प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय यात्रा पर 6 जुलाई को इंडोनेशिया गए हैं. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई बड़े समझौते होने वाले हैं.
सूत्रों के अनुसार, भारत इंडोनेशिया को अपना चुनावी मशीनरी मॉडल साझा करेगा. भारत इंडोनेशिया के लिए खास तरह के EVM मशीनें विकसित करने में मदद करेगा.
रक्षा क्षेत्र में बड़ी प्रगति हुई है. भारत की एयर-टू-एयर मिसाइल 'अस्त्र' ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में अच्छा प्रदर्शन किया है. अब इंडोनेशिया भारत से अस्त्र मिसाइलें खरीदने का फैसला कर चुका है. इसके अलावा, ब्रह्मोस मिसाइल की संख्या बढ़ाने के लिए भारत इंडोनेशिया को अतिरिक्त तटीय रक्षा बैटरियां देने जा रहा है.
यह भी पढ़ें: मुंह में जहां जख्म होता है वहीं बार-बार क्यों जाती है जीभ

आर्थिक और खनिज क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ेगा. भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट बनाने के लिए निवेश करेगा. इससे दोनों देशों की सप्लाई चेन मजबूत होगी.
कनेक्टिविटी के मामले में अहम फैसला लिया गया है. भारत और इंडोनेशिया मिलकर साबांग पोर्ट का विकास करेंगे. यह पोर्ट स्ट्रेट ऑफ मलक्का को देखता है. भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से सिर्फ 160 किलोमीटर की दूरी पर है.
यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया के बीच रक्षा, तकनीक, खनिज और संपर्क को और मजबूत बनाने वाली साबित होगी.