मध्य प्रदेश में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान विधायक बाबूलाल जंडेल के बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के मुद्दे पर आयोजित कार्यक्रम में जंडेल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तीखा हमला बोला और उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.
बताया जा रहा है कि मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म निरस्त होने से नाराज बाबूलाल जंडेल ने मंच से मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कई विवादित टिप्पणियां कीं. उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म निरस्त कराने के पीछे मुख्यमंत्री की भूमिका रही है. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का भी प्रयोग किया.
जंडेल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं को अपनी सीमाएं समझनी चाहिए. साथ ही उन्होंने दिग्विजय सिंह की राजनीतिक भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्हें बड़ा नेता बताया.
विशेष बात यह रही कि जिस समय बाबूलाल जंडेल यह बयान दे रहे थे, उस दौरान मंच पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. इनमें दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत पार्टी के कई विधायक शामिल थे.
अपने भाषण में बाबूलाल जंडेल ने यह भी कहा कि वह कांग्रेस के लिए किसी भी तरह का त्याग और बलिदान देने को तैयार हैं. उन्होंने कांग्रेस विचारधारा और पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
जंडेल के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज होने की संभावना है. कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके वक्तव्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है.