गर्भावस्था की शुरुआत से ही महिलाओं के शरीर में कई तरह के परिवर्तन होना शुरू हो जाते हैं. ये परिवर्तन न केवल शारीरिक होते हैं बल्कि गर्भवती को कई मानसिक बदलावों से भी गुजरना पड़ता है.
अमूमन महिलाएं गर्भावस्था तक अपना पूरा ध्यान रखती हैं लेकिन डिलीवरी हो जाने के बाद वो खुद को लेकर थोड़ी लापरवाह हो जाती हैं. उनकी लापरवाही का सबसे अधिक असर उनके वजन पर दिखाई पड़ता है. हालांकि
1. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के खाने-पीने की मात्रा में काफी इजाफा हो जाता है. उन्हें अपने साथ-साथ बच्चे के पोषण का भी ख्याल रखना होता है. जिसकी वजह से उनका कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है. वजन बढ़ने की ये सबसे प्राथमिक वजह होती है.
2. ये वो समय होता है जब जो उन्हें हेल्दी बनता है. पर हेल्दी खाने के साथ ही वो भरपूर नींद भी लेती हैं और शारीरिक क्रियाएं कम करती हैं. ऐसे में वजन बढ़ना तो तय ही है.
3. गर्भवती महिला तरह-तरह के बदलावों से गुजरती है और इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है कि उसे तनाव नहीं होता होगा. कई शोधों में ये साबित हो चुका है कि तनाव से वजन बढ़ता है. ऐसे में तनाव लेना और हर वक्त सोच में डूबा रहना भी गर्भवती महिलाओं के वजन बढ़ने का प्रमुख कारण होता है.
4. हाइपोथायरॉयड के कारण भी गर्भवती महिलाओं में मोटापा आ जाता है. साथ ही इस दौरान उन्हें कई तरह की दवाइयों का सेवन करना पड़ता है जिसके चलते भी उनका शरीर प्रभावित होता है.