बीेजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों ने ही आधी आबादी यानी महिलाओं के लिए चुनावी सौगातों की बौछार कर दी है...बीजेपी ने 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए आजीवन मुफ्त बस यात्रा योजना की शुरुआत की तो समाजवादी पार्टी ने 40 हजार रुपये सालाना नकद की योजना का वादा किया है...यूपी के कुल इलेक्टोरेट में 45-46 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली महिला वोटर चुनाव के दौरान पुरुषों से आगे बढकर 62-64 फीसदी तक वोट डालती हैं. देखें दंगल.
आज का दंगल देश में चल रही जनगणना पर है. देश में 15 साल बाद जनगणना हो रही है. कुछ पहाड़ी राज्यों में शुरू हो चुकी है. मैदानी राज्यों में फरवरी से शुरू होगी. लेकिन इस जनगणना को लेकर कांगरेस पार्टी लगातार सवाल उठा रही है. सवाल जाति गिनती का है. क्योंकि 14 अगस्त को जो सरकारी गजट अधिसूचना जारी हुई है. उसमें 40 सवालों में 10वें नंबर का सवाल जाति पर है. कॉलम में एससी-एसटी की जातियों का तो जिक्र है लेकिन ओबीसी की लिस्ट नहीं है. देखें...
चीनी पर इन दिनों देश की सियासत गर्माई हुई है. 5 हफ्तों में चीनी के 20 रुपए तक दाम बढ़ गए हैं. केंद्र सरकार का कहना है कि चीनी का उत्पादन अनुमान से कम है क्योंकि अल नीनो से गन्ने की फसल खराब हो गई है. विपक्ष कह रहा है कि जब सरकार गन्ने से इथेनॉल बनवाएगी तो चीनी तो महंगी होनी ही है. क्या देश में चीनी की महंगाई के पीछे इथेनॉल कनेक्शन है? देखें दंगल.
आरक्षण पर फिर सड़कों से सवाल उठे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर से उठी आवाज अब यूपी पहुंच गई है. लखनऊ में आरक्षण में बदलाव की मांग को लेकर मार्च किया गया. अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ये मुद्दा गरमाने लगा है. यूपी से लेकर दिल्ली तक सियासत आसमान छू रही है. इसी पर देखें आज का 'दंगल'.
आज दिल्ली से पुणे तक सियासी दंगल का मैदान सजा है. कहते हैं सियासत में तस्वीरें बहुत कुछ कहती हैं... और आज दिल्ली से पुणे तक दो तस्वीरें हैं.... दो रणनीतियां हैं और दो सियासी रास्ते हैं. नवीन की तीन बैठकों में संगठन की नब्ज टटोली जा रही है...चुनावी रणनीति को धार दी जा रही है... राज्यों से लेकर जमीन तक पार्टी की पकड़ मजबूत करने का खाका खींचा जा रहा है. देश के युवाओं का दिल जीतने और अपनी बात उनतक पहुंचाने के लिए मंथन किया जा रहा है. देखें...
दिल्ली में एक महीने पहले एक धरना प्रदर्शन हुआ था...एक महीने बाद फिर धरना हो रहा है...लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पर धरना दे रहे हैं...मांग है कि 20 जुलाई को सीजेपी प्रोटेस्ट में जिन छात्रों पर पेलेट गन चलाई गई...उनकी आंख फोड दी गई...उसकी एफआईआर पुलिस नहीं लिख रही है...बीजेपी का कहना है कि कल ही सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस की अगुआई में 5 सदस्यों की हाईपावर्ड कमेटी बना दी है जो पेलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन समेत तमाम आरोपों की जांच करेगी. देखें दंगल.
दंगल में हम देश में इन दिनों की सियासत के सबसे बडे मुद्दे की अक्सर चर्चा कर रहे हैं...ये मुद्दा जेन-जी का है, ये मुद्दा जेन-अल्फा का है. देश की टेडिशनल पॉलिटिक्स से अलग इस नई पीढी ने सरकारों और राजनीतिक दलों की राजनीति का फॉर्मूला बदल दिया है...अब देश के कैबिनेट की बैठक में जेन-जी कनेक्ट के लिए नीतियां बन रही हैं...अब देश के राजनेता जाति जनगणना से आगे बढकर छात्रों की गूंज करते नजर आ रहे हैं. देखें दंगल.
आज का दंगल यूपी में मचे सियासी संग्राम पर है. ये संग्राम पक्ष विपक्ष के बीच भी है और एक ही पक्ष के अंदर भी है...पक्ष विपक्ष के बीच सियासत की वजह जहां आजम खान के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी रही तो आज समाजवादी पार्टी के विधायक औऱ कांगरेस के सांसद के बीच सरेआम सरकारी बैठक में तूतू मैंमैं भी सियासत की सुर्खियां बन रही हैं. देखें दंगल.
पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का धरना शुरू होने के साढ़े चार घंटे भी नहीं गुजरे कि बीपीेेएससी ने विज्ञापन निकाल दिया. 1 सितंबर से 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे. BPSC ने कुल 32, 388 पदों पर भर्तियां निकाली हैं. ऐसे में सवाल है कि दिल्ली, रांची में आंदोलन के डर ने बिहार सरकार को छात्रों की मांगें मानने मजबूर किया? देखें दंगल.
15 अगस्त को पीएम मोदी ने देश की चुनौतियों का जिक्र करते हुए 'दिमागी नक्सल' वर्ग से सावधान रहने की नसीहत दी थी. पीएम ने खासकर युवा पीढ़ी को ऐसे वर्ग से बचाने की बात कही. इसे लेकर पहले तो जेन-जी आंदोलन का चेहरा बने सीजेपी ने ऐतराज जताया फिर अचानक पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम् ने खुद को दिमागी नक्सली बताकर गर्व किया. इसके बाद महबूबा मुफ्ती से केजरीवाल तक सबने खुद को दिमागी नक्सली घोषित करना शुरू कर दिया. ऐसे में सवाल है कि विपक्षी दल खुद को क्यों दिमागी नक्सली साबित करने पर तुले हैं? देखें दंगल.
वंदे मातरम सियासत के केंद्र में है. 15 अगस्त को इसके गायन के दौरान सोनिया गांधी के खड़गे से बातचीत करने का वीडियो सामने आया, तो बीजेपी ने इसे राष्ट्रीय गीत के अपमान का मुद्दा बना दिया. सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत तक दर्ज हो चुकी है. तो क्या ये विवाद फिलहाल थमने वाला नहीं है? इसी पर देखें दंगल.
लाल किले की प्राचीर से आज देश ने सिर्फ एक भाषण नहीं सुना...एक विजन सुना, एक चेतावनी सुनी और एक राजनीतिक बहस की शुरुआत भी देखी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 के विकसित भारत का विजन रखा...युवा शक्ति, आत्मनिर्भरता... AI, सेमीकंडक्टर, परमाणु ऊर्जा और नक्सलवाद पर बात की. साथ ही उन्होंने 'दिमागी नक्सल' से सावधान रहने को कहा. लेकिन इसी भाषण में आया 'दिमागी नक्सल' वाला बयान अब सबसे बड़ा सियासी सवाल बन गया है. देखें दंगल.
सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद की NALSAR यानी नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च लॉ यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को जमकर फटकार लगाई. CJI सूर्यकांत ने कहा कि, भले ही छात्रों का फैसला गलत हो या उन्हें किसी ने गलत सलाह दी हो, फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का पूरा अधिकार है... जस्टिस सूर्यकांत ने BCI के उस सर्कुलर पर भी नाराजगी जताई जिसमें NALSAR के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर एनरोलमेंट रोकने को कहा गया था. देखें...
गया मानसून सत्र जिद में... ये हम नहीं कह रहे... देश की जनता कह रही है... क्योंकि, पेपरलीक केस में छात्र आंदोलन पर हंगामे से शुरू हुआ सत्र आखिर तक हंगामे की भेंट चढ़ा रहा... जिस मानसून सत्र में कुल 114 घंटे काम होना था... वहां लोकसभा में सिर्फ 17.5 घंटे ही काम हो सका... जबकि, राज्यसभा में महज 37.4 घंटे ही कार्यवाही हो सकी... यानी सदन नहीं चलने से जनता की गाड़ी कमाई के कुल 129.82 करोड़ रुपए स्वाहा हो गए. देखें...
चाहें जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन रहा हो... या रांची में चल रहा छात्रों का आंदोलन... दोनों आंदोलनों का आधार पेपर लीक के खिलाफ आक्रोश है... दोनों आंदोलनों में मुख्य मुद्दा सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग है... पेपर लीक रोकना और सही से परीक्षा कराना जो जिम्मेदारी सरकार की थी... उसके लिए भी छात्रों को आंदोलन करना पड़ रहा है... सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने की सजा लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले के रूप में छात्रों को मिल रही है. देखें दंगल.
आज हम आपके लिए एक ऐसा सर्वे लेकर आए हैं... जो बताएगा कि, देश में मौजूदा समय में Gen-Z का मिजाज क्या है... इस सर्वे से आप इसलिए और कनेक्ट महसूस करेंगे क्योंकि, हर घर में Gen-Z या Gen अल्फा मौजूद हैं... और वो देश की मौजूदा सियासत को लेकर क्या सोचते हैं... उनका मूड कैसा है... पूरे देश में ये सर्वे सी-वोटर ने किया है... हर राज्य के करीब करीब हर जिले में 18 साल से 35 साल तक के युवाओं की टेलिफोनिक सर्वे के जरिए राय ली गई... इसका सैंपल साइज 1270 है... इसे 8 अगस्त को किया गया. देखें दंगल.
रांची में छात्र आंदोलन की आंधी में बैरिकेड्स तिनके की तरह बिखर गए. प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड विधानसभा के गेट के पास तक पहुंच गए. उन्हें रोकने पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, टियर गैस का इस्तेमाल किया, लेकिन छात्रों का सैलाब नहीं थमा. सरकार की ओर से छात्रों की कई मांगों पर सहमति जताकर आंदोलन खत्म कराने की कोशिश की गई, लेकिन CBI जांच समेत कुछ अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी. सवाल है, क्या आंदोलन से ही समाधान निकलेगा? देखें दंगल.
13 अगस्त तक चलने वाला संसद का मॉनसून सत्र अब अपने आखिरी पड़ाव पर है. लेकिन कई बड़े मुद्दे अब भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की वजह बने हुए हैं. विपक्ष चर्चा और जवाब मांग रहा है. FCRA संशोधन, महिला आरक्षण, परिसीमन और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दे विपक्ष की लिस्ट में सबसे ऊपर है. सवाल है, मॉनसून सत्र के बचे हुए दिन टकराव बढ़ाएंगे या लोकतंत्र को संवाद की तरफ लौटाएंगे? देखें दंगल.
भारत की राजनीति में एक नई पीढ़ी दस्तक दे रही है.....और इस दस्तक को नजरअंदाज करना अब किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं है. बात हो रही है Gen Z की... एक ऐसी पीढ़ी जो मोबाइल और इंटरनेट के साथ बड़ी हुई, लेकिन अब उसके हाथ में सिर्फ स्मार्टफोन नहीं... वोट की ताकत भी है. आज IIT दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के भविष्य, तकनीक और विकसित भारत की बात की । वहीं प्रयागराज में राहुल गांधी छात्रों के बीच पहुंचने वाले हैं. देखें दंगल.
दंगल में हम लगातार देश के नौजवानों के मुद्दे उठाते रहे हैं...और आशाजनक बात ये है कि जंतर मंतर के आंदोलन के बाद अब देश की राजनीति, राजनेता और सिस्टम भी नौजवानों यानी जेन जी को बडी संजीदगी से लेने लगा है. ये बदलाव आप भी नोट कर रहे होंगे कि देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद हर दल, नेता, सिस्टम जेन-जी से कॉन्टैक्ट, कनेक्ट और डिस्कशन में शामिल होना चाहता है. अचानक से पीएम, सीएम, मंत्री सब रील्स बनाने लगे हैं. देखें...
आज का दंगल देश में शुरू होने जा रहे नए आंदोलन को लेकर है. सितंबर महीने से देश में एक बार फिर सीजेपी का आंदोलन शुरू होने जा रहा है. सीजेपी चीफ अभिजीत दिपके ने कहा है कि क्या बोलती पब्लिक नाम से ये राष्ट्रव्यापी अभियान फिलहाल देश की शिक्षा व्यवस्था, संवैधानिक जिम्मेदारी और बेरोजगारी के तीन बडे मुद्दों पर होगी. देखें दंगल.