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पत्थर दिल बेटा और बेबस मोहल्ला... जब तमाशबीन बने रहे लोग, तब डायल 112 के 'हीरोज' ने बचाई एक तड़पते पिता की जान

Panna Police Heroes: पन्ना जिले से मानवीय संवेदनाओं की एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने खाकी का मान बढ़ाया है. पन्ना पुलिस की डायल-112 टीम ने न केवल एक बुजुर्ग को मौत के मुंह से बाहर निकाला, बल्कि उस समय साहस दिखाया जब समाज पीछे हट गया था.

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डायल 112 बनी बेसहारा बुजुर्ग का सहारा.(Photo: Representational)
डायल 112 बनी बेसहारा बुजुर्ग का सहारा.(Photo: Representational)

पन्ना जिले के अजयगढ़ में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना के बीच मध्य प्रदेश पुलिस के दो जवानों ने देवदूत की भूमिका निभाई. शराब के नशे में धुत एक बेटे ने अपने ही लाचार पिता पर पत्थर से जानलेवा हमला कर दिया, लेकिन समय रहते पहुंची डायल-112 की टीम ने बुजुर्ग की जान बचा ली. 
 
घायल का नाम केदारनाथ धुरिया (70) है, जो चलने-फिरने में असमर्थ थे. पारिवारिक विवाद के चलते उनके ही पुत्र ने शराब के नशे में उनके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े.

पुत्र की आक्रामक और अभद्र भाषा के कारण मोहल्ले का कोई भी व्यक्ति उन्हें उठाने या मदद करने आगे नहीं आ रहा था. स्थिति अत्यंत गंभीर और संवेदनशील बनी हुई थी.

रक्षक बनकर आए ये दो जवान

सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरव्ही तत्काल मौके पर पहुंची. कांस्टेबल राजकरण साहू और पायलट संदीप रजक ने मौके की नाजुक स्थिति को भांपते हुए बिना किसी देर के राहत और बचाव कार्य शुरू किया.

गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को दोनों जवानों ने मिलकर सावधानीपूर्वक वाहन में लिटाया और तत्काल अजयगढ़ अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच सकी.

मानवता की मिसाल

मध्यप्रदेश पुलिस की 'डायल 112 हीरोज' सीरीज के तहत इन जवानों के कार्य की सराहना हो रही है. यह घटना सिद्ध करती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि संकट के समय समाज का सबसे मजबूत सहारा भी बनती है.

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