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ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 12.33 करोड़ की ठगी, कोलकाता से आरोपी गिरफ्तार

ओडिशा में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 12.33 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने कोलकाता के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और झूठे रिव्यू के जरिए पीड़ित को फंसाया. मामले में कई बैंक खातों के जरिए लेनदेन हुआ और जांच अभी जारी है.

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ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 12.33 करोड़ रुपये की ठगी. (Photo: Representational)
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 12.33 करोड़ रुपये की ठगी. (Photo: Representational)

ओडिशा में ऑनलाइन निवेश के नाम पर हुई बड़ी ठगी के मामले में पुलिस ने पश्चिम बंगाल से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह मामला 12.33 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसे साइबर फ्रॉड का संगठित नेटवर्क अंजाम दे रहा था.

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 36 वर्षीय राहुल जायसवाल के रूप में हुई है, जो कोलकाता का रहने वाला है. यह गिरफ्तारी पीड़ित की शिकायत के आधार पर की गई है. पीड़ित ओडिशा का निवासी है, जिसने एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी बड़ी रकम गंवा दी.

जांच में सामने आया कि ठगों ने पहले पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए उसे फर्जी निवेश टिप्स और बनावटी प्रशंसापत्र भेजे. इसके बाद उसे एक फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया और निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया.

ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा

पुलिस के मुताबिक, 12 अगस्त से 2 सितंबर 2025 के बीच पीड़ित ने 52 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 12.33 करोड़ रुपये नौ अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए. जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने विभिन्न बहाने बनाकर उसे टाल दिया.

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धोखाधड़ी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने 6 सितंबर 2025 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी राहुल जायसवाल के बैंक खाते में 4.15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे. इसके आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि आरोपी एमबीए ग्रेजुएट है और फिलहाल खुद का काम करता है.

कोलकाता से आरोपी राहुल जायसवाल गिरफ्तार

पुलिस अब इस संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है. साथ ही ठगी गई बाकी रकम का पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा.

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