झमाझम बारिश का मौसम हो और शाम की चाय के साथ गरमा-गरम, खस्ता कचौड़ियां मिल जाएं, तो दिन बन जाता है. वैसे तो कचौड़ियां कई तरह की बनती हैं, लेकिन आलू की कचौड़ी का स्वाद हर किसी का ऑल-टाइम फेवरेट होता है. अक्सर घर पर कचौड़ी बनाते समय शिकायत रहती है कि वे तेल में जाते ही फट जाती हैं या फिर पूड़ियों की तरह सॉफ्ट हो जाती हैं.
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. खास कुकिंग टिप्स और ट्रिक्स के साथ बनाई गई ये आलू की कचौड़ियां न तो तेल में टूटेंगी और न ही फूटेंगी. इनका हर एक बाइट बेहद कुरकुरा, मसालेदार और गुब्बारे की तरह फूला हुआ बनेगा.
सामग्री:
आटे के लिए: गेहूं का आटा - 2 कप, अजवाइन - ½ छोटा चम्मच, नमक - ½ छोटा चम्मच, मोयन के लिए तेल/घी - 3-4 बड़े चम्मच, पानी - आवश्यकतानुसार.
स्टफिंग के लिए: उबले और ठंडे आलू - 4 (कद्दूकस किए हुए), हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी), अदरक - 1 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया), बारीक कटा हरा धनिया.
मसाले: भुना बेसन - 1 बड़ा चम्मच, सौंफ पाउडर - 1 छोटा चम्मच, धनिया पाउडर - 1 चम्मच, लाल मिर्च पाउडर - 1 चम्मच, अमचूर पाउडर - 1 छोटा चम्मच, गरम मसाला - ½ छोटा चम्मच, हींग - ¼ छोटा चम्मच, नमक - स्वादानुसार, तेल - तलने के लिए.
बनाने की विधि:
एक परात में आटा, नमक, अजवाइन और मोयन के लिए तेल डालकर हाथों से अच्छी तरह रगड़ें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक नरम और लचीला आटा गूंथ लें. कपड़े से ढककर 20 मिनट के लिए रख दें.
एक पैन में 1 चम्मच तेल गर्म करें. इसमें हींग, अदरक और हरी मिर्च डालकर भूनें. अब सभी सूखे मसाले, भुना बेसन और कद्दूकस किए आलू डालें. स्वादानुसार नमक और अमचूर मिलाकर 2 मिनट भूनें. आखिर में हरा धनिया डालकर मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें.
आटे की मध्यम आकार की लोई तोड़ें. इसे कटोरी का आकार देते हुए किनारों से पतला और बीच से मोटा रखें. बीच में आलू का मसाला रखें और किनारों को ऊपर लाते हुए पोटली की तरह बंद कर दें. अतिरिक्त आटा हटा दें.
लोई को हाथों से दबाकर फैलाएं. फिर बेलन की मदद से बिल्कुल हल्के हाथों से थोड़ा सा बेल लें. ज्यादा दबाव न डालें.
कढ़ाई में तेल मध्यम गर्म करें. आंच को धीमा रखें और कचौड़ियां तेल में डालें. जब कचौड़ी अपने आप तैरकर ऊपर आ जाए, तो आंच को मध्यम करें और पलट-पलट कर दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तल लें. गरमा-गरम खस्ता आलू कचौड़ी तैयार है.
कचौड़ी को फटने से बचाने और खस्ता बनाने के टिप्स
कचौड़ी फटने का सबसे बड़ा कारण होता है गीली या गर्म स्टफिंग. आलू उबालने के बाद उन्हें पूरी तरह ठंडा होने दें, फिर कद्दूकस करें. गरम आलू में नमक मिलाने से वह पानी छोड़ देता है, जिससे स्टफिंग गीली हो जाती है.
कचौड़ी का आटा हमेशा पूरी के आटे से थोड़ा नरम गूंथना चाहिए. अगर आटा सख्त होगा, तो स्टफिंग भरते समय बेलने पर कचौड़ी किनारों से फट जाएगी. आटा गूंथने के बाद इसे 20 मिनट का रेस्ट जरूर दें.
आलू के मसाले में थोड़ा सा भुना हुआ बेसन या पोहे का पाउडर मिला दें. यह आलू के एक्स्ट्रा मॉइस्चर को सोख लेता है, जिससे कचौड़ी बेलते समय मसाला बाहर नहीं आता.
कचौड़ी को कभी भी बहुत तेज गर्म तेल में न डालें. तेल मध्यम गर्म होना चाहिए. कचौड़ियों को धीमी से मध्यम आंच पर धीरे-धीरे सिकने दें, इससे वे अंदर तक पकेंगी और लंबे समय तक खस्ता बनी रहेंगी.