पंजाब कांग्रेस में घमासान मचा है. गुटबाजी की गूंज जब दिल्ली पहुंची तो भूपेश बघेल को आनन-फानन में पंजाब भेजा गया. भूपेश बघेल ने चरणजीत सिंह चन्नी गुट की नाराजगी दूर करने की कोशिश की. घंटों बैठक हुई लेकिन ना नाराजगी खत्म हुई और ना ही बयानबाजी. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंजाब में कांग्रेस 2027 की लड़ाई कैसे लड़ेगी? देखें दंगल.
मध्यप्रदेश का दतिया... मां पीतांबरा की नगरी...आस्था की धरती, लेकिन आज यही दतिया एक ऐसे सवाल का केंद्र बन गया है, जो सिर्फ मध्य प्रदेश नहीं, पूरी बीजेपी से जवाब मांग रहा है. आखिर एक टिकट के लिए दतिया में बवाल क्यों हुआ. क्यों दतिया में बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के समर्थक हिंसक हो गए. बीजेपी ने दशकों तक कहा कि कार्यकर्ता हमारी ताकत है... संगठन हमारी पहचान है... आज उसी पार्टी के कार्यकर्ता अपनी ही सरकार की पुलिस पर पत्थर फेंक रहे हैं. देखें दंगल.
हर गुजरते हफ्ते के साथ मंदिर में भ्रष्टाचार का मामला रंग बदल रहा है...राजनीति की लहरों पर सवार ये मुद्दा संगठित भ्रष्टाचार से आगे बढ़कर आस्तिक-नास्तिक तक गया...फिर मंदिर-मस्जिद तक गया...फिर बाबर-औरंगजेब से लेकर वक्फ-कब्रिस्तान के रास्ते अब नमाज-इफ्तार तक पहुंच चुका है...क्योंकि आज ही अयोध्या के बीकापुर की रैली में सीएम योगी ने आरोप लगाया है कि समाजवादी पार्टी और कांगरेस की सरकार में अयोध्या की हनुमानगढी की सीढियों पर नमाज पढा दी गई थी. देखें दंगल.
आज का दंगल उत्तर प्रदेश में चल रही धर्म-मजहब-वक्फ-बाबर-कब्रिस्तान वाली राजनीति पर है. और ये राजनीति कुछ ऐसी हो रही है कि जब से राम मंदिर में चोरी का मुद्दा सामने आया है...समाजवादी पार्टी लगातार आस्था-भक्ति-मंदिर की ज्यादा ही चर्चा करने लगी है...अखिलेश के ज्यादातर बयानों में केदारेश्वर मंदिर का जिक्र हो रहा है...कभी अखिलेश शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में 81 दिवसीय गौरक्षा आंदोलन की शुरुआत करते नजर आते हैं...कभी अखिलेश के सांसद ब्राह्मण सम्मेलन करते नजर आते हैं. देखें दंगल.
आज का दंगल अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में हुए सुधार और बरकरार सवालों को लेकर है. सुधार का दावा ये है कि मंदिर ट्रस्ट के नये महासचिव ने कार्यभार संभाल लिया. दान प्रबंधन के लिए ज्यादा सुरक्षित उपाय लागू किए जा चुके हैं. इस बीच बडी खबर आ रही है कि गोपाल राव ने ट्रस्ट से निकाले जाने की खबर का खंडन किया है. कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी से मुलाकात के बाद गोपाल राव ने कहा है कि गलत संदेश दिया जा रहा है वो कहीं नहीं जा रहे. देखें दंगल.
आज का दंगल राम मंदिर चोरी कांड में जवाबदेही के टोपी ट्रांसफर वाले खेल को लेकर है...राम मंदिर में चोरी की जांच एसआईटी कर रही है...जिनके पास पैसे मिले वो गिरफ्तार हो गए...शुरुआती रिपोर्ट में ही जिन पर अंगुली उठी उनका इस्तीफा हो गया...लेकिन अब जैसे जैसे अंतरिम रिपोर्ट के खुलासे हो रहे हैं...कार्रवाई पर सवाल खडे हो रहे हैं...विपक्ष पूछ रहा है कि इस्तीफा तो हुआ FIR कब होगी. देखें दंगल.
चढ़ावा चोरी विवाद के बाद सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक हुई. जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया. लेकिन चढ़ावा चोरी मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या चंपत राय के इस्तीफे से घोटाले की सारी कहानी खत्म हो जाएगी? क्या ट्रस्ट पर राम भक्तों का भरोसा लौट पाएगा? देखें दंगल.
सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक होगी। जिसमें चढ़ावा चोरी मामले पर एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट रखी जाएगी. सुरक्षा, वित्तीय लेखा-जोखा, मंदिर संचालन और भविष्य की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा होगी. लेकिन इन तमाम एजेंडों के बीच सबसे ज्यादा नजर एक फैसले पर रहेगी. क्या चंपत राय अपनी भूमिका में बने रहेंगे या नई व्यवस्था का रास्ता खुलेगा? देखें दंगल.
उत्तर प्रदेश... राजनीति का वह रणक्षेत्र, जहां जीत-हार देश की तकदीर भी बदलती रही है. इस बार 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव काफी अहम है. यूपी में चुनाव अगले साल होना है लेकिन सियासत ने इंतजार करना छोड़ दिया. तैयारी शुरु हो चुकी है. पहली बार बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन लखनऊ के दौरे पर हैं. संदेश साफ है कि संगठन चुनावी मोड में आ चुका है. बूथ से लेकर मंडल तक... कार्यकर्ताओं से लेकर नेतृत्व तक...2027 की बिसात बिछाई जा रही है. देखें दंगल.
आज का दंगल हम राम मंदिर के चढावा चोरी पर हो रही राजनीति को लेकर कर रहे हैं...राजनीति ऐसी है कि अयोध्या की चोरी का असर महाराष्ट्र की सियासत में हो रहा है...अपनी पार्टी की रक्षा में नाकाम साबित हो रहे उद्धव अयोध्या में राम मंदिर के चढावा चोरी कांड के बाद राम रक्षा आंदोलन शुरू करने वाले हैं...आज ही घोषणा की है कि रविवार को दादर में हनुमान चालीसा होगी...और महाराष्ट्र से शुरू हुआ ये जागरूकता आंदोलन उत्तर प्रदेश तक जाएगा. देखें दंगल.
दिल्ली में देश के लिए जरूरी बिल पास कराने के लिए केंद्र का जो मिशन दो तिहाई शुरू हुआ है...उसकी बानगी बंगाल से महाराष्ट्र तक दिख रही है...महाराष्ट्र में उद्धव की पार्टी पहले टूटी...फिर टूटी हुई पार्टी दोबारा टूटी...इसी तरह पवार की एनसीपी पहले टूटी है...और अब टूटी एनसीपी में भी दोबारा टूट की चर्चा हो रही है...पिछले महीने 8 में से 5 सांसदों की टूट की जो अफवाह की हवा उडी थी वो दिल्ली से और मजूबत होकर लौटी है. देखें दंगल.
आज का दंगल भारत और पाकिस्तान के बीच दोस्ती बढाने की वकालत करने वाली एक चिट्ठी पर है...ये चिट्ठी कहने को तो भारत और पाकिस्तान की सिविल सोसाइटी की पहल है...जिस पर भारत में 61 और पाकिस्तान के 56 लोगों के दस्तखत हैं...चिट्ठी का मजमून कुछ ऐसा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जमी बर्फ पिघले, बातचीत-कारोबार-व्यापार चालू हो और फिर लगे हाथ जम्मू कश्मीर की भी चर्चा हो जाए. देखें दंगल.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी में अब मुसलमान का विमर्श पैदा किया जा रहा है. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा हैं कि अगर इस ट्रस्ट में मुसलमान होता तो उसे गोली मार दी जाती और मामला रफा दफा हो जाता. ऐसे में सवाल है कि राम दान की चोरी के बहाने और किस-किस पटरी पर पॉलिटिकल रेल दौड़ रही है? देखें दंगल.
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर यूपी की सियासत गर्माई हुई है. सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की फिक्र छोडें, हिम्मत है तो अखिलेश मथुरा पर बोल कर दिखाएं. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की आवाज उठाएं. बीजेपी के हिंदुत्व की सियासत के मुकाबले विपक्ष भ्रष्टाचार के मोर्चे पर बीजेपी को घेर रहा है. अयोध्या से निकली सियासत मथुरा तक पहुंच चुकी है. इसी पर देखें दंगल.
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. ऐसे में सवाल है कि चढ़ावा चोरी का 2027 यूपी चुनाव पर क्या असर होगा? देखें दंगल.
अयोध्या में रामलला के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला अब सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं रह गया है. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. अब सवाल सिर्फ आरोपियों का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की जवाबदेही का है... रामभक्तों के चढ़ावे की कथित चोरी मामले में जांच लगातार नए राज खोल रही है. पुलिस के मुताबिक अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब 80 लाख रुपये की बरामदगी की गई है. देखें...
आज का दंगल अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढावा चोरी को लेकर है. राम के दान की चोरी और अमानत में खयानत का ये संपूर्ण अयोध्या कांड इतना अफसोसनाक है कि कबीरदास ने जो पांच इंद्रियों, पच्चीस विकारों और तीन तत्वों वाले चोर से सतर्क रहने की जो सीख दी थी...वो आज राम मंदिर मामले में सटीक बैठती दिख रही है...क्योंकि यहां पांच की जगह चोरी के 8 आरोपी 14 दिन की हिरासत में जेल गए हैं...पता नहीं और कितने बचे हैं. देखें दंगल.
भारत की अधिकांश जनता के पास आज एक ऐसा कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं है जो साबित करे कि वो भारत का नागरिक है...क्योंकि आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट ये सब देश के अलग अलग कानूनों के हिसाब से बने पहचान पत्र हैं...लेकिन नागरिकता की पहचान नहीं...यही बखेड़ा फिर खडा हुआ है...दरअसल विदेश मंत्रालय ने कह दिया कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकता की पहचान नहीं है...अब सियासी दल फिर से सवाल उठाने लगे कि फिर भारतीयता की पहचान क्या है. देखें दंगल.
देश में इन दिनों भगवान राम को मिले दान की चोरी को लेकर बडी अफसोसनाक चर्चा है...आरोप है कि रामजी के दान को रामजी की सेवा में लगे चोर ही चुरा ले गए हैं...जांच चल रही है. चोरों का कुछ पता तो चला है लेकिन सिर्फ सरकार को, जनता को तो ये भी पता नहीं है कि उनके दान के सामान भगवान की सेवा में काम आए भी या नहीं...क्योंकि जब से दान चोरी की बात सामने आई है...लोग अपने अपने दान को लेकर आशंकित है कि भगवान राम के चरणों में अर्पित उनका दान भगवान के पास ही पहुंचा या चोर खा गए. देखें दंगल.
आज का दंगल कल लखनऊ में हुए आग हादसे को लेकर है. क्योंकि हमारे देश में न तो करप्शन खत्म हो सकता है, न आग-हादसे. वरना लखनऊ जैसे शहर में जहां सरकार ही बैठती है, वहां अलीगंज जैसे पॉश इलाके में ये हादसा नहीं होता. अब सरकार ने फिर से एक एसआईटी बना दी. वो जांच कर रही है. सबसे पहले इमारत के मालिक, दफ्तर के मालिक समेत 4 लोग जेल भेज दिये गए हैं.
महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद अब नए सियासी घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है. शिवसेना विधायक मुरजी पटेल ने दावा किया है कि सांसदों के बाद जल्द ही एक और बड़ा राजनीतिक ऑपरेशन शुरू हो सकता है. इस बीच उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई विधानमंडल दल की बैठक में कई विधायक और विधान परिषद सदस्य अनुपस्थित रहे, जिससे पार्टी में संभावित असंतोष और टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि यूबीटी नेतृत्व पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश में जुटा है. दूसरी ओर बीजेपी विधायक आशीष देशमुख ने लगातार हो रही राजनीतिक टूट-फूट पर चिंता जताते हुए कहा कि अत्यधिक दल-बदल से राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है.