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केरल ही नहीं, भोपाल में भी हो रहा है लव जिहाद और धर्मांतरण : सांसद प्रज्ञा ठाकुर

हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण को लेकर बनी फिल्म द केरला स्टोरी इन दिनों सुर्खियों में है. इसे लेकर विवाद भी हो रहा है और कई लोग इसकी तारीफ भी कर रहे हैं. इस बीच सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने भी फिल्म की कहानी को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि लोगों को इस फिल्म को जरूर देखना चाहिए.

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साध्वी प्रज्ञा ने फिल्म का समर्थन किया और अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखें.
साध्वी प्रज्ञा ने फिल्म का समर्थन किया और अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखें.

भोपाल से सांसद प्रज्ञा ठाकुर लगातार अपने बयानों के चलते सुर्खियों में रहती हैं. प्रज्ञा ठाकुर ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. “द केरला स्टोरी” फिल्म का समर्थन करते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि सिर्फ केरल ही नहीं, बल्कि भोपाल में भी लव जिहाद और धर्मांतरण का काम किया जा रहा है. 

भोपाल सांसद ने कहा कि पाकिस्तान और दूसरे मुस्लिम देशों के साथ मिलकर हमारे देश में छिपे गद्दार हमारे युवक-युवतियों को बरगला कर उनका धर्मांतरण कर रहे हैं. साथ ही उन्हें भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं. 

देखें वीडियो... 

कांग्रेस ने हमेशा आतंकियों का साथ दिया- साध्वी प्रज्ञा 

प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को चुनौती दी. कहा कि अगर हिम्मत है, तो दिग्विजय सिंह और कमलनाथ द केरला स्टोरी फिल्म को देखें. इससे उनका नजरिया बदल जाएगा. प्रज्ञा ठाकुर ने आगे कहा या फिर दिग्विजय और कमलनाथ अपने नेता राहुल गांधी के क्षेत्र में ही चले जाएं, सच्चाई उनके सामने आ जाएगी. 

बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि दिग्विजय सिंह को आतंकियों में भी मासूम बच्चे नजर आते हैं. कांग्रेस ने हमेशा आतंकियों का साथ दिया है. प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि द केरला स्टोरी हमारे देश के युवाओं को जागरूक करने का काम कर रही है और लोगों को यथाशक्ति इस फिल्म को देखना चाहिए.

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धर्मांतरण पर आधारित है फिल्म की कहानी 

द केरला स्टोरी फिल्म में दिखाया गया है कि केरला में आईएसआईएस लड़कियों का धर्मांतरण कैसे कर रह है. फिल्म की कहानी को नकारा इसलिए नहीं जा सकता क्योंकि इस फिल्म में तीन लड़कियों की कहानी को दिखाया गया है. जिस लड़की की कहानी को मेन लीड रोल में दिखाया गया है, वह आज भी अफगानिस्तान के जेल में अपनी बच्ची के साथ कैद है.

इस फिल्म में तीन लड़कियों की कहानी है, जिसमें से एक हिंदू धर्म की है और एक लड़की हिंदू धर्म की है लेकिन उसका और उसके परिवार की विचारधारा कम्युनिस्टवादी है, वहीं तीसरी लड़की क्रिश्चन है. वे केरला के एक नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने के लिए जाती है, जहां पर हॉस्टल में है इन लड़कियों को इस्लाम धर्म के लिए बहलाना फुसलाना का काम शुरू हो जाता है. 

फिल्म में दिखाए लड़कियों को बहकाने के हथकंडे   

इस फिल्म में दिखाया गया है कि इस्लाम धर्म के धर्मगुरु कैसे हिंदू या अन्य मुस्लिम लड़कियों को बरगला कर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं. फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि लड़कियों को बहलाने फुलाने के लिए उनके साथ शारीरिक संबंध बनाना उनका बलात्कार करना उनसे बहला कर निकाह करना, बच्चे पैदा करवाना, उनकी बगैर कपड़ों के वीडियो और फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करना, लड़कियों को इस्लाम धर्म के बारे में अच्छाई बताना और अन्य सभी धर्मों के खिलाफ लोगों को भड़काना आदि है. 

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इतना ही नहीं, इस फिल्म में एक ऐसा सीन है, जिसमें जब लड़कियों का दिमाग पूरी तरीके से डायवर्ट कर देते हैं. ऐसे में वह लड़कियां अपने धर्म की तो दूर, अपने मां बाप की भी नहीं सुनती हैं. आखिर में वह अनजाने षड्यंत्र का शिकार होकर आईएसआईएस संगठन के लिए काम करने लगती हैं. 

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