घर में सबसे ज्यादा कीटाणु और गंदगी बाथरूम और टॉयलेट में जमा होती है. यही वजह है कि ज्यादातर लोग इसे साफ-सुथरा रखने के लिए तरह-तरह के घरेलू नुस्खे और क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं. इसके साथ ही कुछ लोग घरेलू नुस्खों का भी इस्तेमाल करते हैं. ये नुस्खे अक्सर तो टॉयलेट सीट को साफ करने के लिए असरदार होते हैं, लेकिन कई बार गलती बन जाते हैं. जी हां, सफाई के नाम पर की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां आपके टॉयलेट को अंदर से नुकसान पहुंचा सकती हैं?
कई लोग टॉयलेट जाम होने पर उसमें खौलता हुआ पानी डाल देते हैं, तो कुछ जिद्दी दाग हटाने के लिए बहुत तेज केमिकल्स या खुरदरे स्क्रबर का इस्तेमाल करने लगते हैं. उस समय तो ये तरीके असरदार लगते हैं, लेकिन ये टॉयलेट की चमक, मजबूती और पाइपलाइन तीनों पर बुरा असर डाल सकते हैं. प्लंबिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टॉयलेट की सफाई करते समय कुछ चीजों से खास तौर पर बचना चाहिए. आज हम आपको ऐसी 5 गलतियों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें टॉयलेट की सफाई करते वक्त भूलकर भी नहीं करना चाहिए.
1. टॉयलेट में खौलता हुआ पानी न डालें: कई लोग सोचते हैं कि गर्म पानी डालने से टॉयलेट की ब्लॉकेज जल्दी खुल जाएगी. लेकिन ये तरीका काम करने के बजाय उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है. दरअसल, टॉयलेट का पॉट पोर्सिलेन से बना होता है. जब उसमें अचानक बहुत ज्यादा गर्म पानी डाला जाता है, तो टेंपरेचर में तेजी से बदलाव होने के कारण उसमें दरार पड़ सकती है. कुछ मामलों में तो टूट भी सकता है. इसलिए टॉयलेट की ब्लॉकेज को साफ करने के लिए प्लंजर या नॉर्मल पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए.
2. फ्लश टैंक में क्लीनिंग टैबलेट्स डालने से बचें: बाजार में मिलने वाली कई फ्लश टैबलेट्स पानी को नीला या खुशबूदार बनाती हैं, लेकिन ये टॉयलेट सीट की शेल्फ लाइफ को कम कर सकती हैं. इन टैबलेट्स में मौजूद केमिकल्स फ्लश टैंक के अंदर लगे रबर और प्लास्टिक के हिस्सों को धीरे-धीरे खराब करने लगते हैं. इससे पानी लगातार रिसने लगता है और बाद में इन्हें रिपेयर कराने के लिए एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने पड़ते हैं.
3. जरूरत से ज्यादा ब्लीच और तेज केमिकल्स का इस्तेमाल न करें: ब्लीच टॉयलेट सीट पर इक्ट्ठा होने वाली कीटाणुओं को खत्म करने में मदद करती है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर ब्लीच को लंबे समय तक टॉयलेट में छोड़ दिया जाए, तो ये उसकी चमकदार परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके बाद टॉयलेट पर दाग जल्दी जमने लगते हैं और सफाई करना पहले से ज्यादा मुश्किल हो जाता है.
4. लोहे का जूना या स्क्रबर इस्तेमाल न करें: जिद्दी दाग हटाने के लिए कई लोग स्टील वाला जूना या खुरदरे स्क्रबर का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन ऐसा करने से टॉयलेट सीट पर खरोंचें पड़ जाती हैं. इन खरोंचों में गंदगी और बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं, जिससे टॉयलेट जल्दी गंदा दिखाई देने लगता है. इसलिए हमेशा सॉफ्ट ब्रश या मुलायम स्क्रबर का इस्तेमाल करें.
5. दो अलग-अलग केमिकल्स को मिलाने की गलती न करें: कुछ लोग ज्यादा असरदार सफाई के लिए अलग-अलग क्लीनिंग प्रोडक्ट्स को मिलाकर इस्तेमाल करते हैं. ये आदत आपकी मुश्किल बढ़ा सकती है. खासकर ब्लीच और अमोनिया वाले प्रोडक्ट्स को मिलाने पर जहरीली गैस बन सकती है, जो आंखों और सांस की नली को नुकसान पहुंचा सकती है.