Why Plastic Stool Have Hole In Center: जब भी आप बाजार से प्लास्टिक का स्टूल खरीदने जाते हैं, तो उसके बहुत सारे रंग और डिजाइन मिल जाते हैं. लेकिन एक चीज सभी में बिल्कुल सेम होती है और वो स्टूल के बीच का छेद होता है. आप किसी भी ब्रांड या किसी भी रंग का स्टूल खरीद लें उनके बीच में एक छेद जरूर होता है. क्या आपने कभी गौर किया है कि इसकी सीट के ठीक बीच में एक गोल छेद क्यों बनाया जाता है? पहली नजर में ये महज डिजाइन का हिस्सा लगता है. कुछ लोगों को लगता है कि इससे स्टूल हल्का हो जाता है, तो कुछ इसे सिर्फ पकड़ने के लिए बनाया गया हैंडल समझते हैं. लेकिन असल में इस छोटे से छेद के पीछे एक नहीं, बल्कि कई वजहे हैं.
ये छेद स्टूल को सिर्फ उठाने में मदद नहीं करता, बल्कि इसके पीछे कई वजहे हैं. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर प्लास्टिक के स्टूल के बीच में आखिर ये छेद क्यों होता है. चलिए जानते हैं.
एक के ऊपर एक रखने में आता है काम
प्लास्टिक के स्टूल को अक्सर एक-दूसरे के ऊपर रखकर स्टोर किया जाता है. इससे कम जगह में कई स्टूल आसानी से रखे जा सकते हैं. लेकिन जब प्लास्टिक का सरफेस आपस में बिल्कुल चिपक जाता है, तो उनके बीच हवा फंस सकती है और उन्हें अलग करना मुश्किल हो सकता है.
बीच में बना छेद हवा को रास्ता देता है. इससे स्टूल के बीच वैक्यूम जैसा असर बनने के चांस कम होते हैं और उन्हें एक-दूसरे से अलग करना आसान रहता है. खासकर घरों, दुकानों, स्कूलों या किसी इवेंट में जब कई स्टूल एक साथ इस्तेमाल होते हैं, तब ये डिजाइन काफी काम आता है.
स्टूल उठाने के लिए भी है आसान पकड़
आपने भी कभी ना कभी स्टूल को उसके बीच वाले छेद से उठाया होगा. यही इसका एक और इस्तेमाल है. इस छेद में उंगलियां डालकर स्टूल को आसानी से उठाया और दूसरी जगह ले जाया जा सकता है. क्योंकि पकड़ लगभग बीच में होती है, इसलिए स्टूल को उठाते समय उसका बैलेंस भी बना रहता है. किनारे से पकड़ने के मुकाबले कई बार इसे इस तरह उठाना ज्यादा आसान होता है.
पानी जमा होने से भी बचाता है
प्लास्टिक के स्टूल का इस्तेमाल सिर्फ कमरे में नहीं होता. इसे बाथरूम, बालकनी, छत, आंगन या बाहर भी रखा जाता है. ऐसे में बारिश या सफाई के दौरान सीट पर पानी जमा हो सकता है. बीच का छेद पानी को निकलने का रास्ता देता है. इससे सीट पर लंबे समय तक पानी जमा नहीं रहता और स्टूल गीला या फिसलन भरा होने की परेशानी कम होती है.
कम प्लास्टिक में तैयार होता है स्टूल
इस छोटे से छेद का संबंध स्टूल की कीमत और वजन से भी है. प्लास्टिक के कई स्टूल मोल्डिंग प्रोसेस से बनाए जाते हैं. ऐसे में डिजाइन में जहां जरूरत नहीं होती, वहां एक्स्ट्रा प्लास्टिक हटाने से इस्तेमाल होने वाले मटेरियल की मात्रा कम की जा सकती है. इससे स्टूल का वजन कम रखने और बड़े लेवल पर प्रोडक्शन की लागत को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. यानी एक छोटा-सा छेद निर्माता के लिए भी फायदा दे सकता है.
प्लास्टिक पर पड़ने वाले दबाव को संभालने में करता है मदद
स्टूल की सीट पर बैठने के दौरान शरीर का वजन एक खास हिस्से पर दबाव डालता है. सीट की डिजाइन में गोल छेद रखने से आसपास का मटेरियल अलग तरह से लोड को संभालता है. खास बात ये है कि गोल छेद में नुकीले कोने नहीं होते. नुकीले कोनों पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है, जिससे वहां दरार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.
मोल्डिंग के दौरान भी है फायदा
प्लास्टिक की चीजें बनाते समय गर्म प्लास्टिक को मोल्ड में शेप दी जाती है और फिर उसे ठंडा किया जाता है. अगर किसी हिस्से में प्लास्टिक बहुत मोटा हो, तो वो बाकी हिस्सों की तुलना में अलग गति से ठंडा हो सकता है. इससे शेप बिगड़ने या दूसरी मैन्युफैक्चरिंग दिक्कतें हो सकती हैं. बीच में थोड़ी खाली जगह रखने से प्लास्टिक की मोटाई एक जैसी रखना और उसे सही तरीके से ठंडा करना आसान हो जाता है.