सुबह की शुरुआत हो या शाम की थकान... एक कप कड़क चाय की हर किसी को तलब होती है. लेकिन चाय का लुत्फ उठाने के बाद जो चीज सबसे ज्यादा बेकार लगती है, वो है बची हुई चाय पत्ती. ज्यादातर लोग इसे बिना सोचे-समझे डस्टबिन या सिंक में बहा देते हैं. होम-केयर एक्सपर्ट्स की मानें तो चाय पत्ती में कई ऐसे प्राकृतिक गुण और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो बेहतरीन क्लीनिंग एजेंट और कंडीशनर का काम करते हैं.
बाजार के महंगे और केमिकल वाले क्लीनर पर पैसे खर्च करने के बजाय आप बची हुई चाय पत्ती से घर के शीशे, लकड़ी के फर्नीचर और गंदे बर्तनों को बिल्कुल नए जैसा चमका सकते हैं.
बची हुई चाय पत्ती के इस्तेमाल
यहां हम आपको बची हुई चाय पत्ती को दोबारा इस्तेमाल करने के असरदार और आसान तरीके बता रहे हैं जिन्हें जानने के बाद आप भी इसे फेंकने से पहले दोबारा जरूर सोचेंगे.
पौधों में करें इस्तेमाल: चाय पत्ती में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम भरपूर होता है जो पौधों खासकर गुलाब, मनी प्लांट और तुलसी के लिए बेहतरीन खाद है. धोकर सुखाई हुई चाय पत्ती को सीधे पौधों की मिट्टी में मिलाकर गोड़ाई कर दें. पौधे फूलों से भर जाएंगे.
शीशे और कांच के बर्तनों को चमकाएं: बची हुई चाय पत्ती को थोड़े से पानी में दोबारा उबाल लें. इस पानी को छानकर एक स्प्रे बोतल में भर लें. इससे खिड़कियों के कांच, ड्रेसिंग टेबल का शीशा या क्रॉकरी साफ करें. सब कुछ शीशे की तरह चमक उठेगा.
लकड़ी के फर्नीचर की पॉलिश में मददगार: चाय पत्ती के उबले हुए पानी को हल्का गुनगुना रखें और एक साफ सूती कपड़े को इसमें भिगोकर लकड़ी के टेबल, सोफे या अलमारी को पोंछें. यह लकड़ी के फीके पड़े रंग को एकदम चमकदार और नया लुक देता है.
सिंक और डिब्बों की जिद्दी बदबू मिटाएं: नॉन-वेज, प्याज या लहसुन वाले बर्तनों और प्लास्टिक के डिब्बों से आने वाली महक को दूर करने के लिए बची हुई चाय पत्ती को उसमें रगड़कर 2 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर धो लें. सारी बदबू गायब हो जाएगी.
मक्खी-मच्छरों को भगाएं: अगर घर में मक्खी-मच्छर ज्यादा आते हैं, तो धोकर सुखाई हुई चाय पत्ती को थोड़ा सा जलाकर उसका धुआं पूरे घर में दिखाएं. इसकी गंध से कीड़े-मकोड़े तुरंत भाग जाते हैं.
सबसे जरूरी स्टेप: बची हुई चाय पत्ती को इस्तेमाल करने से पहले उसे पानी से 2-3 बार अच्छी तरह धो लें ताकि उसमें से दूध और चीनी का अंश पूरी तरह निकल जाए. अगर चीनी रह गई तो घर में चींटियां आ सकती हैं. धोने के बाद इसे सुखा लें.