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बनावटी बातचीत से चिढ़ती है Gen Z, सोशल स्किल्स में कमजोर नहीं बस दिखावे से रहती है दूर

जेन जी को अक्सर सोशल स्किल्स में कमजोर और बातचीत में अजीब बताया जाता है. लेकिन सोशल मीडिया पर एक अलग राय सामने आई है. क्या जेन जी को लोगों से बात करने में दिक्कत है या फिर वो सिर्फ बनावटी बातचीत से बचती है? ऑफिस की फॉर्मैलिटी वाली बातचीत से लेकर छोटी-मोटी बातों तक, क्या जेन जी के लिए सोशल होने का तरीका बदल गया है?

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genz not bad at social skills but bad at fake social interactions
genz not bad at social skills but bad at fake social interactions

जेन जी को लेकर अक्सर कहा जाता है कि उन्हें लोगों से बातचीत करना नहीं आता. छोटी-मोटी बातचीत, अनजान लोगों से बात करना या ऑफिस में कलीग्स के साथ घुलना-मिलना उनके लिए मुश्किल होता है. लेकिन क्या वाकई जेन जी के सोशल स्किल्स कमजोर हैं? सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक चर्चा इस सवाल को एक अलग नजरिए से देखती है. इसके मुताबिक, हो सकता है कि जेन जी को लोगों से बात करने में नहीं, बल्कि बनावटी बातचीत करने में परेशानी होती हो.

जेन जी को क्यों पसंद नहीं आती फॉर्मैलिटी वाली बातचीत?

रेडिट पर एक यूजर ने लिखा कि जेन जी सोशल स्किल्स में खराब नहीं है, बल्कि उसे 'फेक सोशल इंटरैक्शन' यानी बनावटी सामाजिक बातचीत पसंद नहीं है. यूजर के मुताबिक, पुराने ऑफिस कल्चर में लोगों से एक खास तरह से बात करने की उम्मीद की जाती है. बॉस के सामने अपनी असली राय न रखना, सिर्फ फॉर्मैलिटी के लिए बातचीत करना और हर बात पर शांत दिखने की कोशिश करना इसी का हिस्सा है.

यूजर का मानना है कि जेन जी ऐसी बातचीत को आसानी से स्वीकार नहीं करती. उसके लिए अगर किसी से बात करने का कोई असली कारण नहीं है, तो सिर्फ सोशल लाइफ में रहकर फॉर्मैलिटी निभाने के लिए बातचीत करना थकाने वाला हो सकता है.

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ऑनलाइन बातों में ज्यादा सहज क्यों?

दिलचस्प बात ये है कि जेन जी को सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने में अकसर कोई परेशानी नहीं होती. मीम्स, पोस्ट, वीडियो और चैट के जरिए ये पीढ़ी अपनी राय खुलकर रखती है. किसी मुद्दे पर अपनी बात कहनी हो या किसी चीज पर मजाक करना हो, ऑनलाइन बातचीत का तरीका उन्हें ज्यादा आसान लग सकता है.

लेकिन यही व्यक्ति ऑफिस में किसी बड़े अधिकारी से पहली बार मिलने, किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत शुरू करने या किसी कार्यक्रम में छोटी-मोटी बातें करने में ऑकवर्ड हो सकता है. यानी प्रॉबलम बातचीत करने की क्षमता से ज्यादा बातचीत के माहौल और तरीके की हो सकती है.

लेकिन दूसरी राय भी है

रेडिट की इसी चर्चा में कुछ लोगों ने इस सोच से असहमति भी जताई. एक यूजर ने कहा कि छोटी-मोटी औपचारिक बातचीत भी सोशल स्किल्स का हिस्सा है. उनके मुताबिक, हर बातचीत का पूरी तरह असली या गहरा होना जरूरी नहीं है. लोगों के साथ ठीक तरह से पेश आना और अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना भी एक जरूरी कौशल है.

इसलिए जेन जी को सिर्फ 'सोशल स्किल्स में खराब' कहना शायद पूरी पिक्चर नहीं बताता. हो सकता है कि जेन जी बातचीत के पुराने तरीकों से असहज हो, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उसे लोगों से जुड़ना नहीं आता. असली सवाल शायद ये है कि क्या जेन जी को सोशल होने में दिक्कत है, या वो सोशल होने के पुराने तरीके बदलना चाहती है?

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