दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान बाजारों में जाम और कारोबार प्रभावित होने का मुद्दा उठाने वाली बीजेपी अब भोपाल में खुद व्यापारियों के सवालों के घेरे में है. 4 नवंबर को बीजेपी की पदयात्रा अटल पथ से न्यू मार्केट चौराहे तक प्रस्तावित है. खास बात यह है कि अगले ही दिन धनतेरस है, जब बाजारों में बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में व्यापारियों को ट्रैफिक जाम और कारोबार प्रभावित होने का डर सता रहा है. कांग्रेस इसे बीजेपी का दोहरा रवैया बता रही है, जबकि कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग का दावा है कि पदयात्रा से बाजार और व्यापार पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
भोपाल में 4 नवंबर को बीजेपी की पदयात्रा अटल पथ से न्यू मार्केट चौराहे तक प्रस्तावित है. इस मार्च की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है.दरअसल, इसके ठीक अगले दिन धनतेरस है, जिसे कारोबार के लिहाज से साल के सबसे अहम दिनों में गिना जाता है.
न्यू मार्केट, जवाहर चौक और भोपाल के मध्य क्षेत्र के बाजारों में धनतेरस पर बड़ी संख्या में ग्राहकों के पहुंचने की उम्मीद है.ऐसे में व्यापारियों को आशंका है कि पदयात्रा के कारण अगर आसपास के रास्तों पर ट्रैफिक जाम हुआ तो ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है. इसका असर त्योहार के कारोबार पर भी पड़ सकता है.
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से भी व्यापारिक गतिविधियों पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई गई है.
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया दोहरे मापदंड का आरोप
व्यापारियों की चिंता को कांग्रेस ने राजनीतिक मुद्दा बना लिया है.कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है.
उनका सवाल है कि दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शनों के दौरान बाजारों में जाम और व्यापारियों को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाने वाली बीजेपी अब भोपाल में त्योहार से ठीक पहले मुख्य बाजार की ओर पदयात्रा क्यों निकाल रही है?
कांग्रेस का कहना है कि जब किसी दूसरे दल के प्रदर्शन से बाजार प्रभावित होने की आशंका जताई जाती है, तो बीजेपी को भी अपने कार्यक्रम की तारीख और जगह तय करते समय व्यापारियों की परेशानी का ध्यान रखना चाहिए.
विश्वास सारंग बोले- कारोबार पर नहीं पड़ेगा असर
कांग्रेस के आरोपों पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है. उन्होंने इन आशंकाओं को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पदयात्रा का स्थान और समय इस तरह तय किया गया है कि व्यापारियों और ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.
सारंग ने कांग्रेस के आरोपों को दिल्ली में उसकी रैली के फ्लॉप होने की खीज बताया. बीजेपी का दावा है कि पदयात्रा से बाजार और कारोबार प्रभावित नहीं होंगे.
4 नवंबर को तय होगा पदयात्रा का असर
दिल्ली में बाजारों के जाम को लेकर बीजेपी के सवाल और अब भोपाल में उसकी पदयात्रा पर कांग्रेस के पलटवार ने सियासी बहस तेज कर दी है. एक तरफ बीजेपी का दावा है कि व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रहेंगी, तो दूसरी तरफ व्यापारियों को धनतेरस से ठीक पहले ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने का डर है.
अब नजर 4 नवंबर की पदयात्रा पर रहेगी.सवाल यही है कि क्या बीजेपी का यह कार्यक्रम बाजारों की रौनक और त्योहार की खरीदारी पर असर डालेगा या फिर विवाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रहेगा.