भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है, यह यात्रा 24 जुलाई तक चलेगी. सनातन धर्म में ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा का विशेष और पवित्र महत्व माना जाता है. इस यात्रा के लिए खास सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं.
ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है, ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) ने आज सुबह से भारी भीड़ के बीच फंसे 33 श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया.
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं को तुरंत फर्स्ट ऐड और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, जिसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए पास के अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है. ओडिशा पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी शेयर की है.
वहीं, पुरी में बारिश के बावजूद गुरुवार को भक्तों का हौसला कम नहीं हुआ. गीली सड़कों और बारिश की बौछारों के बीच सुरक्षाकर्मी और आम श्रद्धालु रथों की विशाल रस्सियों को थामने के लिए कतारों में मुस्तैद दिखे.
बता दें, हर साल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाती है. जिसमें शामिल होने देश-दुनिया के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं.
रथ यात्रा, जिसे रथ महोत्सव भी कहा जाता है, भगवान जगन्नाथ से जुड़ा एक हिंदू पर्व है. जो ओडिशा राज्य में श्री क्षेत्र पुरी धाम में आयोजित किया जाता है.
रथ यात्रा पुराने समय से होती आ रही है. इसका विवरण ब्रह्म पुराण, पद्म पुराण और स्कंद पुराण और कपिला संहिता में भी मिलता है. रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ का उत्सव है.