ऑडिट करने लगे हैं...राहुल गांधी छात्रों की गूंज करते चल ही रहे हैं...बीजेपी सरकारें स्कूलों पर ध्यान देने लगी है...आज खबर आई कि अब यूपी के 14 हजार से अधिक बेसिक स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाया जाएगा. 300 करोड का फंड भी दे दिया गया....कॉकरोच जनता पार्टी इसे अपनी कामयाबी बताती है कि 15 सितंबर से यूपी के नोएडा में स्कूल ठीक करो अभियान क्या शुरू किया, सरकार स्कूलों को स्मार्ट बनाने की बातें करने लगी है. देखें...

दंगल: क्या ₹2000 से अधिक के UPI लेनदेन पर चार्ज की अफवाह विपक्ष उड़ा रहा?

15 सितंबर 2026

आज का दंगल देशवासियों की जेब से जुडी खबर पर है...खबर ये है कि न तो 2000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर कोई चार्ज लगाया जा सकेगा और न रुपे कार्ड से लेनदेन पर. सरकार ने बस इतनी सी खबर गैजेट नोटिफिकेशन में बताई है. अब विपक्ष कह रहा है कि इसका मतलब है कि 2 हजार से ज्यादा के यूपीआई लेनदेन पर अब चार्ज वसूलने की तैयारी हो चुकी है. जिसे मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर कहते हैं. ये वो सर्विस फीस या कमीशन है जो एक दुकानदार डिजिटल पेमेंट लेने के बदले बैंक और पेमेंट कंपनियों को चुकाता है. देखें...

महिला उद्यमी क्रेडिट स्कीम क्या यूपी में बनेगी BJP का 'ट्रंप कार्ड'? देखें दंगल

14 सितंबर 2026

यूपी सरकार ने महिला वोट को साधने के लिए ताबड़तोड़ योजनाएं और घोषणाएं की हैं. चाहे वो 1 करोड़ बुजुर्ग महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा हो, करीब 3 लाख आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में 50 फीसदी की बढोतरी या फिर 1 करोड़ महिलाओं को 1-1 लाख के ब्याजमुक्त कर्ज देने की योजना. ऐसे में सवाल है कि यूपी में ये महिला-केंद्रित योजनाएं बीजेपी का 'ट्रंप कार्ड' साबित होंगी? देखें दंगल.

Advertisement
Advertisement