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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष: विकसित भारत की सशक्त आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष भारत की क्षमता, संकल्प और उपलब्धियों की नई कहानी लिखने वाले वर्ष रहे हैं. यह कालखंड एक ऐसे भारत के निर्माण का साक्षी बना है जो आत्मविश्वासी है, आत्मनिर्भर है, अपनी संस्कृति पर गर्व करता है और विश्व नेतृत्व की दिशा में अग्रसर है.

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राजस्थान के CM ने कहा कि PM मोदी का सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान है. (Photo: ITG)
राजस्थान के CM ने कहा कि PM मोदी का सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान है. (Photo: ITG)

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों का कालखंड एक युगांतकारी दौर रहा है. यह कालखंड केवल शासन परिवर्तन का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया है. यह अवधि केवल प्रशासनिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने भारत के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैश्विक स्वरूप को नई दिशा और नई पहचान प्रदान की है.

श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2014 में देश की बागडोर संभालते ही "सबका साथ, सबका विकास" का मंत्र दिया था. समय के साथ यह मंत्र "सबका विश्वास" और "सबका प्रयास" तक विस्तारित हुआ और आज विकसित भारत के संकल्प का आधार बन चुका है. उनके नेतृत्व में शासन की प्राथमिकता सत्ता नहीं, बल्कि सेवा बनी है. यही कारण है कि पिछले 12 वर्षों में देश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंची है.

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि उन्होंने विकास को केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जन सरोकारों से जोड़ा. प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था ने सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाया और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया. आज देश का गरीब, किसान, श्रमिक और महिला सम्मानपूर्वक विकास की मुख्यधारा में सहभागी बन रहा है.

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प्रधानमंत्री मोदी जी ने गरीब कल्याण के क्षेत्र में विशेष संवेदनशीलता दिखाई है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों परिवारों को पक्के घर मिले हैं. उज्ज्वला योजना ने माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाई है. आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान किया है. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों तक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई. इन योजनाओं ने सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही करोड़ों लोगों के जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान का संचार किया है.

विगत 12 वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे ऐतिहासिक सुधारों ने देश को एकीकृत आर्थिक बाजार के रूप में स्थापित किया है. "मेक इन इंडिया", "स्टार्टअप इंडिया", "आत्मनिर्भर भारत" और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन जैसी पहल ने भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया है.

भारत को डिजिटल इंडिया अभियान ने तकनीकी क्रांति के अग्रणी देशों में खड़ा कर दिया है. आज यूपीआई के माध्यम से होने वाले डिजिटल भुगतान पूरी दुनिया के लिए उदाहरण बन चुके हैं. गांवों तक इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस की पहुंच ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाया है. यह परिवर्तन सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बना है.

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देश के आधारभूत ढांचे में भी अभूतपूर्व विस्तार हुआ है. आधुनिक राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे, रेलवे का आधुनिकीकरण, वंदे भारत ट्रेनें, नए हवाई अड्डे, बंदरगाह और डिजिटल नेटवर्क भारत की विकास यात्रा के सशक्त प्रतीक बन चुके हैं. जम्मू-कश्मीर का चेनाब रेल पुल, देशभर में विकसित हो रहे आर्थिक गलियारे और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचती आधुनिक सड़कें नए भारत के आत्मविश्वास और क्षमता का परिचय देती हैं. 

प्रधानमंत्री मोदीजी का सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान है. अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग, दिव्यांगजन, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं. महिलाओं को विकास की धुरी बनाते हुए उन्हें आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया गया है. नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है.

श्री नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व में भारत ने अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नई ऊर्जा प्रदान की है. सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारतीय सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है. काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्विकास और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास ने भारत की आध्यात्मिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाई है. प्रधानमंत्री स्वयं भारतीय संस्कृति, योग, अध्यात्म और सनातन मूल्यों के प्रभावी संवाहक के रूप में विश्व मंच पर उभरे हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी जी ने योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है. उनके प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया. यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व का अनूठा उदाहरण है.

राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी ने दृढ़ और निर्णायक नेतृत्व का परिचय दिया है. आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति, सीमाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के प्रयास और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों ने भारत की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाई प्रदान की है. आज भारत केवल अपनी सुरक्षा को लेकर सजग नहीं है, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता का भी महत्वपूर्ण भागीदार बनकर उभरा है.

प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व ने विदेश नीति के क्षेत्र में भारत की प्रतिष्ठा को अभूतपूर्व ऊंचाई प्रदान की है. जी-20 की सफल अध्यक्षता, वैश्विक मंचों पर भारत की प्रभावशाली उपस्थिति और विकासशील देशों की आवाज के रूप में उसकी बढ़ती भूमिका ने भारत को विश्व राजनीति के केंद्र में स्थापित किया है. आज विश्व भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में नहीं, बल्कि समाधान देने वाले राष्ट्र और विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखता है.

राजस्थान को भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का भरपूर लाभ मिला है. सड़क, रेल, जल, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रदेश में क्रियान्वित हुई हैं. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, अमृतसर-जामनगर आर्थिक कॉरिडोर, पश्चिमी समर्पित मालवाहक कॉरिडोर, जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर सहित विभिन्न शहरों में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार तथा रेलवे के विद्युतीकरण और आधुनिकीकरण ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है. राजस्थान को वंदे भारत ट्रेन सेवाओं का लाभ मिला है. पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) से जुड़े राजस्थान-मध्यप्रदेश पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना को केंद्र की स्वीकृति और सहयोग ने पूर्वी राजस्थान के जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में नई आशा जगाई है.

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सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान को देश की अग्रणी ऊर्जा शक्ति बनाने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक निवेश और नीतिगत समर्थन प्रदान किया है. केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से राजस्थान विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है. प्रधानमंत्री का राजस्थान के प्रति विशेष स्नेह और प्रतिबद्धता प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष भारत की क्षमता, संकल्प और उपलब्धियों की नई कहानी लिखने वाले वर्ष रहे हैं. यह कालखंड एक ऐसे भारत के निर्माण का साक्षी बना है जो आत्मविश्वासी है, आत्मनिर्भर है, अपनी संस्कृति पर गर्व करता है और विश्व नेतृत्व की दिशा में अग्रसर है.

मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेगा और विश्व समुदाय के लिए प्रगति, शांति, लोकतंत्र और मानव कल्याण का प्रेरक उदाहरण बनेगा. प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अमृतकाल का यह दौर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला सिद्ध होगा.

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